क्या नीतीश कुमार को डिमेंशिया बीमारी है:राबड़ी को लड़की; तेजस्वी को बच्चा, आखिर पर्सनल क्यों हो रहे नीतीश कुमार

‘ये जो लड़की है, इसका क्या है? इसको कुछ आता है? ई कोई काम की है? ई सबको कुछ आता था? इसके (पति) हट गए, तो कुछ दिन बाद इसी को (सीएम) बना दिया। ई सब कोई काम नहीं किया। 15 साल तक कुछ काम नहीं किया।’ ‘बैठो, चुपचाप सुनो। बच्चा हो। कुछ नहीं जानते हो। तुम्हारे बाप के समय के हैं न जी। तुम्हारे बाप को भी बनाए हैं।’ ऊपर के दोनों बयान बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के हैं। पहला बयान 9 फरवरी का है, जब नीतीश कुमार विधान परिषद में पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी पर भड़क गए थे। दूसरा बयान 5 फरवरी का है, जब नीतीश कुमार विधानसभा में तेजस्वी यादव के टोकाटोकी पर नाराज हो गए थे। नीतीश कुमार के इस बयान पर RJD भड़क गई। तेजस्वी ने नीतीश को डिमेंशिया से पीड़ित बुजुर्ग बताया तो पार्टी ने संवैधानिक पद पर बैठ महिलाओं के लिए अश्लील बातें करने वाला बिहार का बुड्ढा लड़का कहा। ऐसे में सवाल उठता है कि लालू फैमिली को लेकर नीतीश कुमार इतने पर्सनल क्यों हो जाते हैं और आखिर क्या वजह है? इन सवालों का जवाब जानेंगे आज के एक्सप्लेनर बूझे की नाहीं में…। 3 पॉइंट में लालू फैमिली पर नीतीश पर्सनल कमेंट क्यों करते हैं… 1. तेजस्वी का मनोबल तोड़ना चाहते हैं या चार्ज करना बिहार विधानसभा चुनाव में राष्ट्रीय जनता दल (RJD) 25 सीटों पर सिमट गई। यह अब तक का उसका दूसरा सबसे खराब प्रदर्शन है। हार के बाद तेजस्वी यादव घर से लेकर अपने गठबंधन में चुनौतियों का सामना कर रहे हैं। 2. भाजपा की तरह हार्ड पॉलिटिक्स करना चाहते हैं नीतीश कुमार इस चुनाव में मजबूत बनकर उभरे हैं। सरकार में भाजपा का प्रभाव भी बढ़ा है। वह एग्रेसिव पॉलिटिक्स के लिए जानी जाती है। नीतीश कुमार के हालिया फैसले और बयान से साफ है कि वह भी एग्रेसिव पॉलिटिक्स की पीच पर खेलेंगे। 3. नीतीश का सीधा मैसेज- अब लालू परिवार से नहीं मिलेंगे पॉलिटिकल एनालिस्ट संजय सिंह कहते हैं, ‘नीतीश कुमार के लगातार हमले से क्लियर मैसेज है कि अब वह लालू परिवार की तरफ रूख नहीं करेंगे। मतलब अब वह भाजपा के साथ ही रहेंगे।’ तेजस्वी बोले-नीतीश को डिमेंशिया बीमारी, क्या सच में बीमार हैं CM राबड़ी देवी को विधान परिषद में लड़की बोलने पर भड़के तेजस्वी यादव ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को डिमेंशिया और अल्जाइमर पीड़ित मरीज बताया। 9 फरवरी को X पर पोस्ट कर तेजस्वी ने लिखा, ‘डिमेंशिया और अल्जाइमर का दुष्प्रभाव जब बढ़ता है तो व्यक्ति मानसिक रूप से विक्षिप्त अवस्था में चला जाता है जहां आप सहानुभूतिपूर्वक रोगी के मानसिक स्वास्थ्य लाभ की कामना ही कर सकते हैं।’ तेजस्वी ने डिमेंशिया बीमारी क्यों कहा, नीतीश में उसके लक्षण हैं क्या

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