भास्कर न्यूज | अमृतसर डीसी दफ्तर के अलग-अलग विभागों में काम करने वाले 15 कर्मचारियों का तबादला किया गया है। इन तबादलों में 7 जूनियर सहायक, जबकि 8 क्लर्क शामिल है। तबादलों के आदेश में डीसी ने 15 दिन पहले अमृतसर तहसील-2 डाक मुहरर की सीट से लगाए यादविंदर सिंह को हटाकर इंद्रजीत कौर को लगाया है। इंद्रजीत कौर की करीब एक साल बाद फिर से इसी सीट पर लौटी हैं। उनका तबादला फरवरी 2025 में हुआ था। इससे पहले भी वह इसी सीट पर 2022 से 2025 तक काम करती रही हैं। अब दोबारा से उन्हें फिर से इसी सीट पर लगाए जाने से साफ है कि इन कर्मचारियों को पब्लिक डीलिंग वाली मलाईदार सीटों से ज्यादा प्यार है। वहीं यादविंदर सिंह को अभी कहीं भी तैनाती नहीं दी गई है। यादविंदर सिंह पिछले कुछ समय से विवादों में चल रहे हैं और उनकी कई शिकायतें डीसी के पास पहुंची थी, जिसके बाद उन्हें पब्लिक डीलिंग वाली सीट से हटा दिया है। उनकी जगह पर लगाई इंद्रजीत कौर भी पहले कई विवादों में रही है लेकिन इसके बावजूद उन्हें इसी सीट पर लगाना सवाल खड़े कर रहा है। जूनियर सहायक यादविंदर सिंह को एक साल में करीब 3 बार बदला गया है। उन पर रिकार्ड को खुर्द-बुर्द करने का आरोप था, जिसके पश्चात उन्हें पहले एचआरसी ब्रांच में लगाया गया, उसके बाद एसडीएम-1 दफ्तर और फिर तहसील में तैनात कर दिया गया। उनके तबादले के बाद उन्हें अभी कोई तैनाती नहीं दी गई है। डीसी के आदेशों में उन कर्मचारियों को फिर से पब्लिक डीलिंग वाली सीटों पर लगाया गया है जो रिकॉर्ड टैंपरिंग के केसों में शामिल रह चुके हैं। उन कर्मचारियों को तत्कालीन डीसी साक्षी साहनी ने उन्हें यहां से बदल दिया था। रिकॉर्ड टैंपर करने में कर्मचारियों की ओर से लाखों रुपए की वसूली की गई, जिसके बाद उन्हें उनकी सीटों से बदल दिया गया था। हालांकि चर्चा यह भी रही थी कि बाद में पैसों के लेन देन को लेकर कर्मचारी आपस में ही उलझ गए। अब उन्हें फिर से पब्लिक डीलिंग वाली सीटों और रिकार्ड वाली सीटों पर लगाने से साफ है कि कहीं न कहीं यूनियन नेता फिर से अपने चहेतों को उनकी नियुक्तियां देने में कामयाबी रहे हैं।