हरियाणा के सिरसा में महिला पुलिस थाने पर हुए विस्फोटक हमले में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) के आने के बाद जांच तेज हो गई है। एजेंसी ने गिरफ्तार पांचों आरोपियों और उसके परिवार के बैंक खातों की डिटेल खंगालनी शुरू कर दी है, जिनसे पैसों का लेन-देन हुआ। आरोपी विक्की, धीरज, विकास और संदीप से महिला थाना और उनके गांव में निशानदेही करवाई गई है। उनके पास कुछ और विस्फोटक सामग्री भी मिली है, जिनसे वह और कई बड़ी वारदात को अंजाम देने वाले थे। गैंग का मुख्य सरगना और हमले का मास्टरमाइंड विकास उर्फ विक्की धारीवाल कबड्डी खिलाड़ी रहा है और स्टेट लेवल तक खेल चुका है। नशे ने उसे गलत दिशा में धकेल दिया और अब वो नशे के बिना रहता तक नहीं। उसने खेलना भी छोड़ दिया था। नशे के पैसे के कारण ही वो पाकिस्तानी डॉन के संपर्क में आया और लालच में फंस गया। पुलिस ने इन आरोपियों के परिवार को भी पूछताछ के लिए बुलाया था। कुछ आरोपियों के ही पारिवारिक सदस्य उनसे मिलने पहुंचे। आरोपी संदीप की मां उससे मिलने पहुंची, तो अपनी मां को देख संदीप रोया और नम आंखों से बोला-गलती हो गई। इस पर मां ने कहा, गलत किया है तो तुझे सजा मिलेगी। बता दें कि सभी आरोपियों के परिवार वालों का अब गांव में जीना तक मुहाल हो चुका है। जब दैनिक भास्कर एप की टीम ने शनिवार शाम इन आरोपियों के गांव रानियां क्षेत्र के खारिया में ग्राउंड रिपोर्ट की तो कई नई चीजें सामने आई है। आइए पढ़ें क्या-क्या खुलासे हुए… चार आरोपी एक ही गांव के, साथ में पढ़े ग्रामीणों एवं इनके परिवारों से बातचीत में पाया कि यह चारों शुरू से ही एक साथ गांव के स्कूल में पढ़े हैं। जब पढ़ाई छोड़ी, तो कुछ दिन तक अलग रहे। मगर बाद में फिर एक होकर रहने लगे और 17 से 18 वर्ष की आयु में ही नशे के चुंगल में फंस गए। धीरे-धीरे नशे के अधिक आदि हो गए और चिट्टे के बाद अब मेडिसन नशा इंजेक्शन पर आ गए थे। नशे के पैसे के लिए खालिस्तानी संगठन से तार जुड़े घरवालों के अनुसार, चारों आरोपी विकास उर्फ विक्की, संदीप, विकास, धीरज नशे के लिए कभी घरवालों से पैसे मांगते थे तो कभी दोस्तों से। घरवालों ने बहुत समझाया और इलाज भी कराया, पर नशा नहीं छुट पाया। सब जरिए बंद हो गए तो खालिस्तानी संगठन से तार जुड़ गए। विक्की ही शातिर होने के साथ-साथ इंटरनेट-सोशल मीडिया हैंडल चलाने का माहिर है। इसी ने सभी को पैसों का लालच दिया और हमला करने की ये डील की। मामले में चारों आरोपी खारिया के और पांचवां आरोपी मूलरूप से चौटाला गांव और हाल ही में हाउसिंग बोर्ड में रहता है। मंगलवार रात करीब 10 से 11 बजे के बीच महिला थाने के बाहर हमला हुआ था। बुधवार को इसकी वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुई। इसकी जिम्मेदारी खालिस्तान लिबरेशन आर्मी (KLF) ने ली। इंस्टाग्राम पर किंग शूटर्स 302 नाम से बने अकांउट से वीडियो पोस्ट की। पाकिस्तानी डॉन शहजाद भट्टी ने ली सिरसा हमले की जिम्मेदारी पाकिस्तानी डॉन शहजाद भट्टी ने भी इसकी जिम्मेदारी ली और सिरसा युवकों से संपर्क होने का दावा किया। शहजाद भट्टी ने ऑडियो जारी कर कहा- मैं साफ कर देना चाहता हूं कि मेरा ना भारत, ना भारत के लोगों, ना सरकार और ना ही एजेंसी से कोई मसला है। उसने कहा – मेरा मसला सिर्फ लॉरेंस बिश्नोई के साथ है, जिसकी मेरे देश पाकिस्तान पर बुरी नजर है। सिरसा थाने में ब्लास्ट करा ट्रेलर दिखाया है। हमला आरोपियों से इसकी सोशल मीडिया पर वीडियो कॉल से बात होती थी। 5-6 दिन पहले ही प्लानिंग हो गई थी। हमले के बाद उसे वीडियो भेजी थी, जिसे वायरल किया था। खारिया में गलियां सुनसान, इक्का-दुक्का लोग बाहर घूमते मिले शनिवार शाम करीब 4 बजे का समय था। रानियां रोड से बाबा मुंगा नाथ मंदिर की ओर से गांव खारिया में एंट्री प्वाइंट, वहां अक्सर भीड़ रहती थी। उस वक्त वहां सन्नाटा छाया था। आगे चलकर गलियां भी सुनसान थी और इक्का-दुक्का लोग ही बाहर दिखाई दिए। लोगों में भय का माहौल दिखा। ग्रामीण बोले कि कोई इनका साथ नहीं देगा। इन्होंने देश के साथ गद्दारी की है। विक्की के घर का 25 दिन से कनेक्शन कटा, परिवार के हालात खराब जब भास्कर ऐप