हरियाणा प्रदेश कांग्रेस कमेटी की ओर से पूर्व नगर परिषद प्रधान रविंद्र रावल तथा एडवोकेट रणधीर सिंह ने राज्य चुनाव आयुक्त देवेंद्र कल्याण से मुलाकात की। इस दौरान दोनों नेताओं ने आगामी नगर निकाय चुनावों में बीसी-ए और बीसी-बी वर्ग के संभावित उम्मीदवारों के सामने आ रही समस्याओं के बारे में बताया। कांग्रेस नेता रविंद्र रावल ने बताया कि कई इच्छुक प्रत्याशियों को बीसी-ए/बीसी-बी प्रमाण पत्र बनवाने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। परिवार पहचान पत्र (एफआईडीआर) प्रणाली में अनिवार्य प्रविष्टि के कारण आवेदन प्रक्रिया अटक रही है। खासतौर पर वे उम्मीदवार जो विवाह या अन्य कारणों से दूसरे राज्यों से हरियाणा में आकर बसे हैं, इस शर्त को पूरा नहीं कर पा रहे, जिससे उनके आवेदन लंबित हैं। इसके अलावा महिलाओं की पात्रता को लेकर भी स्थिति स्पष्ट नहीं है। हरियाणा नगर निगम अधिनियम, 1994 की धारा 8 में सामान्य और अनुसूचित जाति वर्ग का उल्लेख है, लेकिन बीसी-ए/बीसी-बी वर्ग को लेकर स्पष्ट दिशा-निर्देश नहीं होने से उम्मीदवारों और जिला प्रशासन के बीच भ्रम बना हुआ है। कांग्रेस नेताओं ने बताई ये समस्याएं