होशियारपुर के टांडा रोड स्थित ऑटोमोटिव ड्राइविंग टेस्ट सेंटर में भीषण आग लग गई। इस घटना में सेंटर का पूरा रिकॉर्ड जलकर खाक हो गया। यह वही ड्राइविंग टेस्ट सेंटर है जो पहले भी विवादों में रहा है। आग लगने का प्रारंभिक कारण शॉर्ट-सर्किट बताया जा रहा है। हालांकि, घटना रविवार को हुई जब कार्यालय में कोई मौजूद नहीं था और न ही कोई सुरक्षाकर्मी तैनात था। इस स्थिति ने आरटीओ कार्यालय को एक बार फिर संदेह के घेरे में ला दिया है। डेटा और लाइसेंस प्रक्रिया में देरी की आशंका आगजनी से आम जनता को कई समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है। जिन आवेदकों ने ड्राइविंग टेस्ट दिए हैं और जिनके लाइसेंस अभी तक जारी नहीं हुए हैं, उनके डेटा और लाइसेंस प्रक्रिया में देरी होने की आशंका है। वरिष्ठ सहायक कुलदीप सिंह ने बताया कि आग लगने के कारणों का अभी तक पता नहीं चल पाया है। उन्होंने कहा कि घटना की सूचना मिलते ही उन्होंने तुरंत पुलिस और दमकल विभाग को सूचित किया था। दमकलकर्मी की तीन गाड़ियों ने आग पर पाया काबू सूचना मिलने पर दमकलकर्मी मौके पर पहुंचे और तीन गाड़ियों की मदद से आग पर काबू पाया। मौके पर मौजूद पुलिस अधिकारियों ने बताया कि मामले की जांच शुरू कर दी गई है और नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। इस संबंध में अभी जांच चल रही है।