पंजाब में जिला परिषद और पंचायत समितियों के चुनाव का ऐलान हो गया है। 14 दिसंबर को वोटिंग होगी और 17 दिसंबर को नतीजे आएंगे। आयोग ने बताया कि इन चुनावों में वोटिंग बैलेट पेपर से करवाई जाएगी और कुल सीटों में से 50% महिलाओं के लिए आरक्षित होंगी। पूरे राज्य में 19,181 पोलिंग बूथ स्थापित किए जाएंगे। निर्वाचन अधिकारी ने कहा कि हर पोलिंग बूथ पर जिला परिषद और पंचायत समिति के लिए अलग-अलग दो बैलट बॉक्स रखे जाएंगे। चुनाव ईवीएम से नहीं हो सकेंगे, क्योंकि इसके लिए 40 हजार ईवीएम की जरूरत है और चुनाव आयोग के पास उपलब्ध मशीनें किसी राज्य को जारी नहीं की जातीं। हर जोन से एक-एक मेंबर का चुनाव होगा
पंजाब में हर जिले में एक जिला परिषद होती है, जिनके कुल 357 जोन बनाए गए हैं और हर जोन से एक सदस्य चुना जाएगा। इसी तरह प्रदेश की 154 पंचायत समितियों में 15 से 25 जोन बनाए जाते हैं, जिनकी कुल संख्या 2,863 है। हर जोन से एक-एक मेंबर का चुनाव होगा। वोटरों को गिनती ग्रामीण एरिया में एक करोड़ 36 लाख चार हजार है। योग्यता, फीस और नामांकन प्रक्रिया के नियम जानिए.. 915 को अति संवेदनशील और 3,528 को संवेदनशील लोकेशन
नामांकन के समय सुरक्षा के विशेष इंतजाम किए जाएंगे। पुलिस की ओर से जगह-जगह स्पेशल नाके भी लगाए जाएंगे। चुनाव के लिए कुल 13,000 लोकेशन चिह्नित की गई हैं, जिनमें से 915 को अति संवेदनशील और 3,528 को संवेदनशील श्रेणी में रखा गया है। IAS अफसरों को चुनाव पर्यवेक्षक बनाया गया
पार्टियों के उम्मीदवार अपनी-अपनी पार्टी के चुनावी निशान का इस्तेमाल करेंगे, जबकि स्वतंत्र (आजाद) उम्मीदवारों के लिए जिला परिषद और पंचायत समिति चुनाव में 32-32 अलग-अलग निशान उपलब्ध कराए गए हैं। पहली बार चुनाव में पुलिस और आईएएस अधिकारियों को चुनाव पर्यवेक्षक (Observer) बनाया गया है। जनता उम्मीदवारों की पूरी जानकारी इलेक्शन कमीशन की वेबसाइट पर देख सकेगी।