वित्त मंत्री बिजेंद्र प्रसाद यादव ने मंगलवार को नई सरकार का पहला बजट पेश किया। जो पिछली बार से सिर्फ 30 हजार करोड़ ज्यादा है। मतलब 3.47 लाख करोड़ रुपए का बजट। 13 करोड़ की आबादी का भविष्य तय करने वाले बजट को मंत्री ने सिर्फ 12 मिनट में पढ़ दिया। ना कोई नया ऐलान और ना कोई सुधारात्मक कदम उठाए गए। बजट का 60% हिस्सा यानी 1.56 लाख करोड़ रुपए सैलरी-पेंशन और ब्याज पर खर्च होंगे। बाकी के बचे 1.52 लाख करोड़ में सारा काम होगा। चुनाव में जीत के बाद निवेश लाने का दावा करने वाली सरकार ने उद्योग और निवेश से जुड़े विभागों का बजट 1 प्रतिशत से भी कम कर दिया है। इस बार सबसे अधिक एजुकेशन पर 68 हजार करोड़ करने का प्रावधान किया गया है। वहीं, 5 साल में एक करोड़ युवाओं को रोजगार के अवसर उपलब्ध कराए जाएंगे। बिहार में 5 नए एक्सप्रेस-वे बनेंगे और प्रदेश के सभी सिंगल लेन वाली सड़कें डबल होंगी। बिहार को टैक्स से 65 हजार 800 करोड़ रुपए प्राप्ति का अनुमान है। इसमें वाणिज्य कर से 50 हजार करोड़, स्टांप एवं निबंधन शुल्क से 10 हजार करोड़, परिवहन कर से 5 हजार करोड़ और भू-राजस्व मद से 800 करोड़ रुपए का आंकलन है। किसानों को सालाना 6000 की जगह 9000 मिलेंगे नीतीश सरकार ने बिहार में किसान सम्मान निधि योजना की राशि डेढ़ गुना कर दी है। सरकार ने जननायक कर्पूरी ठाकुर किसान सम्मान निधि योजना की शुरुआत की है। इसके तहत किसानों को हर साल में 3000 रुपए मिलेंगे। यह राशि पीएम किसान सम्मान निधि की मौजूदा राशि के साथ ही डीबीटी के माध्यम से किसानों के खाते में सीधे ट्रांसफर की जाएगी। वित्त मंत्री बिजेंद्र यादव ने कहा, ‘पिछले कुछ सालों में बजट का आकार बढ़ा है। ज्ञान, ईमान, विज्ञान, अरमान और सम्मान से बिहार तेजी से आगे बढ़ेगा। ‘सबका सम्मान-जीवन आसान’ की दिशा में सरकार काम कर रही है।’ 2025-26 में बिहार की आर्थिक वृद्धि 14 .9 फीसदी की दर से बढ़ने का अनुमान है। बिजेंद्र यादव ने 12 मिनट में बजट भाषण खत्म किया। किस नेता ने क्या कहा