PM मोदी जैसी कार में सवार होंगे नीतीश कुमार:AK-47 की गोलियां चले या दागे जाएं रॉकेट, सेफ रहेंगे CM; जानें क्यों खास है नई गाड़ी

AK-47 की गोलियां हों या रॉकेट लॉन्चर, बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की नई कार का कोई कुछ नहीं बिगाड़ पाएगा। CM नई बुलेटप्रूफ रेंज रोवर गाड़ी से चलेंगे। ऐसी गाड़ी में पीएम नरेंद्र मोदी चलते हैं। CM के काफिले के लिए बिहार सरकार जल्द 4 नई गाड़ियां खरीदने वाली है। इसकी शुरुआती कीमत 2.5 करोड़ रुपए है। रेंज रोवर गाड़ी का मॉडल क्या है? इसकी जानकारी अभी सामने नहीं आई है। मॉडल और बुलेट प्रूफिंग के लेवल के अनुसार लागत बढ़ सकती है। पीएम जिस रेंज रोवर की सवारी करते हैं वह 10 करोड़ से अधिक की है। स्पेशल रिपोर्ट में पढ़िए, नई बुलेटप्रूफ गाड़ी में क्या फीचर्स हो सकते हैं? CM अभी जिस गाड़ी पर चढ़ते हैं, उसकी खासियत…। बुलेटप्रूफ कार इस्तेमाल करते हैं सीएम पुलिस मुख्यालय के मुताबिक बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार बुलेटप्रूफ कार इस्तेमाल करते हैं। छत्तीसगढ़, आंध्र प्रदेश और कई और राज्यों के CM भी बुलेटप्रूफ गाड़ियों से चलते हैं। बिहार दौरे पर अगर किसी राज्य के CM आते हैं, तो उनके लिए बुलेटप्रूफ गाड़ी की व्यवस्था होती है। बताया जा रहा है कि नीतीश के लिए नई गाड़ी ऐसी खरीदी जाएगी, जिसे AK-47 की गोलियां भेद न सके। बम धमाके और रॉकेट लॉन्चर से हुए हमले को भी बेअसर कर दे। गैस अटैक से भी बचा दे। ऐसा फैसला सीएम की सिक्योरिटी को देखते हुए लिया गया है। पीएम मोदी भी करते हैं रेंज रोवर की सवारी नरेंद्र मोदी मर्सिडीज-मेबैक S650 गार्ड, रेंज रोवर सेंटिनल, टोयोटा लैंड क्रूजर और बीएमडब्ल्यू 7 सीरीज की कार में सवार होते हैं। मोदी के रेंज रोवर सेंटिनल की कीमत 10 करोड़ रुपए से अधिक है। ऐसी जानकारी मिल रही है कि नीतीश की कार भी पीएम जैसी हो सकती है। आर्मर्ड वर्जन है रेंज रोवर सेंटिनल रेंज रोवर सेंटिनल आर्मर्ड वर्जन है। भारी कवच लगाने से कार का वजन बढ़ जाता है। इसके चलते इसमें 5 लीटर का सुपरचार्ड V8 इंजन लगा है। यह 375 बीएचपी पावर जेनरेट कर सकता है। रेंज रोवर सेंटिनल 218 km/h की रफ्तार से दौड़ सकती है। 10 सेकंड में 0-100 km/h की स्पीड पकड़ लेती है। कार लेटेस्ट टेक्नोलॉजी से लैस है। हर तरह के रास्ते पर चल सकती है। आर्मर पियर्सिंग गोली भी नहीं भेद सकती रेंज रोवर सेंटिनल को यूके में बनाया जाता है। इसे कंपनी के स्पेशल व्हीकल ऑपरेशंस (SVO) डिवीजन के लोग हाथ से बनाते हैं। इसकी खिड़की को खास तरीके से डिजाइन किया गया है। यह 150mm तक खुल सकती है, जिससे अंदर बैठे व्यक्ति को हमलावरों के सामने आए बिना डॉक्यूमेंट्स दिया जा सकता है। कार में खास आर्मर्ड ग्लास लगा है। इस कार को बुलेटप्रूफ बनाने के लिए हाई-स्ट्रेंथ स्टील आर्मर्ड पैसेंजर सेल का इस्तेमाल होता है। यह 7.62mm हाई-वेलोसिटी गोलियों और 15kg TNT धमाकों को झेल सकती है। कार के शीशे को कई लेयर में लैमिनेट किया जाता है। इससे गोली लगते ही कांच नहीं टूटती। इसे आर्मर पियर्सिंग गोली से भी नहीं भेद सकते। गाड़ी में खास रन-फ्लैट टायर लगाए जाते हैं, जो क्षतिग्रस्त होने पर भी 100km से अधिक दूरी तक कार को ले जा सकें। कवच लगाने से बढ़े हुए वजन को संभालने के लिए कार के सस्पेंशन, ब्रेक और इलेक्ट्रॉनिक स्टेबिलिटी सिस्टम को अपग्रेड किया जाता है। गाड़ी में सेल्फ-सीलिंग फ्यूल टैंक लगाई जाती है। इसमें गोली लगने पर भी इंधन बाहर नहीं निकलता। अभी 50 लाख की गाड़ी में चलते हैं CM अभी मुख्यमंत्री नीतीश कुमार राजधानी यानी पटना में हुंडई की आयोनिक 5 गाड़ी से चलते हैं। यह बुलेटप्रूफ नहीं है। इसकी कीमत करीब 50 लाख रुपए है। वहीं, पटना से बाहर जाने के दौरान वह टाटा सफारी का इस्तेमाल करते हैं। यह बुलेटप्रूफ है।

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