EX CM भट्ठल धमाकों वाले बयान पर बोलीं:मैंने तो एक पुराना किस्सा साझा किया, तब पंजाब काले दौर से निकल रहा था

पंजाब की पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस नेता राजिंदर कौर भट्ठल ने धमाको संबंधी बयान ने पंजाब की राजनीति में बवाल मचा दिया है। वहीं अब इसी बयान को लेकर उन्होंने अपनी स्थिति साफ की है। उन्होंने कहा कि मैं साफ करना चाहती हूं कि जिस समय की वह बात हो रही है, उस समय पंजाब में माहौल क्या था, यह सब अच्छी तरह जानते थे। उस समय पंजाब काले दौर से निकल रहा था। इसी तरह के हालात आज भी बनते जा रहे हैं। मैंने आज के हालातों को देखते हुए पंजाब की बेहतरी के लिए सरकार को उदाहरण देने के उद्देश्य से एक पुराना किस्सा साझा किया था, ताकि पंजाब में दोबारा कहीं माहौल खराब न हो जाए। मेरे कुछ राजनीतिक विरोधियों और हमारे कुछ शुभचिंतकों ने इसे गलत रंग देने की कोशिश की है। जो मांग अब विरोधी पक्ष के लोग कर रहे हैं कि उनके नाम बताए जाएं, मैं उन्हें बताना चाहती हूं कि ऐसे संवेदनशील पद पर रहते हुए आप कई आधिकारिक गोपनीयता और ऑफिशियल सीक्रेट से जुड़े कानूनों से बंधे होते हैं। साथ ही गोपनीयता बनाए रखने की संविधान की शपथ भी लेते हैं। इसके अलावा समय की नजाकत और हालातों को देखते हुए आप अपने राज्य और लोगों की बेहतरी के लिए कई बातें सार्वजनिक नहीं कर सकते। पूर्व स सीएम ने बयान जारी किया है, इसे तीन प्वाइंटों में जानिए, जो कि इस प्रकार है – 1. इस उम्र में तो कई बातें याद तक नहीं रहती दूसरी बात, वह घटना लगभग 30 साल पुरानी है। मेरी उम्र में तो कुछ बातें याद नहीं रहतीं और संभव है कि उस समय के कई लोग अब दुनिया में न हों। लेकिन ज़रूरी बात यह है कि राज्य के मुखिया, मुख्यमंत्री के तौर पर, जो मेरा फर्ज बनता था, उसे मैंने पूरी ईमानदारी से निभाया। जो भी ज़रूरी सुरक्षा कदम (प्रिवेंटिव स्टेप्स) और सावधानियां (प्रिकॉशनरी मेजर्स) लेनी थीं, उन्हें अपनाते हुए मैंने पंजाब में पूरी तरह अमन-शांति बनाए रखी और शांतिपूर्ण ढंग से चुनाव करवाने में सफलता हासिल की। 2. राजनीतिक रंग देकर रोटियां सेक रहे विरोधी दल जानबूझकर कांग्रेस पार्टी को नुकसान पहुंचाने और मेरी छवि को खराब करने के लिए इस मुद्दे को राजनीतिक रंग देकर अपनी सियासी रोटियां सेंक रहे हैं। अगर पंजाब की अमन-शांति के लिए मुझे व्यक्तिगत नुकसान उठाकर कोई कुर्बानी भी देनी पड़े, तो मैं अपने लोगों के लिए हर कुर्बानी देने को तैयार हूं। लेकिन पंजाब को फिर से उस काले दौर की ओर बढ़ते हुए देखकर मैं तमाशबीन बनकर नहीं रह सकती। मैं पंजाब और पंजाब के लोगों के लिए हमेशा सीना तानकर खड़ी रही हूं। मेरी ओर से केवल एक उदाहरण दिया गया था कि नेताओं को सलाहें तो मिलती रहती हैं, लेकिन उन्हें मानना या न मानना नेताओं की अपनी मर्ज़ी होती है। इसलिए सरकार को चाहिए कि वह इतिहास से सबक ले, आज के हालातों पर नजर डाले और ज़रूरी कदम उठाए। 3. सुखबीर में बहुत बदलावा आया है जहां तक सुखबीर बादल को लेकर मेरे बयान का सवाल है, वह एक पत्रकार द्वारा विपक्षी नेताओं के बारे में पूछे गए सवाल के जवाब में दिया गया था। मैंने सिर्फ़ इतना कहा था कि सुखबीर बादल में काफी बदलाव नजर आता है, लेकिन इसका यह मतलब बिल्कुल नहीं है कि शिरोमणि अकाली दल ही सरकार बनाएगा। आज साफ दिखाई दे रहा है कि पंजाब में कांग्रेस पार्टी की सरकार की बेहद ज़रूरत है। हम सभी दिन-रात एक करके प्रदेश की बेहतरी के लिए काम करेंगे और पंजाब में कांग्रेस पार्टी की सरकार बनाकर राज्य को फिर से खुशहाली और तरक्की के रास्ते पर लेकर जाएंगे। मैं कांग्रेस में थी, हूं और हमेशा रहूंगी। मैंने हमेशा पार्टी की एक जुझारू और ईमानदार सिपाही की तरह सेवा की है और आगे भी करती रहूंगी। मैंने कभी निजी फायदे या लालच के लिए पार्टी का साथ नहीं छोड़ा और हमेशा सिर उठाकर संघर्ष किया है।

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