जुलाई 2020 में धर्मेंद्र लुधियाना आए और रेखी सिनेमा आगे से निकल रहे थे। रेखी सिनेमा देखते ही उन्होंने कार रुकवाई और सिनेमा को बंद देखकर उदास हो गए। उन्होंने तब अपने ट्वीटर( अब एक्स) हैंडल पर एक पोस्ट लिखी। उन्होंने अपनी पोस्ट में लिखा रेखी सिनेमा, लुधियाना… अनगिनत फिल्में देखी हैं यहाँ… ये सन्नाटा… देख कर… दिल उदास हो गया मेरा। धर्मेंद्र पहले भी कई बार इस बात का जिक्र कर चुके थे कि वो साहनेवाल या अन्य जगहों से रेखी सिनेमा में फिल्म देखने आया करते थे। धर्मेंद्र ने जैसे ही 4 जुलाई 2020 को बंद रेखी सिनेमा की फोटो के साथ ट्वीट किया तो उनके जानने वालों ने भी उनकी पोस्ट को रीट्वीट करना शुरू कर दिया। धर्मेंद्र ने रेखी सिनेमा में आखिरी बार दीदार फिल्म देखी धर्मेंद्र ने सबसे पहले फिल्म मिनर्वा सिनेमा में देखी थी। उसके बाद वो रेखी सिनेमा में दोस्तों के साथ फिल्म देखने लगे। धर्मेंद्र ने अपनी पोस्ट पर किए गए रीट्वीट पर रिप्लाई करते हुए लिखा था कि उन्होंने रेखी सिनेमा में आखिरी फिल्म दिलीप कुमार की दीदार देखी थी। उन्होंने लिखा था कि उस तड़फ का अपना ही नशा था। बजट में एक चवन्नी टिक्की टोस्ट के लिए जरूर रखता था धर्मेंद्र के साथ फिल्म देखने वाले उनके एक व्यक्ति राही आरके ने उनकी पोस्ट पर लिखकर धर्मेंद्र को थिएटर में मिलने वाली प्रसिद्ध टिक्की टोस्ट की याद दिलाई। जिस पर धर्मेंद्र ने रिप्लाई करके लिखा था कि बजट में एक चवन्नी टिक्की-टोस्ट के लिए हमेशा रखता था। एक प्रशंसक ने लिखा कितने समोसे खा लेते थे धर्मेंद्र के ट्वीट पर एक प्रशंसक ने लिखा था कि आप फिल्म देखने के दौरान कितने समोसे खा लेते थे। जिस पर धर्मेंद्र ने लिखा कि बजट एक ही समोसे या टोस्ट का होता था। बजट ज्यादा हो जाता था तो ज्यादा खा लेते थे। रेखी सिनेमा 1933 में बना रेखी सिनेमा लुधियाना के सबसे पुराने सिनेमा घरों में से एक था। इसका निर्माण 1933 में लाला जगत राम आहलुवालिया ने करवाया था। इसे पहले थिएटर के तौर पर बनाया गया था। यहां पर ड्रामा नाटक व अन्य गतिविधियां होती थी। बाद इसे सिनेमाघर में तब्दील किया गया। 2014 के बाद रेखी सिनेमा लगभग बंद हो गया था। 2019 में से इसे पूरी तरह से बंद कर दिया गया।