पठानकोट| ट्रेड यूनियनों की संयुक्त मीटिंग गांधी चौक स्थित सीआईटीयू ऑफिस में मुख्तियार सिंह की अध्यक्षता में हुई। इसमें सीआईटीयू, आईएफटीयू, सीटीयू पंजाब, एटक के नेताओं ने हिस्सा लिया। बैठक में मांगों के समर्थन और मजदूर विरोधी कानून के खिलाफ 12 फरवरी को पूरे भारत में मजदूरों की हड़ताल में हिस्सा लेने का फैसला किया गया। हड़ताल के बाद मजदूर रेलवे स्टेशन सिटी पठानकोट के फुहारा चौक पर इकट्ठा होंगे और रैली की जाएगी। इसके बाद शहर के बाजारों में मार्च निकाला जाएगा। बिक्रमजीत, सुरिंदर सहगल, राजेश जसरोटिया, शिव कुमार, इकबाल सिंह, रामविलास, कुलदीप राज, विजय कुमार, राम लाल, गुरमीत सिंह ने कहा कि केंद्र सरकार लगातार मजदूर विरोधी कानून बना रही है जो कि कारपोरेट घरानों के हक में हैं। केंद्र सरकार ने 29 लेबर कानूनों की जगह 4 कोड बनाए हैं जोकि मजदूरों की सैलरी, नौकरी और सर्विस की शर्तों की रक्षा नहीं करते। इससे मजदूरों के लिए यूनियन बनाना नामुमकिन हो जाएगा और उन्हें अपनी मांगें मनवाने के लिए हड़ताल करने का हक भी छीन लिया जाएगा। उन्होंने कहा कि लेबर कोड मालिक को नौकरी छीनने का हक देता है। इससे पक्की नौकरी की जगह कांट्रैक्ट सिस्टम शुरू हो जाएगा। उन्होंने मांग की कि पब्लिक सेक्टर का प्राइवेटाइजेशन रोका जाए और कम से कम 26 हजार रुपए की सैलरी पक्की की जाए, पुरानी पेंशन लागू की जाए, बिजली बिल 2025 और बीज बिल 2025 रद्द किए जाएं। मनरेगा का नाम बदलकर मजदूरों के रोजगार की गारंटी छीनी जा रही है। उन्होंने कहा कि बजट में मजदूरों के लिए कुछ नहीं है।