चंडीगढ़ शहर में चौबीस घंटे पीने लायक पानी के साथ साथ मनीमाजरा पॉकेट नंबर 6 की जमीन बेचने पर फिलहाल रोक लग गई है। निगम हाउस की बैठक के दौरान एक दिलचस्प घटना क्रम हुआ है, जिससे एक दम गंभीर माहौल हंसी ठिठोली में बदल गया। नगर निगम हाउस की बैठक में जैसे ही मनीमाजरा हाउसिंग प्रोजेक्ट पर मेयर हरप्रीत कौर बबला घिरीं तो अचानक उनका फोन बजा, उनकी तरफ से फोन पर कुछ बात करने के बाद नगर निगम कमिश्नर अमित कुमार को पकड़ा दिया। तभी सामने खड़ीं पार्षद प्रेम लता ने इस पर चुटकी ली और कहा बबला भाई का फोन है, बाद में हाउस हाल के ऊपर बैठे बबला की तरफ इशारा करते हुए कहा कभी हमें भी गाइड कर दिया करो…. और हॉल में सभी हंसने लगे। दरअसल जैसे ही मनीमाजरा हाउसिंग प्रोजेक्ट की अब तक की कार्रवाई की रिपोर्ट हाउस में रखी गई तो इस पर विवाद हो गया। जैसे ही अधिकारियों ने बताया कि अब हमारे पास बेचने के लिए जगह 16.50 एकड़ है। सीनियर डिप्टी मेयर जसबीर सिंह बंटी और डिप्टी मेयर तरुणा मेहता ने खड़े होकर पूछा कि पहले यह जगह 7.7 एकड़ से अब 16.50 एकड़ कैसे हो गई है। जसबीर सिंह बंटी आर्किटेक्ट विभाग का नक्शा लेकर नगर निगम कमिश्नर समेत दूसरे अधिकारियों के पास गए और बताया कि नक्शे के अनुसार यह जगह 33.55 एकड़ दिख रही है। इस पर वह वोटिंग की मांग करने लगे। जैसे ही मेयर हरप्रीत कौर बबला, नगर निगम कमिश्नर अमित कुमार समेत दूसरे अधिकारी इस पर चर्चा करने लगे तो मेयर का फोन बज गया, उनकी तरफ से फोन पर नगर निगम कमिश्नर अमित कुमार से बात करवाई गई। इसी दौरान हाउस हाल के ऊपर विजिटर कुर्सी पर बैठे उनके पति के कान पर भी फोन लगा हुआ था। जिस कारण पार्षद ने तंज कस दिया। 24 घंटे वाटर सप्लाई पर पार्षदों की साफ नाह मनीमाजरा की तरह चंडीगढ़ में भी 24 घंटे पीने लायक पानी देने के लिए प्रस्ताव रखा गया था। जिस पर पार्षदों ने साफ ना कर दी है। AAP-कांग्रेस पार्षदों ने इसे ‘सफेद हाथी’ बताते हुए खत्म करने की मांग की। पूर्व मेयर अनूप गुप्ता ने कहा कि फंड पाइपलाइन बढ़ानी जरूरी है, इसलिए प्रोजेक्ट जारी रखना चाहिए। विपक्ष ने वोटिंग मांगी, पर मेयर ने मना कर दिया। हालांकि मेयर ने यह जरूर कहा कि प्रोजेक्ट का रिव्यू होगा। साथ ही हाउसिंग एंड अर्बन डेवलपमेंट मिनिस्ट्री व एडवाइजरी कमेटी की रिपोर्ट भी हाउस में रखी जाएगी। इस पर मेयर विरोधी पार्षद वोटिंग की मांग करते रहे। कई बार हाउस में खड़े होकर हाथ उठा भी दिए। मगर मेयर ने इसकी इजाजत नहीं दी। पार्षदों का कहना है कि जब हमारे पास पैसा है ही नहीं तो क्यों इस तरह के प्रोजेक्टों का लाया जाना चाहिए। जबकि किसी भी शहर निवासी को पीने लायक पानी से कोई दिक्कत नहीं है। 100 करोड़ से सड़कें ठीक होंगी कमिश्नर अमित कुमार ने बताया कि 100 करोड़ रु. से सड़कों का काम चल रहा है और इसे 15 दिसंबर तक पूरा करना अनिवार्य है। एस्टीमेट तैयार न होने पर ठेकेदार बिंद्रा कंस्ट्रक्शन को ब्लैकलिस्ट कर दिया जाएगा। कांग्रेस पार्षद गुरप्रीत गाबी ने कहा कि वह चाहते हैं कि जितने भी काम सप्लीमेंटरी एजेंडे में रखे गए हैं। इन्हें बिना किसी सीनेट में लाए पास कर देना चाहिए और सड़कों के काम के लिए जल्द से जल्द मंजूरी मिलनी चाहिए क्योंकि अगर हम लंबी प्रक्रिया में पड़ गए तो इस सीजन में सड़कें नहीं बन पाएंगीं। निगम हाउस में इन कार्यों को मंजूरी…. मलाेया गोशाला का ठेका संस्था को देने पर विवाद हुआ, तरुणा मेहता ने सवाल उठाए मगर इसे पास कर दिया गया, मेयर ने कहा हम दी गई जानकारी के बाद ही इसे लागू करेंगे गांवों में नए बिल्डिंग बायलॉज 2024 के खिलाफ अगली हाउस बैठक में एजेंडा लाने पर हुई सहमति मनीमाजरा व 7 अन्य सेक्टरों 24,26,29,51 व 63 में नए सामुदायिक सेटर बनाने को मंजूरी मिली है।