पंजाब कांग्रेस ने मिशन 2027 की तैयारी को लेकर आज 16 (फरवरी) चंडीगढ़ में एक अहम बैठक की। इसमें पार्टी के जिला प्रधानों के अलावा 2022 विधानसभा चुनाव के उम्मीदवार, विधायक और सांसद भी शामिल हुए। एक के बाद एक तीन बैठक हुईं। बैठक की अध्यक्षता पार्टी के पंजाब प्रभारी भूपेश बघेल और प्रदेश प्रधान अमरिंदर सिंह राजा वडिंग ने की। बैठक के बाद मीडिया से बातचीत में बघेल ने कहा कि टिकट वितरण और विधायक दल के नेता का चयन पार्टी हाईकमान का विशेषाधिकार है। किसी को न कोई शिकवा है, न कोई शिकायत है और न ही किसी का कोई दावा है। पार्टी जोधपुर घोषणा के अनुसार ओबीसी, एसटी, एससी, अल्पसंख्यक और महिलाओं को उचित प्रतिनिधित्व देना चाहती है। 50 प्रतिशत से अधिक उम्मीदवार 50 वर्ष से कम उम्र के होंगे। संगठन में भी इसी तर्ज पर काम किया जा रहा है। किसानों और मजदूरों के साथ रैली करेंगे कांग्रेस नेता भूपेश बघेल ने कहा, “पंजाब कांग्रेस कमेटी ने मनरेगा के मुद्दे पर कई रैलियां की हैं। हाल ही में अमेरिका और भारत के बीच एक व्यापार समझौता हुआ है। राहुल गांधी शुरू से ही किसानों के लिए लड़ते रहे हैं। हम पंजाब में भी यह अभियान शुरू करेंगे। हम किसानों और मजदूरों के साथ मिलकर एक बड़ी रैली करेंगे। इस रैली में राहुल गांधी और अन्य केंद्रीय नेता मौजूद रहेंगे।”यह रैली 28 फरवरी या 1 मार्च को आयोजित की जाएगी। स्थान की घोषणा जल्द की जाएगी। इससे पहले जब मीडिया ने सवाल किया पंजाब में दो डिप्टी सीएम लगाए जा रहे है। इस पर उनका जवाब था कि यह पद संवैधानिक नहीं है। हालांकि जब उनसे पूछा गया कि क्या इस बार कांग्रेस ऐसा नहीं करेगी। तो उनका जवाब था कि यह फैसला हाई कमान ने लेना है। यह मेरा कार्य क्षेत्र नहीं है। वहीं, उन्होंने सैनी के पंजाब दौरो पर भी बीजेपी को घेरा है। साथ ही उनसे जवाब मांगा है। पंजाब कांग्रेस प्रधान से पंजाब और देश की राजनीति को लेकर सवाल जवाब जानिए – सवाल – पंजाब में बड़ी चर्चा है कि दो डिप्टी सीएम लग सकते हैं। जवाब – वह चाहे पांच लगा दे। आपके सामने चार साल पांच महीने तो निकल गए हैं। दूसरा, डिप्टी सीएम कोई संवैधानिक पद नहीं होता है। यह मंत्री ही होता है। डिप्टी सीएम कोई संवैधानिक पद नहीं है। यूं ही किसी का दिल बहलाना होता है। पता नहीं बना भी रहे हैं या नहीं। मुझे तो कोई ऐतराज नहीं है। किसी ने बनाना है तो बना ले। मालिक तो चीफ मिनिस्टर ही होता है। इसलिए इस तरह का रिवाज आजकल चलाने की कोशिश करते हैं। किसी पार्टी या जाति को खुश कर लिया जाए। मैं इस बात में बिल्कुल विश्वास नहीं करता हूं। हमारी सेक्युलर पार्टी है। हमारे पास दलित, अपर कास्ट, क्रिश्चियन – हमारे लिए सारी जातियां बराबर हैं। हम सभी को बराबरी से देखते हैं। बच्चे पढ़ते हैं, कौन-कौन सी जाति से हैं यह काम आज की जेनरेशन में नहीं है। आज वाली पीढ़ियां इस चीज पर विश्वास नहीं करती हैं।