राजस्थान एसओजी ने करोड़ों रुपए की कीमत का चोरी का क्रूड ऑयल खरीदने वाले कारोबारी को गिरफ्तार किया। एसओजी जांच के अनुसार- 10 नवंबर 2024 से 5 जनवरी 2025 के बीच करीब दो महीने तक संगठित गिरोह ने इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन लिमिटेड (IOCL) की पाइपलाइन से क्रूड ऑयल की चोरी की थी। इस दौरान 36 टैंकरों में लगभग 9.58 लाख लीटर क्रूड ऑयल चोरी किया गया था। जांच एजेंसियों ने चोरी किए गए तेल की अनुमानित कीमत करीब 6.70 करोड़ रुपए आंकी है। एसओजी ने गुरुवार को चोरी के तेल के खरीदार गाजियाबाद निवासी राजीव सिंगल को गिरफ्तार किया। आरोपी को जयपुर में उस समय दबोचा गया, जब वह अजमेर की ओर जा रहा था। अतिरिक्त महानिदेशक पुलिस, एसओजी विशाल बंसल ने बताया- जनवरी 2025 में IOCL के सहायक प्रबंधक हेमंत गोयल की रिपोर्ट पर मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई थी। बदमाशों ने 10 फीट ऊंची दीवार, भूमिगत चैंबर और 360 फीट सुरंग बनाई एडीजी विशाल बंसल ने बताया- जांच में सामने आया कि आरोपियों ने शाहजहांपुर क्षेत्र के बेलनी रोड पर एक खेत किराए पर लेकर उसके चारों ओर करीब 10 फीट ऊंची बाउंड्री वॉल बनाई। इसके अंदर कमरे और भूमिगत चैंबर तैयार कर लगभग 360 फीट लंबी सुरंग बनाई। इसके जरिए पाइपलाइन में छेद कर क्रूड ऑयल चोरी किया जाता था। आरोपियों ने निगरानी के लिए CCTV कैमरे और इंटरनेट कनेक्शन भी लगा रखे थे, ताकि गतिविधियों पर लगातार नजर रखी जा सके। मुख्य सरगना समेत 7 आरोपी पहले ही हो चुके गिरफ्तार मामले में एसओजी पहले ही मुख्य सरगना सहित 7 आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है। पूछताछ में पूरे गिरोह के संचालन और तेल सप्लाई नेटवर्क का खुलासा हुआ था। फरार आरोपियों पर एसओजी ने इनाम भी घोषित किया था। इनमें दिनेश राठी उर्फ अनमोल राठी पर 50 हजार और अर्जुन उर्फ टोनी पर 25 हजार रुपए का इनाम रखा गया था। दिनेश राठी को दिल्ली से गिरफ्तार किया जा चुका है। गाजियाबाद का कारोबारी निकला खरीदार गिरफ्तार आरोपी राजीव सिंगल गाजियाबाद स्थित “श्री गणपति ऑयल ट्रेडर्स” का संचालक है। वह करीब 15 वर्षों से तेल कारोबार से जुड़ा बताया जा रहा है। जांच में सामने आया कि आरोपी चोरी का तेल ₹30-35 प्रति लीटर में खरीदता था, जबकि बाजार में इसकी कीमत करीब ₹70 प्रति लीटर है। 15 अप्रैल तक पुलिस रिमांड पर एसओजी ने आरोपी को अदालत में पेश कर 15 अप्रैल तक पुलिस रिमांड पर लिया है। अब उससे पूछताछ कर पूरे नेटवर्क, सप्लाई चैन और अन्य खरीदारों की जानकारी जुटाई जा रही है। मामले के खुलासे में FSL, साइबर टीम और फिंगरप्रिंट एक्सपर्ट्स की अहम भूमिका रही। तकनीकी विश्लेषण, मुखबिर तंत्र और वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर एसओजी ने इस संगठित नेटवर्क को बेनकाब किया। पुलिस का कहना है कि पूरे अवैध तेल कारोबार नेटवर्क की गहन जांच अभी जारी है और कई अन्य बड़े नाम सामने आ सकते हैं।