बिहार में चल रहे बुलडोजर पर कांग्रेस का प्रदर्शन:कहा-गरीबों, पिछड़ों पर प्रशासनिक दमन तेजी से बढ़ रहा; कमजोर तबकों की आवाज़ दबाने की कोशिश की जा रही

बिहार में अतिक्रमण को लेकर लगातार हो रहे बुलडोजर एक्शन में कई गरीबों के दुकान, ठेले उजर गए हैं। वंचित समुदायों के संवैधानिक अधिकारों की रक्षा की मांग को लेकर आज बिहार कांग्रेस के कुछ नेताओं और कार्यकर्ताओं ने इनकम टैक्स गोलंबर पर धरना प्रदर्शन किया। कांग्रेसियों ने कहा कि हमारी लड़ाई किसी व्यक्ति या संस्था से नहीं, बल्कि अन्याय, भेदभाव और संवैधानिक मूल्यों के हनन के खिलाफ है। गरीबों, पिछड़ों पर प्रशासनिक दमन तेजी से बढ़ रहा आदित्य पासवान ने कहा कि प्रदेश के विभिन्न हिस्सों से लगातार मिल रही खबरें बताती हैं कि दलित-महादलित और अतिपिछड़ा समुदाय पर अन्याय, हिंसा, उत्पीड़न और प्रशासनिक दमन तेजी से बढ़ रहा है। शासन-प्रशासन की संवेदनहीनता और भेदभावपूर्ण रवैये ने सामाजिक सौहार्द को ठेस पहुँचाई है। कमजोर तबकों की आवाज़ दबाने और उन्हें भयभीत करने का यह तरीका किसी भी लोकतांत्रिक समाज के लिए शर्मनाक है। प्रदेश के दलित, महादलित के मन में गहरा आक्रोश नालंदा जिले के रहुई प्रखंड के शिवनंदन नगर में पासवान समुदाय के गरीब और वंचित परिवारों के घरों पर प्रशासन द्वारा अचानक और अमानवीय तरीके से चलाए गए बुल्डोज़र ने पूरे प्रदेश के दलित, महादलित और अतिपिछड़ा समाज के मन में गहरा आक्रोश और असुरक्षा की भावना पैदा कर दी है। यह कार्रवाई न केवल संविधान द्वारा प्रदत्त अधिकारों का खुला उल्लंघन है, बल्कि सामाजिक न्याय और मानवीय गरिमा पर सीधा हमला भी है। कांग्रेसियों ने रखी कुछ मांगें प्रदर्शन के दौरान कांग्रेसियों ने कुछ मांग भी रखी है। शिवनंदन नगर, रहुई, नालंदा में पासवान समुदाय के घरों पर हुई बुल्डोज़र कार्रवाई की उच्च स्तरीय न्यायिक जांच होनी चाहिए। दोषी अधिकारियों और जिम्मेदार व्यक्तियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई होनी चाहिए। प्रभावित परिवारों के लिए तत्काल मुआवजा, पुनर्वास और सुरक्षा की व्यवस्था हो। पूरे बिहार में दलित, महादलित और अतिपिछड़ा समुदाय के खिलाफ हो रहे अत्याचार पर राज्य- स्तरीय मॉनिटरिंग तंत्र की स्थापना हो। प्रशासन द्वारा किसी भी प्रकार की दमनात्मक कार्रवाई पर तुरंत रोक और सभी समुदायों के साथ समान तथा न्यायपूर्ण व्यवहार सुनिश्चित करना होगा।

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