अयोध्या से सपा सांसद अवधेश प्रसाद परिवार समेत रामलला के दर्शन किए। पहली मंजिल पर बने रामदरबार में भी पूजा-अर्चना की। 40 मिनट तक मंदिर परिसर में रहे। कहा- रामलला के दर्शन अद्भुत आध्यात्मिक अनुभूति कराते हैं। प्रभु श्रीराम सत्य, मर्यादा और सद्भाव के प्रतीक हैं। समाज में प्रेम और भाईचारा बनाए रखना ही सच्ची भक्ति है। अयोध्या के विकास में राजनीति नहीं, बल्कि सेवा की भावना होनी चाहिए। 25 नवंबर को हुए राममंदिर के ध्वजारोहण समारोह में सांसद को निमंत्रण नहीं मिला था। इस पर उन्होंने कहा- मैं इंतजार करता रहा कि मुझे भी निमंत्रण पत्र मिलेगा, लेकिन नहीं मिला। अगर बुलाया जाता तो मैं नंगे पैर पहुंचता। लोगों का कहना है कि मैं दलित बिरादरी से हूं, पासी हूं, इसलिए कार्ड नहीं भेजा गया। यह दूसरी बार है, जब अयोध्या सांसद ने रामलला के दर्शन किए हैं। दो तस्वीरें देखिए- बेटे, बहू और नाती के साथ पहुंचे थे सपा सांसद
सपा सांसद शाम 7 बजे राम मंदिर पहुंचे। उनके साथ बेटा अमित, बहू, नाती और बेटी भी मौजूद रहे। यहां रामजन्मभूमि ट्रस्ट के सदस्यों ने उनका स्वागत किया। पूजा करने के बाद उन्होंने कहा- रामलला के दर्शन करके बहुत अच्छा लगा। प्रभु श्रीराम की कृपा हमेशा उन पर बनी रहती है। सांसद बोले कि वह कई बार रामलला के दर्शन कर चुके हैं और हर बार उन्हें आत्मिक शांति मिलती है। 25 तारीख को आम जनता को भी दर्शन नहीं करने दिया गया, इसके लिए मैंने जिलाधिकारी से तीन बार बात की। 5 अप्रैल को रामलला के दर्शन करने पहुंचे थे रामलला की प्राण प्रतिष्ठा को एक साल पूरा होने पर सपा सांसद अवधेश प्रसाद 5 अप्रैल 2025 को रामनवमी के मौके पर परिवार के साथ राम मंदिर पहुंचे थे। उन्होंने रामलला के दर्शन किए थे। सांसद ने कहा था कि अयोध्या की जनता ने विश्वास कर मुझे सेवा का मौका दिया। मैं उनकी उम्मीदों पर खरा उतरने की कोशिश करूंगा। राम मंदिर का निर्माण अभी अधूरा है और इसे पूरा होने में लगभग दो वर्ष और लगेंगे। राम हमारे रोम-रोम में बसे हैं। ———– ये खबर भी पढ़िए योगी बोले- कब्जा करने वालों की कमर सीधी की:इतना कूटा कि उस पर फैक्ट्री बनवा रहे; अब माफिया गायब, दंगे बंद ‘8 साल पहले यूपी में क्या स्थिति थी? जाति के नाम पर लड़ाया जाता था, भाषा के नाम पर बांटा जाता था। तुष्टीकरण की नीति पर चलकर अराजकता पैदा की जाती थी। कर्फ्यू जैसा माहौल बनाया जाता था। यह सपा-कांग्रेस करती थी। गुंडागर्दी पैदा कर व्यापारी की प्रॉपर्टी पर कब्जा करते थे। ये बातें सीएम योगी ने गोरखपुर कहीं। पूरी खबर पढ़िए