ऐसी राजनीति की दो डिप्टी सीएम लगा दें। एक हिंदू और दलित हो – मैं नहीं जानता। मैं जट्ट सिख हूं, इसका यह मतलब नहीं कि सारे सरदार मेरे पीछे हैं। कोई हिंदू हो तो सारे हिंदू उसके पीछे हैं – ऐसा नहीं है। मेरे साथ बहुत सारे हिंदू और दलित भाई हैं। दलित कहे कि सारे दलित उसके साथ हैं– ऐसा कभी नहीं होता है। कुछ लोग माहौल बना रहे हैं। सवाल – कांग्रेस ने भी तो ऐसी कोशिश की थी, जब 92 दिन का सीएम बनाया गया था। जवाब – मुझे नहीं लगता कि दलित करके कोशिश की गई थी। कांग्रेस पार्टी ने देखा कि चरणजीत सिंह चन्नी को बनाना है, तो उन्हें बना दिया। लेकिन हम कास्ट राजनीति नहीं करते हैं। सवाल – क्या इस बार कांग्रेस ऐसा नहीं करेगी? जवाब – यह फैसला तो हाईकमान ने लेना है। जो भी लेना है, राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खरगे ने लेना है। यह मेरा अधिकार क्षेत्र नहीं है। मेरा मानना है कि कास्ट पॉलिटिक्स नहीं खेलनी चाहिए। कास्ट पॉलिटिक्स खेलेंगे तो इससे हमारे आने वाले बच्चों को नुकसान होगा। मुझे लगता है कि कौन आदमी काबिल है, कौन हार्ड वर्क कर सकता है परफॉर्मेंस बेस्ड काम होना चाहिए। सवाल – मोगा में सरकार की नशे के खिलाफ रैली थी, क्या कहेंगे? जवाब – अब तो लोगों ने युद्ध झाड़ू विरुद्ध शुरू किया हुआ है। कौन से रास्ते पर पड़ गए हैं। कल आपने देखा, पंजाब पुलिस के एक मुलाजिम ने अपने बेटे की लाश को चौराहे पर रख नशे विरुद्ध पोल खोली थी। पंजाब कर्जे में है, लेकिन पंजाब का पैसा बर्बाद किया जा रहा है। कभी गवर्नर साहब तो कभी मुख्यमंत्री नशे के खिलाफ यात्रा-रैली शुरू कर देते हैं। नशे विरुद्ध रैली की फूंक दिन-प्रतिदिन निकल रही है। अगर सच में नशा खत्म हो गया तो गांवों की महिलाएं बाहर आकर कहें कि ज्योंदा रहे मान साहिब, नशा खत्म हो गया। नशा पहले की तरह है। सवाल – सीएम साहब ठीक नहीं हैं। तीसरी बार अस्पताल में भर्ती हुए हैं। जाखड़ साहब कह रहे हैं कि मुख्यमंत्री की पहले जरूरत है, डिप्टी सीएम तो बनते रहेंगे। जवाब – मुझे नहीं पता कौन क्या कह रहा है। कोई तीन बार बीमार हो गया, कोई चार बार बीमार हो गया। मैं इस पर कोई टिप्पणी नहीं करना चाहता। मैं तो यह चाहता हूं कि हर व्यक्ति स्वस्थ रहे। जाखड़ साहब बीमार हो गए थे, फोर्टिस अस्पता चले गए थे, खबर में सुना था। हम तो यही कहते हैं कि चाहे वह जाखड़ साहब हों, मान साहब हों या बादल साहब हों – हर व्यक्ति तंदुरुस्त रहे। लड़ाई विचारधारा और मुद्दों की है। पंजाब से जो धोखा किया, बीजेपी ने जो धोखा किया – उसकी लड़ाई है। सारे तंदरुस्त रहें। सवाल – बीजेपी पंजाब में अपना भविष्य तलाश रही है, लेकिन बीजेपी में नेताओं का पलायन