पंजाब में शुक्रवार को आठवीं कक्षा के साइंस के पेपर में तीन प्रश्न पंजाबी में मिस प्रिंट मिले। सुबह परीक्षा केंद्रों में जब आठवीं कक्षा का प्रश्न पत्र खोला गया तो उसमें पंजाबी में 27 प्रश्न प्रिंट थे, जबकि अंग्रेजी व हिंदी में 30-30 प्रश्न थे। मामला पंजाब स्कूल शिक्षा बोर्ड के अधिकारियों तक पहुंचा तो उन्होंने वॉट्सएप के जरिए सेंटर सुपरिटेंडेंट को मैसेज जारी किया। मैसेज में कहा गया कि परीक्षा में ड्यूटी दे रहे टीचरों को कहकर पंजाबी मीडियम के स्टूडेंट्स को तीनों प्रश्न पंजाबी में लिखवाएं, ताकि बच्चे परीक्षा दे सकें। कुछ परीक्षा केंद्रों में मैसेज तो पहुंचे। लेकिन स्टूडेंट्स को इस बारे में पता नहीं चला तो वो प्रश्न छोड़कर आ गए। टीचर्स ने पंजाब स्कूल शिक्षा बोर्ड से पंजाबी मीडियम के स्टूडेंट्स के लिए ग्रेस मार्क्स की डिमांड करनी शुरू कर दी। स्कूल टीचर्स ने इस संबंध में पंजाब स्कूल एजुकेशन बोर्ड को लेटर भी लिखने शुरू कर दिए। पेपर में लास्ट के 3 प्रश्न मिस प्रिंट… तीनों भाषाओं में प्रिंट होता है पेपर
पंजाब स्कूल शिक्षा बोर्ड आठवीं, दसवीं व बारहवीं के प्रश्न पत्रों को पंजाबी, हिंदी व अंग्रेजी में प्रिंट करता है, ताकि तीनों मीडियम के स्टूडेंट्स इसे हल कर सकें। तीनों मीडियम के स्टूडेंट्स अपनी भाषा में प्रश्न पत्र पढ़ते हैं और उसे हल करते हैं। पंजाबी में 27, अंग्रेजी व हिंदी में 30-30 प्रश्न
साइंस के प्रश्न पत्र में पंजाबी सेक्शन में 27 प्रश्न दिए गए। 27 वें प्रश्न के बाद कुछ जगह खाली छोड़ी गई है। वहीं हिंदी व अंग्रेजी सेक्शन में 30-30 प्रश्न प्रिंट किए गए हैं। कई परीक्षा केंद्रों में पंजाबी मीडियम के स्टूडेंट्स 27 प्रश्न हल करके आ गए। 15 नंबर के प्रश्न मिस प्रिंट
साइंस के प्रश्न पत्र में प्रश्न संख्या 28 से 30 तक पांच पांच नंबर के प्रश्न आते हैं। हर प्रश्न में एक विकल्प दिया रहता है। पंजाबी के प्रश्न पत्र में कुल 15 अंक के प्रश्न मिस प्रिंट रहे। अब देखना होगा कि पंजाब स्कूल शिक्षा बोर्ड स्टूडेंट्स को ग्रेस मार्क्स देता है या नहीं। स्टूडेंट्स को नहीं बताए गए पंजाबी में प्रश्न
स्कूल संघ पंजाब के गोराया इकाई के प्रमुख जोधा सिंह ने बताया कि परीक्षा केंद्रों में प्राइवेट स्कूलों के स्टूडेंट्स को पंजाबी में तीन प्रश्न नहीं बताए गए। जिसकी वजह से ज्यादातर बच्चे 15 नंबर के प्रश्न छोड़कर आ गए। उन्होंने कहा कि वो इस बारे में पंजाब स्कूल शिक्षा बोर्ड को शिकायत भी भेजेंगे। छात्र बोले- उन्हें लगा 27 ही प्रश्न हैं
लुधियाना के किचलू नगर स्थित सरकारी स्कूल के स्टूडेंट्स वंश व प्रिंस ने बताया कि प्रश्न पत्र में पंजाबी मीडियम में 27 प्रश्न थे। उन्हें हल करके आ गए। बाद में पता चला कि 15 अंक के प्रश्न रह गए। उन्हें नहीं पता था कि तीन प्रश्न प्रिंट ही नहीं हुए। नकल विरोधी फ्रंट ने की ग्रेस मार्क्स की डिमांड
नकल विरोधी अध्यापक फ्रंट के अध्यक्ष सुखदर्शन सिंह ने बताया कि सरकारी हाई स्कूल धरौड़ में उनकी ड्यूटी बतौर सुपरिटेंडेंट लगी है। उन्होंने बताया कि जब वो राउंड पर थे तो एक बच्चे ने उन्हें कहा कि उनके पेपर में 15 अंक के प्रश्न ही नहीं है। जब उन्होंने पेपर चेक किया तो उसमें प्रश्न मिस थे। उन्होंने अपने स्तर पर बच्चों को पंजाबी में प्रश्न लिखवाने शुरू किए। इसी बीच बोर्ड का भी मैसेज आ गया। इस कारण बच्चों का काफी समय बर्बाद हुआ। पंजाब स्कूल शिक्षा बोर्ड ने मानी गलती
पंजाब स्कूल शिक्षा बोर्ड ने पंजाबी में मिस प्रिंट होने की गलती मानी है। बोर्ड के सेंटर सुपरिटेंडेंट को लिखे मैसेज में कहा है कि प्रश्न संख्या 28, 29 व 30 तकनीकी कारणों से प्रिंट नहीं हो सका। इसलिए सुपरवाइजरों को कहकर अंग्रेजी या हिंदी माध्यम से पंजाबी में ट्रांसलेट करवाकर प्रश्न बच्चों को लिखवाए जाएं।