पंजाब के अमृतसर में देर रात एक व्यक्ति पर फायरिंग की गई। कंधे में 2 गोलियां लगते ही वह जमीन पर गिर पड़ा। ग्रामीण तुरंत इकट्ठा हुए और उसे अस्पताल पहुंचाया, जहां इलाज जारी है। घटना वडाला भिटेवड़ गांव में हुई। घायल की पहचान 46 वर्षीय दिलबाग सिंह के रूप में हुई, जो घर बनाने के ठेके लेते हैं। घटना उस समय हुई जब वह काम से घर लौट रहे थे। परिवार के मुताबिक, गांव के ही डेविड ने करीब 20–25 साथियों के साथ मिलकर दिलबाग पर गोलियां चलाईं। परिजनों ने बताया कि वे घर में थे तभी गोलियों की आवाजें आईं। बाहर निकलकर देखा तो दिलबाग खून में लथपथ पड़े थे। पत्नी बोली- पति अमृतधारी, नशा रोकते थे इसलिए हमला हुआ
दिलबाग सिंह की पत्नी बलजीत कौर ने कहा कि मेरा पति अमृतधारी हैं और गांव में नशा बेचने का विरोध करते थे। इसी वजह से डेविड और उसके साथ आए कई लोगों ने रात में उन पर हमला कर दिया। हमले के दौरान कई युवकों के हाथों में हथियार थे। नशा बेचने वालों में सरपंच भी शामिल
बलजीत कौर ने यह भी दावा किया कि गांव में महताब नाम के व्यक्ति की शह नशा बिकता है और इसमें सरपंच भी मिला हुआ है। पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है। डेविड मसीह नशे और गैरकानूनी कामों में लिप्त
पूर्व सरपंच सुरिंदर सिंह वडाला ने कहा कि मुझे गांव से फोन आया, जबकि मेरा घर गांव से लगभग एक किलोमीटर दूर है। मुझे बताया गया कि डेविड मसीह ने गोली चलाई है। डेविड मसीह ने गांव में बहुत गलत काम किए हुए हैं। यह बात पुलिस को भी पता है, प्रशासन को भी, और सरपंच मदन को भी। उन्होंने कहा कि गांव में नशे से जुड़े कई मामले हैं। उसके खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत परचे भी दर्ज हैं। गांव में यह कई गैरकानूनी काम करता रहा है। आरोपितों की तलाश जारी
ड्यूटी ऑफिसर ने बताया कि पहली नजर में मामला रंजिश से जुड़ा लग रहा है, लेकिन असली कारण जांच के बाद ही सामने आएगा। फिलहाल पुलिस ने केस दर्ज कर लिया है और आरोपियों की तलाश जारी है।