भास्कर न्यूज | जालंधर गोराया में रेस्टोरेंट चलाने वाले हरमनजोत सिंह से 20 लाख की रंगदारी मांगने के मामले में साजिशकर्ता पड़ोसी फरनजीत सिंह को गिरफ्तार किया है। रंगदारी के 20 लाख रुपए लेने आए वेटरनरी डॉक्टर के बेटे पारस जीत शर्मा वासी नूरमहल और फरनजीत को कोर्ट में पेश कर रिमांड पर लिया है। डीएसपी भरत मसीह ने कहा कि केस में दो आरोपी पकड़े हैं और गहराई से जांच चल रही है। पुलिस जल्द ही पूरे गैंग को ब्रेक कर देगी। सूत्र बताते हैं कि डॉक्टर ने बेटे पारस जीत शर्मा ने खुलासा किया था कि साउथ अफ्रीका में बैठे हैनरी वासी नूरमहल के कहने पर वह पैसे लेने आया था। पुलिस ने पारस जीत के बरामद मोबाइल की जांच की तो पता चला कि उन्हें हरमनजोत के बारे में पल-पल की जानकारी थी। पुलिस ने भेदी के एंगल पर जांच शुरू करते हुए गांव जज्जा कलां में रहते हरमनजोत सिंह के पड़ोसी फरनजीत सिंह को पकड़ा तो पूरा भेद खुल गया। पड़ोसी ने माना कि वह हैनरी के साथ पढ़ चुका है। हरमनजोत के पिता एनआरआई है और बर्गर का बिजनेस खोलने के लिए उन्हें मोटी रकम भेजी थी। उसके खाते में पैसे आए थे। उसने कहा-राज्य में बड़े-बड़े गैंगस्टर रंगदारी मांग रहे हैं और फायरिंग करवा रहे हैं। गोराया के लोग पहले से 10 जनवरी को डीपी ज्वेलर्स पर एक करोड़ की रंगदारी न देने पर फायरिंग की वारदात को लेकर डरे हुए थे। पड़ोसी ने हैनरी को बताया था कि हरमनजोत के पास मोटी पैसा है। जिसके बाद हैनरी के साथ मिलकर साजिश बनाई गई कि कैसे हरमन को डरवाना है और न डरे तो उस के रेस्टोरेंट पर फायरिंग करवानी है। हैनरी को हरमनजोत की पल-पल की जानकारी वह हैनरी को देता था तो वह कॉल कर उसे लगातार तीन दिन से डरा रहा था। पड़ोसी को यकीन हो गया कि हरमनजोत डर चुका है। इसके बाद हैनरी ने पैसे लेने के लिए अपने दोस्त पारस जीत को भेज दिया था। पारस भी इस साजिश में लिप्त था। वह कुछ समय पहले ही कनाडा से लौटा था। हरमनजोत पर फायरिंग के लिए वेपन भी मंगवाए गए थे और शूटर तैयार किए गए थे। बता दें कि 28 जनवरी को थाना गोराया में बीएनएस की धारा 308 (5) व 351 और असलहा एक्ट के तहत केस दर्ज किया गया था। पुलिस ने रंगदारी के बीस लाख लेने आए वेटरनरी डॉक्टर के बेटे पारस जीत शर्मा को अरेस्ट कर लिया था। खुद को बड़ा गैंगस्टर बता 5 से 10 लाख की रंगदारी वसूल रहे छोटे गैंग बड़े-बड़े गैंगस्टर एक करोड़ से लेकर 5 करोड़ की रंगदारी मांग रहे है, इस बीच सड़क छाप गुंडे बड़े गैंगस्टर का नाम लेकर 5 लाख से लेकर 10 लाख तक की रंगदारी वसूल रहे हैं। कत्ल व फायरिंग की वारदातों से डरे लोग इनके चक्कर में फंस कर पैसे देकर जान छुड़वा रहे हैं। ऐसे ही एक पीड़ित ने कहा कि मुझे दिसंबर में एक कॉल आई। कॉल विदेशी नंबर से थी। खुद को गोल्डी बराड़ का गुर्गा बताकर उससे पहले 10 लाख मांगे, लेकिन वे बड़े आराम से 5 लाख में मान गए। मैंने यह बात अपने रिटायर्ड पुलिस अधिकारी से की तो उसने कहा कि कभी बड़ा गैंगस्टर इतनी छोटी रकम नहीं मांगता। मैंने पैसे नहीं दिए। न ही पुलिस के पास गया। दोबारा धमकाने के लिए कॉल आई तो रिसीव ही नहीं की।