यूपी में जनवरी के आखिरी दिनों में एक बार फिर ठंड बढ़ गई है। जिस समय लग रहा था कि सर्दी अब खत्म होने वाली है, तभी मौसम अचानक बदल गया। प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश हुई, ओले गिरे। एक बार फिर ऐसा ही मौसम बनने वाला है। मौसम विभाग के मुताबिक, 1 से 3 फरवरी के बीच प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश होने की संभावना है। अचानक जनवरी में बारिश और ओले क्यों गिरे? इस बार ठंड कैसी रही? फरवरी में ठंड और बारिश का क्या हाल रहेगा? बदलता मौसम खेती-किसानी को कैसे प्रभावित करेगा? पढ़िए इस रिपोर्ट में… यूपी में अब तक कैसा रहा मौसम नोएडा स्थित स्काईमेट वेदर के मौसम विशेषज्ञ महेश पलावत बताते हैं- यूपी में पिछले 2 साल के मुकाबले कम ठंड रही। दिसंबर और जनवरी में औसत अधिकतम और न्यूनतम दोनों तापमान सामान्य से ज्यादा रहे। सर्दियों के लिए उत्तर भारत के लिए अधिकतम औसत तापमान 20 से 22 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम 10 से 15 डिग्री सेल्सियस निर्धारित है। महेश पलावत कहते हैं कि अब तक प्रदेश में यह दोनों तापमान औसत रूप से ज्यादा रहे। इस बार एक्सट्रीम ठंड देखने को नहीं मिली। वहीं, लखनऊ मौसम विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिक मोहम्मद दानिश भी यही बताते हैं कि इस बार पिछले साल की तुलना में कम ठंड पड़ी।
जनवरी में बारिश और ओले क्यों गिरे? मौसम वैज्ञानिक मोहम्मद दानिश कहते हैं- पश्चिमी विक्षोभ एक मौसम प्रणाली है। यह भूमध्य सागर और पश्चिम एशिया से चलकर उत्तर भारत तक पहुंचती है। सर्दियों के मौसम में यही प्रणाली उत्तर भारत के मौसम को सबसे ज्यादा प्रभावित करती है। जनवरी महीने में एक के बाद एक पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय रहे। इनके असर से वातावरण में नमी बढ़ी और ठंडी हवाओं के टकराव से बारिश हुई। कुछ इलाकों में बादल काफी ऊंचाई तक विकसित हो गए। इससे तेज हवाओं और अचानक ठंडे-गर्म तापमान के टकराव के चलते बारिश के साथ ओलावृष्टि भी दर्ज की गई। पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से बढ़ेगी ठंड
महेश पलावत के अनुसार, 31 जनवरी से 2 फरवरी तक एक नया पश्चिमी विक्षोभ उत्तर-पश्चिम भारत को प्रभावित करेगा। इससे हिमालय क्षेत्र में तेज बारिश/बर्फबारी होगी। गंगा के मैदानी इलाकों में ठंड बढ़ेगी। पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से तापमान में कमी और शीतलहर की स्थिति बन सकती है। इसके अलावा बारिश या बर्फबारी के कारण विजिबिलिटी कम होने और यातायात पर असर पड़ने की संभावना भी रहती है। पश्चिमी यूपी के कई जिलों में बारिश की संभावना
मोहम्मद दानिश के अनुसार, पश्चिमी विक्षोभ के असर से यूपी के मौसम में एक बार फिर बदलाव देखने मिलेगा। पश्चिमी यूपी के कई जिलों में हल्की से मध्यम बारिश की संभावना है। कुछ जगहों पर ओले गिरने और गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ सकती हैं। पूर्वी यूपी (लखनऊ, वाराणसी, गोरखपुर, प्रयागराज) में ज्यादा असर दिख सकता है। पश्चिमी विक्षोभ का असर कहां-कहां देखने को मिलेगा
मौसम विशेषज्ञ महेश पलावत के अनुसार, पश्चिमी विक्षोभ का असर उत्तर-पश्चिम भारत के मैदानी राज्यों जैसे पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, पश्चिमी उत्तर प्रदेश और राजस्थान में भी दिखेगा। इन इलाकों में हल्की से तेज बारिश हो सकती है। साथ ही मध्य भारत, जिसमें मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और आसपास के क्षेत्र शामिल हैं, वहां भी थोड़ी-बहुत बारिश की संभावना जताई गई है। फरवरी में कैसा रहेगा मौसम
फरवरी से तापमान धीरे-धीरे बढ़ने लगता है। वसंत आने के साथ ठंड का असर भी कम होने लगता है। हालांकि, बीच-बीच में पश्चिमी विक्षोभ के कारण मौसम बदलता रहेगा। कुछ इलाकों में बारिश भी हो सकती है। मौसम वैज्ञानिक महेश पलावत के मुताबिक, फरवरी में तापमान 3 से 5 डिग्री सेल्सियस तक बढ़ सकता है। लेकिन, यह राहत ज्यादा समय तक टिकने वाली नहीं। बीच-बीच में पश्चिमी विक्षोभ की वजह से तापमान में कुछ समय के लिए गिरावट भी देखने को मिल सकती है। इसके बावजूद फरवरी के अंत तक यूपी से ठंड पूरी तरह विदा हो जाएगी। खेती-किसानी के लिए कैसा रहेगा फरवरी
बीएचयू के कृषि विभाग के वैज्ञानिक प्रो. पीके सिंह के मुताबिक, गेहूं की फसल के लिए फरवरी का मौसम सामान्य रूप से अनुकूल माना जा रहा। हालांकि, दलहनी फसलों के लिए मौसम अनुकूल नहीं है। पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से बारिश और ओलावृष्टि की संभावना जताई गई है। पीके सिंह कहते हैं- बारिश और ओलावृष्टि होने पर गेहूं की बढ़वार प्रभावित हो सकती है। जबकि, दलहनी और अन्य फसलों को नुकसान पहुंचने का खतरा रहेगा। वहीं, बारिश के बाद अगर पाला पड़ता है, तो इसका असर खासतौर पर आलू और मटर की फसलों पर पड़ सकता है। इससे किसानों को नुकसान झेलना पड़ सकता है। ———————– ये खबर भी पढ़ें… यूपी में चेतावनी- कल 30 जिलों में भीषण ठंड-कोहरा, 3 दिन बाद फिर बारिश का अलर्ट यूपी में बारिश के बाद फिर ठंड लौट आई है। शुक्रवार सुबह 30 जिले घने कोहरे की चपेट में रहे। अलीगढ़-झांसी समेत कई जिलों में विजिबिलिटी 10 मीटर तक सिमट गई है। ओस की बूंदें रिमझिम बारिश जैसी महसूस हो रही थीं। लखनऊ एयरपोर्ट पर तीन उड़ानें रद्द करनी पड़ीं। पढ़िए पूरी खबर…