प्रयागराज में जेल में बंद सपा ब्लॉक प्रमुख मोहम्मद मुजफ्फर के परिजन, गवाहों को धमका रहे हैं। जमानत के लिए उनके भाई और भतीजे ने केस के वादी को सरेआम रोककर धमकाया और शपथ पत्र नहीं देने पर जान से मारने की धमकी दी। पुलिस से की गई शिकायत में पीड़ित ने बताया- ब्लॉक प्रमुख के भाई और भतीजा ने जमानत के लिए हाईकोर्ट में शपथ-पत्र देने के लिए धमकी दी है। दोनों ने रास्ते में गाड़ी रुकवाकर उसे उतारा और समझौता करने की धमकी दी। घटना 27 नवंबर की दोपहर की है। मोहम्मद मुजफ्फर, कौड़िहार ब्लॉक के प्रमुख हैं। वह गौ-तस्करी के आरोप में 15 अक्टूबर 2023 से जेल में बंद हैं। पहले पढ़िए पीड़ित ने क्या कहा… नवाबगंज के फतुहपुर उपरहार गांव के कुंदन कुमार सिंह ने पुलिस को बताया- मोहम्मद मुजफ्फर के भाई असलम और उनका भतीजा फैज 27 नवम्बर को सरेआम उनकी गाड़ी रोक लिए। वे जेल में बंद ब्लॉक प्रमुख मोहम्मद मुजफ्फर की जमानत के लिए शपथ पत्र देने का दबाव बनाने लगे। जब मैंने इनकार किया तो धमकाने लगे। गालियां दीं और जान से मारने की धमकी दी। कहा कि आज ही शपथ पत्र देना है, नहीं दोगे तो अंजाम बहुत बुरा होगा। जब पड़ोस के लोग उधर आते दिखे तो दोनों भाग गए। कुंदन ने बताया- फैज पर 16 और असलम पर 30 मुकदमे दर्ज हैं। दोनों पर गैंगस्टर की कार्रवाई हो चुकी है। फरार घोषित होने के बाद भी दोनों खुलेआम घूम रहे हैं। कुंदन ने सुरक्षा मांगी, आरोपी पर FIR
कुंदन ने परिवार और खुद के लिए सुरक्षा की मांग की है। कहा- आरोपी लगातार दबाव बनाकर मुकदमे को प्रभावित करना चाहते हैं। पुलिस ने कुंदन की तहरीर पर मुजफ्फर, असलम और फैज के खिलाफ FIR दर्ज कर ली है। 19 दिन पहले लगा था गैंगस्टर
गो तस्कर गैंग का सरगना मुजफ्फर इस समय फतेहगढ़ जेल में बंद है। उस पर 19 दिन पहले ही गैंगस्टर लगाया गया था। उसके भतीजे जैद समेत गिरोह के 18 सदस्यों पर गैंगस्टर एक्ट की कार्रवाई की गई है।फूलपुर और सोरांव थानों में इसी साल दर्ज दो अलग-अलग गोकशी के मुकदमों को आधार बनाकर यह कार्रवाई की गई है। पहले भी पांच बार गैंगस्टर लग चुका है। मुजफ्फर पर 53 केस, जेल से जीता था चुनाव
पुलिस रिकॉर्ड में नवाबगंज के चफरी गांव का रहने वाला मुजफ्फर, अंतरजनपदीय गोतस्कर गिरोह का सरगना है। प्रयागराज के अलावा वाराणसी, कौशांबी, फतेहपुर, भदोही और चंदौली जिलों में उस पर 53 केस दर्ज हैं। 2021 में गैंगस्टर केस में जेल में रहते हुए वह ब्लॉक प्रमुख का चुनाव जीता था। वह अप्रैल 2023 में जमानत पर छूटा था। 15 अक्टूबर 2023 को पुलिस ने उसे बरौली से अरेस्ट किया था। वह एक शादी समारोह में शामिल होने पहुंचा था लेकिन पुलिस उसे अरेस्ट करने पहुंच गई। पुलिस से बचने के लिए वह बुर्का पहनकर भागा लेकिन पकड़ा गया। तब से वह जेल में है। कुछ दिनों तक वह नैनी जेल में रहा, फिर उसे फतेहगढ़ जेल में ट्रांसफर कर दिया गया था। गिरोह पर 200 से ज्यादा मुकदमे
मुजफ्फर के सात भाई हैं। पुलिस रिकॉर्ड में सातों हिस्ट्रीशीटर हैं। सभी पर तस्कर गिरोह का सदस्य होने का आरोप है। उसके भतीजे जैद पर 15 मुकदमे दर्ज हैं। मुजफ्फर के गैंग पर 200 से ज्यादा मुकदमे दर्ज हैं। करोड़ों की संपत्ति हो चुकी है कुर्क
2022 में तत्कालीन एसएसपी शैलेश कुमार पांडेय ने मुजफ्फर की करीब ₹10 करोड़ की संपत्ति कुर्क कराई थी। इससे पहले भी पुलिस और प्रशासन ने उसकी कई संपत्तियां जब्त की थीं। बताया जाता है कि उसका गिरोह ट्रकों के जरिए विभिन्न राज्यों में गोवंश की तस्करी करता है। गिरोह तस्करी के लिए फर्जी नंबर प्लेट का इस्तेमाल करता। गिरोह में तमाम हथियारबंद हैं। इनका पुलिस के साथ भी सांठ-गांठ सामने आया है। ——————– ये खबर भी पढ़िए- SIR से तंग BLO सुसाइड से पहले फूट-फूटकर रोया: मुरादाबाद में फंदे से लटका, लिखा- 4 बेटियां हैं…जीना चाहता हूं, काम नहीं कर पा रहा यूपी के मुरादाबाद में टीचर BLO ने सुसाइड कर लिया। रविवार सुबह उनका शव कमरे में फंदे से लटका मिला। शव देखकर परिवार में कोहराम मच गया। टीचर सर्वेश सिंह (46) ने जान देने से पहले बेसिक शिक्षा अधिकारी के नाम 3 पेज का सुसाइड नोट लिखा। इसमें SIR से परेशान होने की बात लिखी। नोट में उन्होंने लिखा- रात-दिन काम करता रहा। फिर भी SIR का टारगेट हासिल नहीं कर पा रहा हूं। रात बहुत मुश्किल और चिंता में कटती है। सिर्फ 2 से 3 घंटे सो पा रहा हूं। 4 बेटियां हैं, 2 की तबीयत कई दिनों से खराब है। पढ़ें पूरी खबर…