75 हजार में कपड़े-झूला खरीदा, बेटी की बलि की कोशिश:कानपुर में नहर किनारे चीख सुन दौड़े ग्रामीण; परिवार बोला- आरोपी पिता मानसिक बीमार

कानपुर में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई, जहां एक पिता ने अपनी 8 साल की बेटी को तंत्र-मंत्र के नाम पर बलि देने की कोशिश की। बच्ची की चीख सुनकर आसपास के लोगों ने मौके पर पहुंचकर उसकी जान बचाई। दैनिक भास्कर के परिजनों से बात की तो सामने आया- आरोपी पिता मानसिक बीमारी से जूझ रहा है और उसका इलाज भी चल रहा है। दैनिक भास्कर टीम जब कानपुर शहर से करीब 18 किलोमीटर दूर बिधनू कस्बे पहुंची, तो घटनास्थल पर नहर किनारे सन्नाटा पसरा था। स्थानीय लोगों ने बताया कि शनिवार को सौरभ नाम का व्यक्ति अपनी बेटी वैष्णवी को नए कपड़े पहनाकर यहां लाया था। उसने पहले पूजा-पाठ किया और फिर बच्ची को नहर पटरी पर लिटाकर तंत्र-मंत्र करने लगा। इसी दौरान बच्ची जोर-जोर से चिल्लाने लगी। आवाज सुनकर दूसरी ओर से गुजर रहे लोग नहर में कूदकर पहुंचे और बच्ची को बचा लिया। 2 तस्वीरें देखिए- 75 हजार रुपए से खरीदे कपड़े और श्रृंगार के सामान घटना के बाद जब टीम ने परिवार से बात की, तो भाई राहुल सैनी ने बताया कि सौरभ पिछले कई महीनों से मानसिक रूप से बीमार है। घर में रखे करीब 75 हजार रुपए उसे मिल गए थे, जिससे उसने अपने और बेटी के लिए कई कपड़े, साड़ी और श्रृंगार का सामान खरीदा। घटना वाले दिन भी वह खुद साड़ी पहनकर और बेटी को सजाकर नहर किनारे ले गया था। तंत्र-मंत्र में डूब गया था, पत्नी 7 साल पहले छोड़ गई भाई राहुल सैनी ने बताया कि सौरभ की मानसिक हालत लंबे समय से ठीक नहीं है। वह अक्सर महिलाओं जैसे कपड़े पहनता और तंत्र-मंत्र में लिप्त रहता है। उसकी इस हरकतों से परेशान होकर पत्नी करीब 7 साल पहले उसे छोड़कर चली गई थी। इसके बाद से वह बेटी और परिवार के साथ रह रहा था, लेकिन धीरे-धीरे उसकी हालत और बिगड़ती चली गई। पूछताछ में बोला- ‘आत्मा का साया है’ परिजनों और पुलिस की पूछताछ में सौरभ ने बेटी की बलि देने की कोशिश से इनकार किया। उसने कहा कि वह अपनी बेटी को क्यों मारेगा और यह सब ‘किन्नर पिता की आत्मा का साया’ है। परिवार ने भी बताया कि उनके पिता महिलाओं के वेश में फूल बेचते थे और उनकी मौत के बाद से सौरभ का व्यवहार भी वैसा ही हो गया है। पुलिस बोली- बच्ची सुरक्षित, चाची देखरेख कर रही बिधनू इंस्पेक्टर तेज बहादुर सिंह ने बताया- सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची थी। जांच में सामने आया कि आरोपी मानसिक रूप से बीमार है और उसका इलाज चल रहा है। फिलहाल बच्ची को उसकी चाची लक्ष्मी के सुपुर्द कर दिया गया है और परिवार आरोपी को डॉक्टर के पास लेकर गया है। ——————- ये खबर भी पढ़िए- जिसके तलाक पर ढोल-नगाड़े बजे, वो बोली-बहुत दुख झेला: मेरठ में रिटायर्ड जज पिता बोले- मेजर से डाइवोर्स अंत नहीं, नई शुरुआत ‘मैंने मानसिक रूप से काफी संघर्ष झेला। एंग्जायटी-डिप्रेशन तक फेस किया, लेकिन आज मैं यहां हूं क्योंकि मेरे परिवार ने मेरा साथ दिया। मेरे माता-पिता ने समाज नहीं, मेरी खुशी को चुना। हर लड़की को ऐसा सपोर्ट मिलना चाहिए। जब तक लड़की अपने पैरों पर खड़ी न हो जाए, उसकी शादी नहीं करनी चाहिए।’ ये बातें मेरठ की प्रणिता शर्मा ने कही। पढ़ें पूरी खबर…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *