वारिस मलिक | जालंधर श्री गुरु रविदास बाणी अध्ययन सेंटर को लेकर 9 एकड़ जमीन की खरीद पूरी हो चुकी है अब यहां पर इंस्टीट्यूट स्थापित करने के लिए टूरिज्म विभाग काम करेगा। उक्त जगह पर क्या बनाया जाएगा और किस तरह से इसे डिजाइन किया जाएगा इसे लेकर अंतिम फैसला डेरे के प्रबंधक ही करेंगे। संत निरंजन दास जी श्री गुरु रविदास बाणी अध्ययन सेंटर कमेटी के चेयरमैन और डायरेक्टर टूरिज्म इसमें मेंबर सेक्रेटरी है। इसके अलावा डीसी जालंधर से लेकर कई विभागों के अध्यक्ष इसमें बतौर मेंबर नियुक्त है। यह ऐसा सेंटर होगा जहां पर श्री गुरु रविदास जी की बाणी उनके जीवन से जुड़ी हुई सारी सामग्री को एक जगह पर इकट्ठा किया जाएगा। हालांकि, यह भी विचाराधीन है कि यहां पर एक इंस्टीट्यूट कंस्ट्रक्ट किया जाए, जिसका फायदा समाज के युवाओं सहित दूसरे वर्गों को भी होगा क्योंकि श्री गुरु रविदास महाराज ने सभी मानवता के लिए संदेश दिया है। इस अध्ययन सेंटर के माध्यम से गुरु रविदास जी की बाणी का नियमित अध्ययन, व्याख्या और चिंतन किया जाएगा, जिससे युवाओं को उनके सामाजिक एवं आध्यात्मिक विचारों से जोड़ा जा सके। गुरु रविदास जी ने अपने जीवन और बाणी के माध्यम से जाति-भेद, असमानता के विरुद्ध आवाज बुलंद की। यह सेंटर केवल धार्मिक अध्ययन तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि समाज में फैली कुरीतियों के खिलाफ जागरूकता फैलाने और भाईचारे के संदेश को आगे बढ़ाने का कार्य करेगा। केंद्र का मूलविचार .श्री गुरु रविदास जी की बाणी और विचारधारा का गहन अध्ययन एवं प्रचार-प्रसार करना। . समाज में समानता, भाईचारा, मानवता और सामाजिक न्याय की भावना को मजबूत करना। .युवाओं को आध्यात्मिक, नैतिक और सामाजिक मूल्यों से जोड़ना। जाति-भेद, छुआछूत और भेदभाव के विरुद्ध जागरूकता पैदा करना ताकि सभी बराबर हों।