चाचा की हत्या के बाद भतीजी ने कैंसिल की शादी:झांसी में आज डोली उठनी थी, बोली- भाई अस्पताल में, वो अपनी मां को भी नहीं पहचान रहा

‘मेरी शादी होने वाली थी। सारी तैयारियां पूरी थीं। दुल्हन बनने के लिए मैंने ब्यूटी पार्लर तक बुक कर लिया था, लेकिन मेरा दुल्हन बनने का सपना अधूरा रह गया। वजह मेरे चाचा की हत्या है और अस्पताल में भर्ती चचेरा भाई की सीरियस हालत। ऐसी स्थिति में मैं शादी कैसे कर सकती थी, इसलिए शादी को कैंसिल कर दिया। जिन लोगों ने मेरे चाचा की जान ली, मन करता है कि मैं वैसे ही उन हत्यारों का गला घोंट दूं।’ यह कहना है मुस्कान का। जिसकी शादी आज यानी 22 नवंबर को होने वाली थी। लेकिन 13 नवंबर को झांसी में मुस्कान के चाचा रमेश प्रजापति उर्फ कल्लू की हत्या कर दी गई। हत्यारों ने रमेश के 17 साल के बेटे प्रियांशु को पीटकर अधमरा कर दिया। घटना वाले दिन मुस्कान की लगन की रस्म थी। रमेश की पत्नी रानी और बेटी महक मुस्कान के घर पर थीं। बेटी ने अपने पिता को फोन किया, लेकिन रिसीव नहीं हुआ। इसके बाद जब बेटी घर पर पहुंची, तो घटना का पता चला। चाचा की हत्या के बाद परिवार ने मुस्कान की शादी कैंसिल कर दी। अब 4 से 5 महीने बाद शादी होगी। यह दिल को झकझोर देने वाली घटना कोतवाली थाना क्षेत्र में अंजनी माता मंदिर के पास हुई थी। अब पढ़िए विस्तार से पूरा मामला… बेटे को गहरा सदमा लगा, मां को नहीं पहचान पाया रमेश की पत्नी रानी ने कहा- 9 दिन से मेरा बेटा प्रियांशु मेडिकल कॉलेज में भर्ती है। वह होश में तो है, लेकिन घटना के बाद से सदमे में है। किसी को पहचान नहीं पा रहा है। जब मैं उससे मिलने गई, तो उसने मुझे भी नहीं पहचाना। मैंने कहा कि मैं मम्मी हूं, तब जाकर पहचान पाया। उसे जिस तरह पीटा गया था, वह तो लगभग मर ही चुका था। भगवान ने उसकी सांसें लौटा दीं। भगवान ने मेरा सिंदूर तो उजाड़ दिया, लेकिन मेरी गोद खाली नहीं होने दी। मेरे पास जितने भी पैसे थे सब इलाज में खत्म हो गए। अब लोगों से ब्याज पर पैसे लेकर इलाज करा रहे हैं। घर में खाने तक के पैसे नहीं बचे। कब तक रिश्तेदारों से मदद लेते रहेंगे। सरकार हमारी मदद करें। हत्यारों को अपने हाथों से मारना चाहती हूं: रानी पत्नी रानी ने आगे कहा- अब हमारी मांग है कि उन तीनों को सख्त से सख्त सजा दी जाए। जैसे मेरे पति को गला घोंटकर मारा गया और मेरे बच्चे को बेरहमी से पीटा गया, वैसे ही हत्यारों का भी गला घोंटा जाए। जो मुख्य आरोपी है, उसे अभी तक पुलिस पकड़ नहीं सकी है। मेरे अंदर बहुत गुस्सा है। मैंने अपने बच्चे को कभी उंगली में दर्द होने तक की तकलीफ नहीं होने दी। आज वह मुझे पहचान भी नहीं पा रहा, तड़प रहा है। मैं उस हत्यारे को अपने हाथों से मारना चाहती हूं। पुलिस कैसे कह सकती है कि लूट नहीं हुई? मेरे