सोशल मीडिया पर लुभावने विज्ञापनों के झांसे में आकर लोग ठगी का शिकार हो रहे हैं। पंजाब के लुधियाना के कस्बा खन्ना में पायल की एक महिला को इंस्टाग्राम पर कनाडा में वर्क परमिट दिलाने का दावा करने वाले एक पोस्ट देख झांसा में आई। ठगों ने 25 लाख रुपए ठग लिया। पैसा लेने के बाद ठगों ने महिला को फर्जी वीजा थमा दिया। महिला कनाडा जाने की तैयारी भी कर ली। जब दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे पहुंची तो वहां उसे रोक दिया गया। वहां पता चला कि उसका वीजा नकली है। उसे वहां वापस भेज दिया गया। पैसे वापस मांगने पर दी जान से मारने की धमक पीड़िता अमनदीप कौर ने बताया कि आरोपियों ने उससे पैसे वापस मांगने पर जान से मारने की धमकी दी। पुलिस ने इस मामले में पटेल शिल्पाबेन (सूरत,गुजरात), कुलजीत पाल सिंह (कोट इसे खान), जसकरण सिंह (अमृतसर) और राहुल शर्मा (रानी बाग,दिल्ली) के खिलाफ FIR दर्ज की है। इंस्टाग्राम पर देखा था इमिग्रेशन फर्म का विज्ञापन अमनदीप कौर के अनुसार इंस्टाग्राम पर एक इमिग्रेशन फर्म का विज्ञापन देखकर उन्होंने उस पर दिए गए टोल-फ्री नंबर पर कॉल किया। फर्म ने दावा किया था कि वे वीजा मिलने के बाद ही फीस लेते हैं। आरोपियों ने दो साल के वर्क परमिट और परमानेंट रेजीडेंसी (पीआर) दिलाने का वादा किया था। जिसके लिए 25 लाख रुपए में सौदा तय हुआ। 5 नवंबर 2024 को बैंक में ट्रांसफर करवाए 15 लाख महिला ने बताया कि 5 नवंबर 2024 को आरोपियों ने पीपीआर लेटर आने की बात कहकर 15 लाख रुपए एक बैंक खाते में ट्रांसफर करवाए। बाद में वीजा आने का दावा करते हुए 10 लाख रुपए और ट्रांसफर करवा लिए।
27 फरवरी को जब महिला दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे से कनाडा जाने के लिए पहुंची तो एयरपोर्ट अधिकारियों ने वीजा को फर्जी बताया। महिला के विदेश जाने का सपना चकनाचूर हो गया। 15 मई को पुलिस में दर्ज करवाई शिकायत अमनदीप कौर ने 15 मई को पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। जांच के बाद खन्ना के साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन ने आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 318(4) (धोखाधड़ी), 336 (जालसाजी), 338 (मूल्यवान प्रतिभूतियों की जालसाजी), 336 (2) (जालसाजी), 340 (2) (जाली दस्तावेज का उपयोग) और सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की धारा 66 डी के तहत मामला दर्ज किया है। पुलिस आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी कर रही है।