योगी सरकार का चुनावी साल में महिलाओं पर फोकस:पढ़ाई-रोजगार पर 18 हजार करोड़ खर्च होंगे, जानिए आपको क्या मिला?

चुनाव से पहले पेश किए गए यूपी बजट 2026 में युवाओं और महिलाओं पर सबसे अधिक फोकस किया गया है। किसानों को सब्सिडी का सहारा दिया गया है। अकेले महिलाओं की विभिन्न योजनाओं पर 18 हजार करोड़ खर्च किए जाएंगे। सिर्फ महिलाओं के लिए 12 नए आईटीआई खुलेंगे। वहीं, पहले से संचालित 286 आईटीआई में से 47 में महिला शाखा खुलेंगी। किसानों को छुट्‌टा पशुओं से निजात दिलाने के लिए बजट में 2000 करोड़ रुपए दिए गए हैं। वहीं, किसानों के डीजल पंप को सोलर पंप से बदला जाएगा। युवाओं के लिए रोजगार मिशन और छात्रवृत्ति की स्कीम दी गई है। जबकि व्यापारियों को निवेश और प्रोत्साहन योजनाओं का सहारा दिया गया है। मध्यम वर्ग को सीधे राहत तो नहीं मिली, लेकिन स्वास्थ्य, इंफ्रास्ट्रक्चर और नई आवासीय योजना के माध्यम से राहत देने की कोशिश की गई है। खास पेशकश में पढ़िए बजट में किसे क्या मिला… वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए पेश 9.12 लाख करोड़ रुपए के बजट में सरकार ने महिला, किसान, युवा, व्यापारी और मध्यम वर्ग को साधने की कोशिश की है। अलग-अलग योजनाओं में हजारों करोड़ का प्रावधान किया गया है। छात्रा/महिलाओं पर 18,620 करोड़ खर्च होंगे
बजट में अनुसूचित जाति की गरीब बेटियों के लिए 100 करोड़, ओबीसी की गरीब बेटियों के लिए 210 करोड़ और सामान्य वर्ग की गरीब बेटियों के लिए 50 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है। वहीं, महिलाओं के खिलाफ होने वाले अपराध को रोकने के लिए 81 फास्ट ट्रैक कोर्ट के स्थायीकरण, 212 अस्थाई फास्ट ट्रैक कोर्ट, एनआई एक्ट के अंतर्गत 38 अतिरिक्त कोर्ट और 5 विशेष कोर्ट के लिए पद बढ़ाए जा रहे हैं। पिछली बार भी सरकार ने 400 करोड़ रुपए स्कूटी योजना के लिए दिए थे। हालांकि पिछली बार स्कूटी वितरित नहीं हो पाई है।
किसानों की खाद की समस्या दूर होगी, बीज तैयार करने की ट्रेनिंग मिलेगी
खाद के लिए परेशान होने वाले किसानों के लिए बजट में इस बार 150 करोड़ के बजट का प्रावधान रखा गया है। सरकार इस राशि से खाद का अग्रिम भंडारण करेगी। किसानों के लिए सीड पार्क विकास परियोजना के तहत 251 करोड़ रुपए रखे गए हैं। सरकार उत्तर प्रदेश स्वावलंबन बीज नीति लेकर आई है। उसका प्रयास होगा कि किसान स्वयं अपने बीज तैयार करें। प्रदेश में पहली बार मोबाइल वेटरनरी यूनिट की स्थापना की गई है। ये भारत सरकार की अम्ब्रेला स्कीम पशुधन स्वास्थ्य एवं रोग नियंत्रण योजना के अंतर्गत शामिल है। सरकार सिंचाई और बाढ़ नियंत्रण पर 18 हजार 290 करोड़ खर्च करेगी। वहीं, मध्य गंगा स्टेज–2 परियोजना, कनहर सिंचाई परियोजना, केन-बेतवा लिंक परियोजना, भौरट बांध परियोजना के माध्यम से 4.49 लाख हेक्टेयर सिंचाई होगी। 1.13 लाख किसानों को सौंपे गए 1.81 लाख गोवंश के आहार पर अब रोजाना प्रति गोवंश 30 की बजाय 50 रुपए मिलेंगे। ये राशि सीधे किसानों के खाते में जाएगी। 155 नए वृहद गो संरक्षण केंद्र का निर्माण हो रहा है। इसके लिए 100 करोड़ का बजट प्रस्तावित है। किसानों को लंबी अवधि के कर्ज के ब्याज पर अनुदान मिलेगी। इसके लिए मुख्यमंत्री कृषक समृद्धि योजना के तहत 38 करोड़ का बजट दिया है। मुख्यमंत्री कृषक दुर्घटना कल्याण योजना के अंतर्गत पिछली बार 18 हजार 144 आश्रित परिवारों को सहायता दी गई थी। इस बार के बजट में इस स्कीम के लिए 1150 करोड़ रुपए का प्रावधान रखा गया है। युवा /छात्रों पर मेहरबान दिखी सरकार