गहने मम्मी के घर पर रखे थे, लेकिन शादी की तैयारी की वजह से मैं उन्हें अपने घर लेकर आई थी। साथ ही 50 हजार रुपए भी शादी के खर्च के लिए निकाले थे। बदमाशों ने अलमारी का लॉकर तोड़कर एक तोला की झुमकी, सोने की बालियां, दो जोड़ी पायजेब, करधोनी और पूरा कैश लूट लिया। गहनों की कीमत करीब 2 से ढाई लाख रुपए थी। लूट हुई है। पुलिस ने खुद अलमारी और टूटा लॉक देखा है। अलमारी की चाबी मेरे पास थी, आरोपी लॉकर तोड़कर सामान लेकर गए। फिर पुलिस कैसे कह सकती है कि लूट नहीं हुई? उस दिन तो हमें भी घर के अंदर जाने नहीं दिया गया था। अब पुलिस यह कैसे कह सकती है कि लूटमार नहीं हुई? अब पढ़िए, 13 नवंबर की घटना के बारे में… 1 साल पहले नए घर में शिफ्ट हुआ था परिवार रमेश प्रजापति (45) मूलरूप से जुगियाना मोहल्ले का रहने वाले थे। उसने अंजनी माता मंदिर के पास नया घर बनाया था। 1 साल पहले वह परिवार के साथ नए घर में शिफ्ट हो गए थे। 13 नवंबर को रमेश की भतीजी मुस्कान की लगन थी। पूरे परिवार को लगन में जाना था। मगर दोपहर को रमेश की पत्नी के बुआ की बेटी का बेटा जितेंद्र प्रजापति उर्फ जीतू अपने दो साथियों के साथ घर आ गया। रमेश की बेटी महक ने उनके लिए चाय-पोहा बनाया। इसके बाद महक और उसकी मां रानी लगन में शामिल होने के लिए जुगियाना मोहल्ला चली गई। बेटे के घर पहुंचने पर घटना के बारे में जानकारी हुई शाम 4:30 बजे रमेश का फोन बंद आने लगा तो रानी को शक हुआ। बेटी महक को घर भेजा। वो घर पहुंची तो तीनों आरोपी दौड़ते हुए दिखे। कमरे की कुंडी बाहर से लगी थी। कुंडी खोली तो सामने बेड पर प्रियांशु बेसुध पड़ा था। उसके गले में तार बंधा था। ऊपर वाले कमरे में पिता रमेश की लाश पड़ी थी। हाथ-पैर बंधे थे। मुंह भी कपड़ा बंधा था। बिजली तार से गला घोंटकर पिता की हत्या की गई थी। नीचे कमरे में सारा सामान बिखरा पड़ा था। लॉकर टूटा था और माल गायब था। मुठभेड़ में दो आरोपी घायल
16 नवंबर को कोतवाली पुलिस ने मुठभेड़ में विनोद यादव और सचेंद्र यादव उर्फ चच्चा के पैर में गोली मारकर गिरफ्तार कर लिया था। अभी मुख्य आरोपी जितेंद्र उर्फ जीतू प्रजापति फरार है। ———— ये भी पढ़ें- गोरखपुर में फैक्ट्री की आग 25 फायर टेंडर बुझा रहे:सुबह 4 बजे से धधक रही, धमाका होने का खतरा; दिल्ली से 5 इंजीनियर आए गोरखपुर के एक ऑयल प्लांट में शुक्रवार सुबह 4 बजे आग लग गई। अभी भी लपटें उठ रहीं हैं। जिस टैंक में आग लगी है, उसमें 50 हजार लीटर हेक्सेन गैस है। सुबह से दमकल की 25 गाड़ी से पानी डाला जा रहा है, लेकिन अब तक आग बुझ नहीं पाई। डीएम-कमिश्नर, एसएसपी, आईजी मौके पर पहुंच गए हैं। दिल्ली से टेक्निकल एक्सपर्ट की 5 सदस्यीय टीम भी पहुंच चुकी है। पढ़िए पूरी खबर…

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