प्रयागराज के एक स्कूल में दो बच्चों का एडमिशन दिलवाने के लिए पैरवी से जुड़ा दिलचस्प मामला सामने आया है। फोन करने वाली महिला ने खुद प्रदेश की उच्च शिक्षा राज्यमंत्री बनकर बात की। उसने अपना नाम रजनी तिवारी बताया। एक परिचित के दो बच्चों को क्लास 6 और 7 में एडमिशन लेने के लिए कहा। स्कूल की प्रिंसिपल को कई बार फोन कर दबाव बनाया। उसकी सिफारिश पर एडमिशन हो गया। पांच महीने बाद यह भेद खुल गया। बच्चों के पैरेंट्स ने ऐसी किसी जानकारी से इनकार कर रहे हैं। प्रिंसिपल ने मोबाइल नंबर के आधार पर मुकदमा करवाया है। पुलिस इसे हाई-प्रोफाइल ठगी का केस मानकर जांच में जुटी है। अब मामला विस्तार से… मामला शहर के गर्ल्स हाईस्कूल (GHS) का है। जुलाई के अंतिम हफ्ते में बिशप डाइसिस ऑफ लखनऊ के मोरिस एडगर दान के पीए आर्थी तिमोथी के मोबाइल पर एक महिला ने फोन किया। खुद को उच्च शिक्षा राज्यमंत्री रजनी तिवारी बताया। कहा कि उनके एक खास परिचित के दो बच्चों का GHS में एडमिशन कराना है। कई बार फोन करके दो लड़कियों के एडमिशन के लिए दबाव बनाया गया। बार-बार फोन कॉल आने पर प्रबंधन स्तर पर बातचीत हुई। इसके बाद स्कूल ने अगस्त में दोनों बच्चों का एडमिशन ले लिया। दोनों स्कूल में पढ़ने लगीं। मामला इसके बाद ठीकठाक चलता रहा। किसी प्रकार की कोई दिक्कत नहीं हुई। मंत्री को गेस्ट बनाने की प्लानिंग में खुलासा कुछ समय पहले स्कूल के एक कार्यक्रम की रूपरेखा बनी। इसमें किसी मंत्री को मुख्य अतिथि बनाने की चर्चा हुई। तय हुआ कि उच्च शिक्षा राज्यमंत्री रजनी तिवारी को ही बुलाया जाए। तर्क दिया गया कि उन्होंने पहले भी दो बच्चों के एडमिशन के लिए फोन किया था। इसी के बाद स्कूल प्रबंधन ने उस मोबाइल नंबर पर कॉल की। पता चला कि वह नंबर उच्च शिक्षा राज्यमंत्री रजनी तिवारी का नहीं है। तब यह बात सामने आई कि किसी महिला ने मंत्री का नाम और पद का दुरुपयोग किया है। पैरेंट्स ने किया इनकार मामला सामने आने के बाद स्कूल प्रबंधन ने उन बच्चों के अभिभावकों को बुलाया, जिनके एडमिशन के लिए कॉल आई थी। जब बच्चों के अभिभावकों से पूछा गया तो जवाब मिला कि वे मंत्री रजनी तिवारी को जानते ही नहीं। यह भी कहा कि उन्होंने किसी से सिफारिश करने के लिए कहा था। अभिभावकों के ये कहने पर प्रिंसिपल को शक हुआ। प्रिंसिपल ने पूरी जानकारी के साथ सिविल लाइंस थाने में तहरीर दी। इंस्पेक्टर रामाश्रय यादव ने बताया कि मोबाइल नंबर के आधार पर मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। अब यह नंबर किसका है, इसकी जांच की जा रही है। स्कूल स्टाफ ने इस मामले में किसी तरह का बयान देने से मना कर दिया। मंत्री रजनी तिवारी के बारे में जानिए… प्रदेश सरकार की उच्च शिक्षा राज्यमंत्री रजनी तिवारी का संबंध हरदोई जिले से है। वह हरदोई जिले की शाहाबाद विधानसभा सीट से विधायक हैं। वह लगातार चौथी बार विधायक बनी हैं। 2022 में भाजपा की दोबारा सरकार बनने पर उन्हें पहली बार मंत्री मंडल में शामिल किया गया। उच्च शिक्षा मंत्रालय में राज्यमंत्री की जिम्मेदारी सौंपी गई। इनके ही नाम का गलत इस्तेमाल करके दाखिला दिलवाने का मामला सामने आने पर स्कूल प्रबंधन ने मुकदमा दर्ज करवाया है। ——————– यह खबर भी पढ़िए… ₹100 करोड़ की नशीली सिरप खपाने वाला पार्टनर गिरफ्तार : लखनऊ से फर्जी बिलों पर कई राज्यों में सप्लाई की, सिंडिकेट के किंगपिन का करीबी STF ने लखनऊ से कोडीन मिक्स नशीली फेन्सेडिल कफ सिरप की तस्करी करने वाले युवक को गिरफ्तार किया। आरोपी लखनऊ समेत देश के अलग-अलग हिस्सों में 100 करोड़ की नशीली ड्रग खपाने वाले सिंडिकेट का अहम हिस्सा है। वहीं दुबई से ऑपरेट करने वाले किंगपिन का करीबी बताया जा रहा है। (पूरी खबर पढ़िए)