यूपी सरकार के बजट में इस बार युवाओं के कौशल पर ज्यादा फोकस किया गया है। व्यवसायिक शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए 3349 करोड़ रुपए का बजट प्रस्तावित किया गया है। प्रदेश के 286 राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों (आईटीआई) में लगभग 1.90 लाख सीटें युवाओं के प्रशिक्षण के लिए उपलब्ध कराई जाएंगी। एमएसएमई सेक्टर के माध्यम से 3822 करोड़ का बजट दिया गया है। प्रदेश के हर जिले में सरदार वल्लभ भाई पटेल एम्प्लॉयमेंट एंड इंडस्ट्रियल जोन बनाए जाएंगे। इसके लिए बजट में 575 करोड़ का प्रावधान किया गया है। अकेले वस्त्र उद्योग से प्रदेश में 30 हजार रोजगार सृजित करने का लक्ष्य रखा गया है। मुख्यमंत्री ग्रामोद्योग रोजगार योजना के अंतर्गत 800 इकाइयों को 40 करोड़ रुपए का बैंक ऋण और 16 हजार नए लोगों को रोजगार उपलब्ध कराने का लक्ष्य है। मुख्यमंत्री आद्योगिक क्षेत्र विस्तारीकरण और नए औद्योगिक क्षेत्र प्रोत्साहन स्कीम लेकर सरकार आई है। इसके लिए 5000 करोड़ रुपए का प्रावधान रखा गया है। सरकार इसकी मदद से बड़ी संख्या में रोजगार उपलब्ध कराना चाहती है। डिफेंस इंडस्ट्रियल कॉरीडोर के लिए अब तक 200 रक्षा उद्योगों की स्थापना के लिए एमओयू हो चुके हैं। इससे 35 हजार 280 करोड़ का निवेश होगा और 53 हजार 263 करोड़ लोगों को सीधे रोजगार मिलेगा। प्रदेश में 30 हजार करोड़ रुपए के अनुमानित निवेश से 8 डाटा सेंटर पार्क बनाया जाएगा। 900 मेगावाट का लक्ष्य रखा गया है। 8 परियोजनाओं के लेटर ऑफ कम्फर्ट भी जारी हो चुके हैं। इसमें से 6 डाटा सेंटर पार्क बनेंगे। वहीं, 2 डाटा सेंटर इकाइयां होंगी। कुल 21 हजार 342 करोड़ का निवेश होगा। इससे 644 मेगावाट की क्षमता प्राप्त हो चुकी है। डाटा सेंटर्स में हजारों की संख्या में पेशेवरों की जरूरत होगी। विंध्याचल मंडल में मां विंध्यवासिनी विवि के लिए 50 करोड़, मुरादाबाद मंडल में गुरु जम्भेश्वर विवि के लिए 50 करोड़ और देवीपाटन मंडल के बलरामपुर में मां पाटेश्वरी विवि की स्थापना के लिए 50 करोड़ दिए हैं। राजकीय माध्यमिक विद्यालयों में डीम स्किल कैब क्लस्टर की 150 करोड़ की राशि से स्थापना की जा रही है। प्रदेश के सभी 75 जिलों में दो-दो मुख्यमंत्री मॉडल कम्पोजिट विद्यालय की स्थापना की जा रही है। जिस विकास खंड में कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय स्थापित नहीं है, वहां आवासीय बालिका विद्यालय खोलने के लिए 580 करोड़ रुपए दिए गए हैं। वहीं समग्र शिक्षा योजना के तहत सभी प्राथमिक विद्यालयों को स्मार्ट स्कूल के रूप में विकसित किए जाने पर 300 करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे।
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