की टीम विकास धारीवाल के घर पहुंची तो विकास की दादी चारपाई पर बैठी मिली। उनके पास ही विकास की तीन माह की बेटी लेटी हुई थी। जब बुजुर्ग महिला से विकास के बारे में जिक्र किया तो बातचीत शुरू करते ही वह रोने लगीं। इसके बाद विकास की पत्नी जिविषा आई। बोली- विकास से उसकी तीन साल पहले लव मैरिज हुई थी। तीन माह की एक बेटी है। उस वक्त हम दोनों के परिवार वाले शादी से खुश नहीं थे, तो विकास ने कहा था, हम गांव से बाहर रह लेंगे। बाद में यहीं रहना शुरू कर दिया। एक साल बाद विकास का पता चला कि नशे का आदी है। विकास से पूछा तो कहा था कि 8 सालों से नशा करता है। नशा छुड़वाने की कोशिश की, पर नहीं माना। अब इंजेक्शन लगाता है। ऐसा विश्चास ही नहीं कि विकास ऐसा कर सकता है। जबकि विकास कबड्डी और कुश्ती का बहुत शौकीन है और राज्य स्तर तक कबड्डी खेल चुका है। पिता की 5 साल पहले मौत हो चुकी है। दो भाई-बहन है। 25 दिनों से लाइट का कनेक्शन कटा हुआ है। परिवार में कोई कमाने वाला नहीं। अक्सर विकास एक घंटा या आधे घंटे के लिए घर से बाहर जाया करता और नशे के इंजेक्शन लगाकर घर वापस आ जाया करता। उसके बाद सारा दिन घर में ही रहा करता सारा दिन मोबाइल चलाता, जिसको लेकर हम लोगों की तरफ से बार-बार उसको रोका जाता था। संदीप की मां बोली- बेटे ने गलत किया, गिरफ्तारी सही संदीप के घर पहुंचे तो उसकी मां अमरजीत कौर गेट के बाहर मिली। देखते ही रुक गई और बेटे के बारे में कहने लगी, एसपी सर ने हमें बुलाया था। संदीप मुझे देखकर खूब फूट-फूट कर रोया। परंतु मैंने भी बोला कि अगर तूने गलत किया है तो तेरे साथ सही हुआ है। उसके चार बच्चे हैं। संदीप दिहाड़ी करता था। पिता, उसका 8 साल पहले ही मर चुका। अब तो लोगों की बातें सुनकर घर से बाहर निकलने का मन नहीं करता। लोग हमसे दूरियां बनाने लगे हैं। अब तो पेट पालना भी मुश्किल हो जाएगा। खुद के पास पैसा नहीं होते तो मेरे से पैसे मांग लेता। लोगों के साथ अक्सर कई बार शराब पीकर लड़ाई करके घर आ जाया करता था। हमले वाले दिन संदीप घर से मुझे ये कहकर निकला था कि दोस्तों के साथ शादी में जा रहा हूं। जो बाड़ खेत को ही खाने लग जाए वो कैसी बाड़। बोली कि, जब अपने देश में रहने वाले ही पाकिस्तान के लिए काम करेंगे तो उनका क्या असर होगा? हमारा पाकिस्तान से क्या लेना देना है। नशे के कारण ही यह सब हुआ है। चाचा बोले- परिवार को शर्मसार किया विकास के घर उसके चाचा मिले। चाचा ने बताया, दो दिन पहले विकास से मुलाकात करने के लिए पुलिस ने सिरसा बुलाया था। विकास मुझे देखकर खूब रोया। मैंने पुलिस से यहीं कहा कि इसको सख्त से सख्त सजा दो हो सकता है, तो इसको फांसी भर भी टांग दो। हमारा परिवार समाज में उठने बैठने वाला है। इस एक के कारण हमारा सर शर्म से झुक चुका है। हम गांव में सिर उठाकर बाहर नहीं निकल सकते। विकास की मां पिछले 10 साल से बीमार है। उसकी किडनी डैमेज है। कुछ दिन पहले बठिंडा एम्स में एडमिट थी। वहां से विकास वापस आ रहा था तो पुलिस ने रास्ते में ही इसको धर दबोचा। विकास की एक बहन की शादी कुछ दिन पहले ही हुई थी। विकास शादी में ही राजस्थान से गांव आया था। विकास राजस्थान में पेंटर का काम करता था। काफी लंबे समय से वो अपने ननिहाल में ही रह रहा था। पहले विकास धारीवाल और बाद में धीरज को गिरफ्तार किया। उसके बाद विकास को पकड़ा। धीरज के घर पहुंचे तो गेट मिला बंद आखिर में धीरज के घर पहुंचे तो घर के बाहर पुलिस की गाड़ी खड़ी खड़ी थी। गेट को खोलने की कोशिश की गई, परंतु गेट अंदर से बंद किया हुआ था। आवाज लगाने पर भी कोई बाहर नहीं आया। पुलिस की गाड़ी चारों आरोपियों के घर चक्कर लगाती दिखी, कहीं कोई बाहर न चला जाए। निशानदेही में मोबाइल, बाइक व कपड़े किए बरामद सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, शनिवार शाम को चारों आरोपियों को साथ लेकर एसआईटी की टीम गांव में पहुंची और उन लोगों से निशानदेही करवाई गई। विकास के घर से एसआईटी की टीम ने उसकी बाइक, मोबाइल और उसके साथ साथ उसके कपड़ों को भी बरामद कर लिया है। विक्की के घर से सूटकेस मिला है। उसके घर पर अनाज से भरी बोरियां व अन्य सामान खंगाला गया।