45 जेई एक महीने में एक भी जनगणना ब्लॉक नहीं बना पाए इसलिए उनके ऊपर 4 एक्सईएन-7 एसडीओ लगाए

शुभेंदु शुक्ला जनगणना का पहला फेज 15 मई से शुरू होना है। निगम ने 85 वार्डों में ब्लॉक बनाकर रिपोर्ट भेजने के लिए 45 जेई की ड्यूटी लगाई है मगर करीब एक माह में एक भी वार्ड में ब्लॉक नहीं बना पाए हैं। काम में सुस्ती को देखते हुए अब 4 एक्सईएन और 7 एसडीओ को जूनियर इंजीनियर्स के ऊपर तैनात किया गया है। 11 अफसरों को 5 जोनों में वार्डवाइज कमान सौंपी गई है। बता दें कि रिहायशी इलाकों में 800 लोगों की आबादी और 180 घरों का एक ब्लॉक बनाया जाना है। जबकि बाजार व कामर्शियल एक्टिविटी वाली जगह पर आबादी नहीं सिर्फ 180 दुकानों या मकानों को एक ब्लॉक बनाना है। जनगणना के पहले फेज में हाउस लिस्टिंग की प्रक्रिया शुरू करने के लिए ब्लॉक बनाना जरूरी है अन्यथा पूरी प्रक्रिया ही लटक जाएगी। जनगणना ब्लॉक बनाने के काम में तेजी लाने के लिए निगम जो प्लान तैयार किया है, उसमें एक्सईएन को हलका का चार्ज अफसर लगा दिया है। जबकि उनके नीचे असिस्टेंट चार्ज अफसर के तौर पर एसडीओ लगाए गए हैं। ईस्ट हलका में एसडीओ गुरपाल को चार्ज अफसर लगाया गया है, जिनके सहयोग में 2 एसडीओ काम करेंगे। इसी तरह सेंट्रल जोन में 2 असिस्टेंट चार्ज अफसर के तौर पर एसडीओ लगाए गए हैं। जबकि नॉर्थ-वेस्ट और साउथ हलका में 1-1 एसडीओ लगे हैं। हालांकि जिस धीमी रफ्तार से काम देखने को मिला है, ऐसा ही चलता रहा तो मार्च तक ब्लॉक बनाने का काम पूरा कर पाना मुश्किल होगा। ब्लॉक बनाने के कामों में देरी की वजह स्टॉफ शॉर्टेज के अलावा जूनियर इंजीनियर्स के बीमार होने या इमरजेंसी कारणों से अवकाश लेना है। इस बार डिजिटल जनगणना मोबाइल ऐप के जरिए कराई जा रही है। इसलिए खास ध्यान रखना होगा कि 2 वार्डों या 2 ब्लॉक्स के बीच कोई ओवरलैपिंग (एक ही घर दो बार आना) न हो। जेई को फील्ड में जाकर ऐप में ब्लॉक की सीमाएं तय करनी होती हैं। जैसे ही जेई 180 घरों या 800 की आबादी का घेरा तय करता है, उस क्षेत्र को डिजिटल मैप पर जियो-फेंस करना होता है। जब हाउस-लिस्टिंग शुरू की जाएगी तो तय ब्लॉक की डिजिटल बाउंड्री के अंदर साराकुछ होगा।

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