नहीं रुक रहा। हर आदमी की अपनी राजनीति है। जवाब – अरविंद खन्ना मेरे अच्छे दोस्त भी हैं। हर आदमी की अपनी राजनीति है। पहले वह अकाली दल में थे, फिर कांग्रेस में गए, फिर बीजेपी में गए। सुनील जाखड़ को लेकर गए। अब अरविंद जी अकाली दल में चले गए। मुझे अब उम्र का हिसाब नहीं लगता है। सुखबीर सिंह बादल कहते हैं कि वह मेरे 40 साल से दोस्त हैं। आप भाषण सुन लो, पता नहीं क्या कहानी है या बात है। कोई आदमी बीजेपी या अकाली दल आदमी छीन रहे हैं। सवाल -अमित शाह कह रहे हैं कि राहुल गांधी देश को भ्रमित करने की कोशिश कर रहे हैं। जवाब – कभी अमित शाह ने यह कहा कि राहुल गांधी जो कह रहे हैं वह सत्य कह रहे हैं? कभी नहीं कहा है। अब नरेंद्र मोदी जी और अमित शाह जी से हमारी इस तरह की अपेक्षा ही नहीं है कि आप कहें कि राहुल गांधी सत्य बोल रहे हैं। आपको एक उदाहरण देना चाहता हूं – आप कह रहे थे किसानों के लिए तीन कानून अच्छे हैं, इससे उनकी आय दोगुनी हो जाएगी। लेकिन अब किसान को पूछ लीजिए। ट्रेड डील में आपने देश बेच दिया। अब धीरे-धीरे जनता बताएगी। मेरे कहने या आपके कहने से कुछ नहीं होगा। मेरे कहने से जनता मानने वाली नहीं है। मीटिंग का समय काफी अहम यह मीटिंग ऐसे समय में हो रही है जब पंजाब कांग्रेस में काफी घमासान मचा हुआ है। पूर्व मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह को प्रभारी बघेल ने पार्टी में आने का न्योता दिया। यह न्योता उस समय दिया था, जब ईडी ने उन्हें नोटिस जारी किया। हालांकि इसके बाद पार्टी प्रधान राजा वड़िंग ने कहा कि हमारे पंजाब प्रभारी भूपेश बघेल ने जो कहा, उसका गलत मतलब निकाला जा रहा है। बघेल साहब ने सिर्फ इतना कहा है कि अगर कैप्टन अमरिंदर सिंह कांग्रेस में वापस आने की इच्छा जताते हैं तो पार्टी हाईकमान उस पर विचार करेगी। उन्होंने कहीं भी यह नहीं कहा कि हम उनका स्वागत कर रहे हैं या उन्हें पार्टी में शामिल कर लिया गया है। विचार करने और स्वागत करने में जमीन-आसमान का अंतर होता है। हाईकमान के पास कोई भी आवेदन आता है तो उस पर विचार करना एक प्रक्रिया है। उन्होंने उन नेताओं पर भी चुटकी ली, जो पहले कैप्टन के खिलाफ मुखर थे। वड़िंग ने कहा कि पंजाब कांग्रेस एकजुट है, जबकि एलओपी प्रताप सिंह बाजवा ने इस चीज को “हवा-हवाई” बताया। हालांकि अभी तक रणजीत चन्नी और नवजोत सिंह सिद्धू चुप हैं। राहुल गांधी भी कर चुके है मीटिंग जनवरी वाली दिल्ली मीटिंग में राहुल गांधी और हाईकमान ने पंजाब नेताओं को सख्त निर्देश दिए थे। साथ ही कहा था कि अनुशासनहीनता पर सख्त कार्रवाई होगी, पार्टी में एकजुटता बनाए रखना और 2027 चुनाव सामूहिक नेतृत्व में लड़ने का फैसला लिया गया इस महीने के शुरू जिला प्रधानों की बैठक (जालंधर) में संगठन मजबूत करने के हुए हुई।