मनुष्य के शरीर में लगभग 60% हिस्सा पानी होता है। यह शरीर के हर फंक्शन में अहम भूमिका निभाता है। लेकिन क्या होगा अगर शरीर जरूरत से ज्यादा पानी स्टोर करने लगे? इससे अचानक वजन बढ़ सकता है। शरीर फूला हुआ महसूस हो सकता है। इसे ‘वाटर वेट’ कहते हैं। आमतौर पर यह कुछ समय के लिए होता है। बॉडी में पानी, नमक और हॉर्मोन्स का बैलेंस बिगड़ने से ये कंडीशन पैदा होती है। इससे शरीर पानी जमा करने लगता है। क्या इस अतिरिक्त पानी से शरीर को नुकसान हो सकता है? क्या ये किसी बीमारी का संकेत हो सकता है? शरीर का मोटापा फैट वेट है या वाटर वेट? आज जरूरत की खबर में वाटर वेट से जुड़े इन्हीं कुछ सवालों पर बात करेंगे। साथ ही जानेंगे कि- एक्सपर्ट: डॉ. अंकित बंसल, कंसल्टेंट, इंटरनल मेडिसिन एंड इनफेक्शियस डिजीज, श्री बालाजी एक्शन मेडिकल इंस्टीट्यूट, दिल्ली सवाल- वाटर वेट क्या है और यह बॉडी फैट से कैसे अलग है? जवाब- वाटर वेट ऐसी कंडीशन है, जब शरीर अपने टिश्यूज में जरूरत से ज्यादा पानी रोककर रखना शुरू कर देता है। सवाल- वाटर वेट क्यों बढ़ता है? जवाब- प्रकृति और हमारे शरीर, दोनों के काम करने का साइंस एक जैसा है। दोनों बैलेंस के लिए काम करते हैं। शरीर को जब लगता है कि बैलेंस बनाने के लिए ज्यादा पानी की जरूरत है तो वह ज्यादा पानी जमा कर लेता है। आपने शायद महसूस किया होगा कि जब आप ज्यादा नमक खाते हैं तो ज्यादा प्यास लगती है। इसकी वजह ये है कि शरीर नमक में मौजूद सोडियम को बैलेंस करने के लिए ज्यादा पानी जमा करता है। वाटर वेट बढ़ने के सभी कारण ग्राफिक में देखिए- सवाल- अगर वाटर वेट बढ़ने की एक वजह वाटर रिटेंशन है तो सवाल ये है कि शरीर में वाटर रिटेंशन क्यों होता है? जवाब- शरीर के संतुलित कामकाज के लिए बॉडी फ्लूइड का बैलेंस रहना जरूरी है। सवाल- अगर अचानक किसी का वजन बढ़े तो क्या इसके पीछे वाटर वेट कारण हो सकता है? जवाब- हां, अगर किसी का वजन अचानक बढ़ जाए, तो इसके पीछे वाटर वेट एक बड़ी वजह हो सकता है। सवाल- ये कैसे पता चलेगा है कि हमारा वजन फैट वेट है या वाटर वेट? जवाब- यह पहचानना बहुत मुश्किल काम नहीं है कि बढ़ा हुआ वजन फैट वेट है या वाटर वेट। वाटर वेट में वजन अचानक बढ़ता या घटता है। इसमें पेट, चेहरे, हाथों या पैरों में सूजन दिखती है। कई बार तो स्किन दबाने पर हल्का गड्ढा भी बन जाता है, जो कुछ सेकंड में भर जाता है। जबकि फैट वेट धीरे-धीरे बढ़ता है और इसमें सूजन नहीं होती है। अगर पर्याप्त पानी पीने, नमक कम करने या फिजिकल एक्टिविटी बढ़ाने से वजन कुछ दिनों में घट जाए, तो यह वाटर वेट हो सकता है। सवाल- डॉक्टरों का कहना है कि पानी कम पीने से भी वाटर वेट बढ़ता है? ऐसा क्यों होता है? जवाब- यह बात एकदम सही है। दरअसल, हमारा शरीर साइंटिफिक तरीके से काम करता है। जब इंसान सभ्यता के रास्ते पर नहीं चला था, तो जंगलों और गुफाओं में छिपकर रहता था। तब हर दिन के खाने के लिए रोज शिकार करना होता था। उस समय शरीर को कई दिन बिना खाना-पानी के रहना होता था। उस दौरान शरीर ने सीखा कि जो चीजें शरीर के लिए वाइटल (जिंदा रहने के लिए बेहद जरूरी) हैं, अगर वो कम मात्रा में मिल रही हैं तो उसे बचाकर रखना जरूरी है। इसलिए जब शरीर को पर्याप्त पानी नहीं मिलता, तो उसे डिहाइड्रेशन का खतरा महसूस होता है। डिहाइड्रेशन का मतलब है शरीर में पानी की कमी। इस स्थिति में शरीर खुद को सुरक्षित रखने के लिए पानी को जमा करके रखने लगता है। सवाल- नमक, हॉर्मोन और स्ट्रेस वाटर वेट को कैसे बढ़ाते हैं? जवाब- नमक, हॉर्मोन और स्ट्रेस तीनों का वाटर वेट से सीधा कनेक्शन है। नमक हॉर्मोन स्ट्रेस सवाल- अगर वाटर वेट बढ़ा हुआ हो तो उसे कम करने के लिए क्या करें? जवाब- अगर वाटर वेट बढ़ गया है तो घबराने की जरूरत नहीं है। सबसे पहले पर्याप्त मात्रा में पानी पिएं। नमक और प्रोसेस्ड फूड का सेवन कम करें, क्योंकि इनमें सोडियम की मात्रा ज्यादा होती है। इसके कारण शरीर में पानी जमा होने लगता है। सभी उपाय ग्राफिक में देखिए- सवाल- वाटर वेट बढ़ने से रोकना है तो हमारी लाइफस्टाइल कैसी होनी चाहिए? जवाब- इसके लिए लाइफस्टाइल संतुलित होना जरूरी है। रोज पर्याप्त पानी पिएं, ताकि शरीर को पानी जमा करने की जरूरत न पड़े। सवाल- वाटर वेट के किन लक्षणों में डॉक्टर से कंसल्ट करना जरूरी है? जवाब- अगर लंबे समय तक हाथ, पैर, टखने या चेहरे पर सूजन बनी रहे। ये सूजन आराम करने या पर्याप्त पानी पीने से कम न हो, तो सावधान होने की जरूरत है। ऐसे सभी लक्षण ग्राफिक में देखिए- सवाल- क्या बार-बार वाटर वेट बढ़ना किसी गंभीर बीमारी का संकेत हो सकता है? जवाब- हां, ये किडनी, लिवर या हार्ट से जुड़ी समस्या की ओर इशारा हो सकता है। थायरॉइड हॉर्मोन का असंतुलन भी वजह हो सकती है। वाटर वेट बढ़ने के साथ सांस फूल रही है, पेशाब कम आ रहा है, लगातार थकान है या चेहरे-पैरों में सूजन भी है तो डॉक्टर से कंसल्ट करना जरूरी है। ………………
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