बिहार विधानसभा चुनाव में करारी हार के बाद राजद नेता तेजस्वी यादव अब नुकसान की वजहों को समझने और संगठन को दुरुस्त करने में जुट गए हैं। इसी कड़ी में आज 26 नवंबर से 30 नवंबर तक पटना स्थित राजद कार्यालय में 119 हारी हुई सीटों की विस्तृत समीक्षा की जाएगी। तेजस्वी यादव इस दौरान हारे हुए प्रत्याशियों, जिलाध्यक्षों और पार्टी के प्रधान महासचिवों के साथ प्रमंडलवार वन-टू-वन बैठक करेंगे। तेजस्वी यादव प्रत्याशियों से लेंगे फीडबैक सूत्रों के मुताबिक, तेजस्वी यादव प्रत्याशियों से बूथ-स्तर की रिपोर्ट, मतदान पैटर्न, विभिन्न सामाजिक वर्गों का वोट शेयर, सहयोगी दलों के प्रदर्शन और चुनावी रणनीति पर विस्तृत फीडबैक लेंगे। चुनाव के तुरंत बाद ही तेजस्वी ने सभी हारे प्रत्याशियों से भितरघातियों की सूची मांगी थी। अब इस समीक्षा बैठक में वे यह जानने की कोशिश करेंगे कि हार के पीछे संगठनात्मक कमजोरी थी, रणनीतिक चूक थी या फिर स्थानीय स्तर पर समन्वय की कमी। दो चरणों में होगी समीक्षा बैठक तेजस्वी यादव की यह समीक्षा बैठक दो चरणों में होगी। पहला चरण 26 से 30 नवंबर तक चलेगा। इसके बाद 1 से 5 दिसंबर तक बिहार विधानमंडल का सत्र होने के कारण बैठकों को रोक दिया जाएगा। दूसरा चरण 6 से 9 दिसंबर तक आयोजित किया जाएगा। पार्टी सूत्रों का कहना है कि इन बैठकों के आधार पर संगठनात्मक सुधार और नई रणनीति पर बड़ा फैसला लिया जा सकता है। आज पहले दिन मगध प्रमंडल के प्रत्याशियों को बुलाया आज पहले दिन मगध प्रमंडल के हारे प्रत्याशियों को बुलाया गया है। चुनाव परिणाम आने के बाद 14 नवंबर से तेजस्वी ने मीडिया और पब्लिक अपीयरेंस से दूरी बना रखी थी। अब वे सीधे अपने प्रत्याशियों से बातचीत कर हार का कारण समझना चाहते हैं। पार्टी के भीतर माना जा रहा है कि तेजस्वी इस समीक्षा के निष्कर्षों के आधार पर बड़े स्तर पर बदलाव और कठोर निर्णय ले सकते हैं।