आईआईटी पटना, बिहटा परिसर में एक मेगा एआई सेंटर ऑफ एक्सीलेंस बनेगा। इसके लिए लगभग 11 एकड़ भूमि चिह्नित की जाएगी। इस परियोजना पर करीब 60 करोड़ रुपए की लागत आने का अनुमान है। इसमें से 24 करोड़ भारत सरकार, 24 करोड़ बिहार सरकार और 12 करोड़ इंडस्ट्री पार्टनर द्वारा निवेश की जाएगी। यह अनुशंसा बुधवार को मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत की अध्यक्षता में बिहार एआई मिशन की दूसरी उच्च स्तरीय समिति की बैठक में की गई। इस परियोजना के लिए आईआईटी पटना को एकेडमिक पार्टनर के रूप में लिए जाने की अनुशंसा की गई है। इसके चयन के पीछे प्रमुख कारण संस्थान की एआई और मशीन लर्निंग अनुसंधान में वैश्विक स्तर की पकड़, उत्कृष्ट फैकल्टी और पहले से स्थापित मजबूत स्टार्टअप इनक्यूबेशन इकोसिस्टम है। इस केंद्र का उद्देश्य एक ऐसा केंद्रीय और अत्याधुनिक ढांचा तैयार करना है, जिससे संसाधनों का इष्टतम उपयोग हो सके। बैठक में राज्य में एआई के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने और भविष्य की रूपरेखा तैयार करने को लेकर कई निर्णय लिए गए। इस दौरान सूचना प्रौद्योगिकी विभाग के सचिव अभय कुमार ने बिहार एआई मिशन की प्रगति और कार्ययोजना पर प्रकाश डाला। टाइगर एनालिटिक्स फर्म हो सकती है इंडस्ट्री पार्टनर बिहार एआई मिशन को वैश्विक स्तर की विशेषज्ञता प्रदान करने के लिए टाइगर एनालिटिक्स को इंडस्ट्री पार्टनर के रूप में लिये जाने की भी अनुशंसा कमेटी ने की है। टाइगर एनालिटिक्स एक प्रतिष्ठित वैश्विक एआई और एनालिटिक्स फर्म है, जिसे हाल में डेटाब्रिक्स द्वारा एंटरप्राइज एआई पार्टनर ऑफ द ईयर 2025 से सम्मानित किया गया है। कंपनी की अमेरिका, यूरोप और भारत में मजबूत उपस्थिति है। यह पेप्सिको, मैकडॉनल्ड्स और नेस्ले जैसे ब्रांडों के साथ काम करती है। लगभग 380 डॉलर मिलियन की वार्षिक आय और 7,000 से अधिक कर्मचारियों के साथ इसकी वित्तीय स्थिरता इसे दीर्घकालिक साझेदारी के लिए उपयुक्त बनाती है। कंपनी के सीईओ महेश जैन बिहार के मूल निवासी हैं। एआई का उपयोग कर बाढ़ प्रबंधन का लक्ष्य मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत ने कहा कि बिहार का लक्ष्य एआई का उपयोग कर बाढ़ प्रबंधन और पूर्वानुमान को सटीक बनाना, कृषि में फसल रोगों की पहचान कर पैदावार बढ़ाना और स्वास्थ्य सेवाओं को सुदूर ग्रामीण क्षेत्रों तक प्रभावी ढंग से पहुंचाना है। मुख्य सचिव ने बताया कि 16 से 20 फरवरी तक नई दिल्ली में आयोजित होने वाले प्रतिष्ठित एआई इंपैक्ट समिट में बिहार का भी पवेलियन लगाया जा रहा है। बैठक में डॉ. महेश कुमार (सीईओ, टाइगर एनालिटिक्स), हर्षवर्धन कुमार (सीईओ, एविसिस टेक्नोलॉजीज), सोपनेंदु मोहंती (सीईओ, जीएफटीएन), प्रोफेसर प्रीतम कुमार (आईआईटी पटना) भी शामिल रहे।