हिमाचल के किन्नौर में कांग्रेस ने ‘संगठन सृजन अभियान’ शुरू किया है। इसके तहत अब जिला अध्यक्ष की नियुक्ति दिल्ली या शिमला से नहीं, बल्कि जमीनी रिपोर्ट के आधार पर होगी। यह जानकारी अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (एआईसीसी) के सचिव और किन्नौर के पर्यवेक्षक रणविजय सिंह ने रिकांगपिओ में दी। मीडिया से बातचीत में रणविजय सिंह ने बताया कि कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल का मानना है कि संगठन के चुनाव जिला स्तर के कार्यकर्ताओं से बात करके होने चाहिए, न कि दिल्ली और शिमला में बैठे बड़े नेताओं के कहने पर। उन्होंने कहा कि पहले बड़े नेताओं की सिफारिश पर अध्यक्ष बना दिए जाते थे, लेकिन अब ऐसा नहीं होगा। नई सोच के साथ आगे बढ़ रहा अभियान : सिंह उन्होंने कहा कि, संगठन सृजन अभियान एक नई सोच के साथ आगे बढ़ रहा है। इसके तहत हर जिले में एक पर्यवेक्षक जाएगा, जो सभी फ्रंटल संगठनों से बात करेगा। इस बातचीत से जो भी निष्कर्ष निकलेगा, उसकी रिपोर्ट बनाकर अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी को सौंपी जाएगी। रणविजय सिंह ने बताया कि प्रदेश के सभी 12 जिलों में इस नियुक्ति प्रक्रिया के दौरान सामाजिक न्याय (सोशल जस्टिस) का विशेष ध्यान रखा जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि पूरी प्रक्रिया संपन्न होने के बाद ही जिले में जिलाध्यक्ष का नाम सामने आएगा। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में जिला अध्यक्ष की जिम्मेदारी बहुत महत्वपूर्ण होगी, जिसकी भूमिका ग्राम स्तर से लेकर लोकसभा चुनावों तक रहेगी। अभियान के तहत, वे किन्नौर जिले के तीनों मंडलों का दौरा करेंगे और जो भी जिला अध्यक्ष बनना चाहता है, उसे एक फॉर्म भरकर देना होगा। इस दौरान उनके साथ प्रदेश वन निगम उपाध्यक्ष और किन्नौर कांग्रेस प्रभारी अनिल खाची भी मौजूद रहे।