₹590 करोड़ के IDFC बैंक-घोटाले की CBI जांच होगी:हरियाणा सरकार का केंद्र को पत्र, कई IAS अफसर रडार पर; FD की रकम गबन की थी

हरियाणा में तीन प्राइवेट बैंकों में 750 करोड़ रुपए को फ्रॉड सामने आने के बाद अब सेंट्रल ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन (CBI) से कराने की तैयारी है। हरियाणा सरकार ने इसके लिए केंद्रीय गृह मंत्रालय को लेटर लिखा है। पहले चरण में IDFC फर्स्ट बैंक की जांच होगी। जिसमें 18 सरकारी विभागों के साथ 590 करोड़ रुपए का घोटाला हुआ। इनके अलावा एयू स्मॉल फाइनेंस बैंक और कोटक महिंद्रा बैंक में भी फ्रॉड सामने आया है। हालांकि, हरियाणा सरकार के खाते में पूरे 590 करोड़ रुपए वापस आ चुके हैं, लेकिन मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने मामले में सख्त रुख अपनाया है। अभी तक मामले की जांच का एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) कर रही है। कई IAS अफसरों की भूमिका संदेह के घेरे में है। ED कर चुकी 19 जगह छापेमारी एसीबी इस मामले में बैंक कर्मियों सहित ज्वैलर्स और हरियाणा सरकार के दो वित्त अधिकारियों को गिरफ्तार कर चुकी है। पिछले दिनों इस घोटाले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की भी एंट्री हो चुकी है। ईडी की ओर से 19 ठिकानों पर छापामारी भी गई थी। फिलहाल, सीबीआई जांच की आशंका से हरियाणा सरकार के कई वरिष्ठ आईएएस अफसरों की नींद उड़ गई है, क्योंकि अभी तक सिर्फ छोटे अफसर ही इस शिकंजे में आए हैं। चर्चा है कि मामले में करीब आधा दर्जन आईएएस अफसरों की भूमिका संदिग्ध मिली है जो सरकारी एजेंसियों के रडार पर हैं। अब सिलसिलेवार जानिए IDFC बैंक घोटाले के बारे में… अधिकारियों ने एफडी में निवेश की दी मंजूरी हरियाणा राज्य कृषि विपणन बोर्ड के कार्यालय में तैनात राजेश सांगवान (नियंत्रक वित्त एवं लेखा) तथा हरियाणा विद्यालय शिक्षा परियोजना परिषद में तैनात रणधीर सिंह (नियंत्रक वित्त एवं लेखा) की भूमिका संदिग्ध पाई गई। सरकारी कर्मियों के द्वारा फ्रॉड में शामिल होने व रिश्वत की रकम स्वीकार किए जाने के फैक्ट सामने आने पर एसीबी ने केस में 7 पीसी एक्ट की धारा भी जोड़ी। दोनों ने बैंक मैनेजर को पहले तो विभागों का पैसा एफडी में निवेश करने की इजाजत दी। फिर रकम को एफडी में जमा करने के बजाय शेल कंपनियों में डायवर्ट कर दिया। वहीं, सावन ज्वेलर के मालिक राजन और अंकुर शर्मा को गिरफ्तार किया गया था। दो अकाउंट अफसर जेल में अभी तक पंचायत विभाग के सुपरिडेंट व दो अकाउंट अफसर की गिरफ्तारी हो चुकी है। जिन्होंने फ्रॉड में साथ देने के लिए रिश्वत की रकम ली है। जांच में सामने आया है कि सावन ज्वेलर्स के मालिक राजन के द्वारा आरोपियों के लिए कैश कन्वर्जन का काम किया गया और इसके लिए मोटा कमीशन लिया गया। अब जानिए कोटक-महिंद्रा और एयू स्मॉल बैंक घोटाले के बारे में… —————- यह भी पढ़ें- हरियाणा बैंक फ्रॉड के आरोपियों की थाईलैंड में मस्ती, VIDEO:सरकारी अफसर-चंडीगढ़ के बैंक मैनेजर रशियन गर्ल्स संग ड्रिंक कर रहे, यॉट पर पोल डांस हरियाणा के सरकारी विभागों के 590 करोड़ रुपए फ्रॉड का आरोपी बैंक मैनेजर रिभव ऋषि की वीडियो सामने आई है। जिसमें वो सरकारी विभागों के अफसरों को विदेश में मस्ती करवाते दिख रहा है। आईलैंड पर ले जाकर यॉट पर रशियन लड़कियों के साथ प्राइवेट पार्टी चल रही है। पढ़ें पूरी खबर…

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