बिहार में उच्च शिक्षा को मजबूती देने की दिशा में राज्य सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने बुधवार को घोषणा की कि राज्य में इसी साल 213 नए डिग्री कॉलेज खोले जाएंगे और आगामी शैक्षणिक सत्र से इनमें पढ़ाई भी शुरू हो जाएगी। साथ ही राज्य के 55 पुराने प्रतिष्ठित शिक्षण संस्थानों को सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के रूप में विकसित किया जाएगा, ताकि युवाओं को रोजगारपरक और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिल सके। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट कर बताया कि यह फैसला सात निश्चय-3 के चौथे निश्चय ‘उन्नत शिक्षा-उज्ज्वल भविष्य’ के तहत लिया गया है। इसका उद्देश्य राज्य के सभी प्रखंडों में उच्च शिक्षा की पहुंच सुनिश्चित करना है, ताकि छात्रों को, विशेषकर लड़कियों को, पढ़ाई के लिए दूर-दराज के इलाकों में न जाना पड़े। 213 प्रखंड में अंगीभूत या संबद्ध डिग्री कॉलेज नहीं हैं सीएम ने बताया कि बिहार के कुल 534 प्रखंडों में से अब भी 213 प्रखंड ऐसे हैं, जहां कोई भी अंगीभूत या संबद्ध डिग्री कॉलेज मौजूद नहीं है। इसी कमी को दूर करने के लिए सरकार ने पहले चरण में इन सभी प्रखंडों में डिग्री कॉलेज खोलने का निर्णय लिया है। उन्होंने कहा कि संबंधित विभागों को इसी वर्ष से इन कॉलेजों में पढ़ाई शुरू कराने का स्पष्ट निर्देश दिया गया है। फेमस कोचिंग का होगा विकास मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य के पुराने और प्रतिष्ठित शिक्षण संस्थानों को सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के रूप में विकसित किया जा रहा है। इसके तहत 55 संस्थानों का चयन किया गया है। इन संस्थानों के उन्नयन के लिए योजनाबद्ध तरीके से काम किया जा रहा है और अनुभवी शिक्षकों तथा छात्र-छात्राओं से सुझाव लेकर आगे की रणनीति तैयार की जा रही है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने दावा किया कि इस फैसले से न केवल उच्च शिक्षा को मजबूती मिलेगी, बल्कि युवाओं को रोजगार से जुड़ी शिक्षा प्राप्त करने में भी सुविधा होगी। साथ ही, सेंटर ऑफ एक्सीलेंस बनने से पुराने शिक्षण संस्थानों का गौरव भी फिर से स्थापित होगा