सहरसा में JDU नेता ओवेश करनी उर्फ चुन्ना मियां के ईंट भट्ठे से 7 नाबालिग लड़कियों का रेस्क्यू किया गया है। इन लड़कियों के परिजनों ने नेता पर डांस कराने और विरोध करने पर मारपीट और करंट का शॉक देने के आरोप लगाए हैं। परिवार वालों ने बेटियों के साथ बैड टच का भी आरोप लगाया है। पुलिस ने चुन्ना मियां को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। नाबालिग से डांस कराने का एक वीडियो भी सोमवार को सामने आया है। इसमें दिख रहा है चुन्ना मियां हाथ में सिगरेट लिए लड़की के लिए गाना बजाता है। इसके बाद उसे डांस करने के लिए इशारा करता है। अब सिलसिलेवार तरीके से पढ़िए पूरी खबर… पहले मौके से आई कुछ तस्वीरें देखिए… 15 साल से चला रहा ईंट-भट्ठा ओवेश करनी उर्फ चुन्ना मियां पिछले 15 सालों से ईंट भट्ठा चला रहे हैं। इस दौरान 6 महीने पहले इनके ईंट भट्ठे पर असम से करीब 100 परिवार काम करने आए थे। मजदूरों ने बताया, ‘2-3 महीने तक तो हमारे साथ सब कुछ अच्छा रहा, लेकिन कुछ महीने से मालिक हमें बहुत टॉर्चर करने लगे थे। मालिक पहले पूरे दिन हम लोगों से काम करवाते थे। इसके बाद रात में हमारी बच्चियों को अपने प्राइवेट कमरे में भेजने को कहते थे। जब हमलोग इसके लिए मना करते, तो वो हमारे साथ मारपीट करते थे। हमें करंट लगाते थे। हमलोग बाहर से आए थे, इस वजह से इसका विरोध नहीं कर पाए।’ मां ने किया विरोध, मालिक ने चला दी गोली मोहम्मद मकबुल बताते हैं, शनिवार की रात करीब 2 बजे की बात है। ज्यादातर मजदूर दिनभर की कड़ी मेहनत के बाद अपनी झोपड़ियों में सो हुए थे। तभी अचानक 5-6 राउंड फायरिंग की आवाज गूंजी। हमलोग नींद से जागे तो देखा कि एक बच्ची को भट्ठा मालिक जबरन अपने कमरे में ले जा रहा था। जब उसकी मां ने इसका विरोध किया, तो मालिक ने उस पर गोली चला दी। गोली महिला के जांघ में लगी। इसके बाद भी मजदूर कुछ नहीं कर सके। डर इतना था कि कोई आवाज उठाने की हिम्मत नहीं जुटा पाया। जानवरों की तरह ट्रीट करते थे संवर अली बताते हैं कि वे असम से 100 से ज्यादा लोगों के साथ यहां मजदूरी करने आए थे। एक हजार ईंट बनाने पर 500 रुपए मिलते हैं, लेकिन काम के नाम पर टॉर्चर किया जाता है। अगर कोई बीमार हो जाए और काम पर न जाए, तो हाथ-पैर बांधकर रस्सी से ऊपर टांग देते हैं। करंट लगाया जाता है, मारपीट की जाती है। हमलोगों को जानवरों की तरह रखा जाता था। मजदूरों का कहना है कि मालिक खुलेआम धमकी देता था, अगर थाने गए तो गोली मार देंगे, किसी को जिंदा नहीं छोड़ेंगे। मोहम्मद नासिर अली अहमद के आरोप और भी गंभीर हैं। उन्होंने बताया, हर रात 12 बजे 8 से 15 साल की बच्चियों को अपने कमरे में ले जाता था। उनसे जबरदस्ती करने की कोशिश होती थी और डांस करवाया जाता था। रात 3 बजे उन्हें वापस झोपड़ी में छोड़ दिया जाता था। विरोध करने पर गोली, डर से चुप थे मजदूर मजदूरों ने बताया कि यह पहली घटना नहीं थी। पहले भी कई बार महिलाओं और लड़कियों के साथ गलत व्यवहार हुआ, लेकिन डर के कारण किसी ने आवाज नहीं उठाई। हम गरीब लोग हैं साहब, बाहर से आए हैं। 15 घंटे काम करते हैं, दिन का 500 रुपए मिलता है। विरोध करते तो वो कुछ भी कर सकता था। जेसीबी में बांधकर मारने की धमकी देता था। कुछ दिन पहले भी कुछ मजदूरों के साथ इस तरह की घटना हुई थी इसके बाद वे सभी लोग रातों-रात यहां से भाग गए थे। मालिक हमें जान से भी मार सकता था। DSP बोले- SIT गठित कर मामले की जांच की जा रही इस मामले का खुलासा तब हुआ जब एक महिला को गोली लगने की सूचना पुलिस को मिली। सहरसा DSP ओम प्रकाश के अनुसार, सूचना मिलने के बाद SIT टीम का गठन किया गया। डॉग स्क्वायड के साथ घटनास्थल की जांच की गई। वहीं, कई लड़कियों को रेस्क्यू कर थाने लाया गया है। उनका काउंसलिंग कराया जा रहा है। पुलिस का कहना है कि छेड़छाड़ और गलत व्यवहार की बात सामने आई है और हर पहलू पर जांच की जा रही है।