ट्रेड यूनियनों का भारत बंद,पटना की सफाई व्यवस्था रहेगी ठप:नगर निगम कर्मी काली पट्टी बांधकर करेंगे प्रदर्शन, 4 लेबर कोड के खिलाफ बड़ी हड़ताल

ट्रेड यूनियनों ने आज देशभर में ‘भारत बंद’ बुलाया है। इसका असर पटना समेत पूरे बिहार में भी दिखेगा। 44 श्रम कानून को खत्म कर 4 श्रम कोड लागू करने पर विरोध दर्ज करेंगे। ऐक्टू सहित देश के 10 केंद्रीय ट्रेड यूनियन, सेवा संघ, फेडरेशन ने आज देशव्यापी मजदूर ने हड़ताल का आह्वान किया है। राष्ट्रव्यापी हड़ताल के कारण बिजली, बैंकिंग, बीमा, परिवहन, स्वास्थ्य, गैस और जलापूर्ति से जुड़ी सेवाएं प्रभावित हो सकती हैं। पटना की सफाई व्यवस्था आज ठप रहेगी। 4 लेबर कोड के खिलाफ हजारों की संख्या में राजधानी की सड़कों पर मजदूर उतरेंगे। काली पट्टी बांधकर करेंगे प्रदर्शन ऐक्टू, महासंघ गोप गुट से जुड़े संगठनों के हजारों मजदूर, कर्मचारी पटना की सड़कों पर मार्च करेंगे। इसमें खेत और ग्रामीण मजदूर, आशा-रसोइया, आंगनबाड़ी, निर्माण सहित संविदा कर्मी शामिल होंगे। नगर निगम के कर्मी अदालतगंज से प्रदर्शन करते हुए डाकबंगला तक जाएंगे। ये लोग बड़ी संख्या में आज पटना समेत पूरे राज्य के जिला और ग्रामीण अंचलों में उतरेंगे। काली पट्टी बांधकर विरोध दर्ज कराने का फैसला लिया गया है। 4 श्रम कोड को हटाने को लेकर करेंगे हड़ताल पटना नगर निगम चतुर्थ वर्गीय कर्मचारी संघ के अध्यक्ष जितेंद्र कुमार ने कहा, 44 श्रम कोड जो मजदूर के पक्ष में बना हुआ था, उसे खत्म कर 4 श्रम कोड को मालिक के पक्ष में बनाया गया है। इसी के खिलाफ हमलोग हड़ताल करेंगे। यूनियन बनाने, हड़ताल करने, न्यूनतम मजदूरी पाने, पीएफ, इएसआई ग्रेच्युटी सहित सामाजिक सुरक्षा, 8 घंटे काम का हक खत्म हो जाएगा। पहले 25 आदमी यूनियन बनाता था, अब यूनियन बनाने के लिए 300 आदमी चाहिए। ऐसे में तो छोटे यूनियन वाले तो कुछ कर ही नहीं पाएंगे। इसलिए 4 श्रम कोड वापस करो के नारे के साथ हम लोग हड़ताल कर रहे हैं। आज सभी मजदूर 4 लेबर कोड रद्द करने, न्यूनतम मजदूरी दैनिक 700 रुपए तय करने, सभी को सामाजिक सुरक्षा का लाभ देने, महंगाई- बेरोजगारी पर लगाम लगाने, जैसी अन्य मांगों को उठाएंगे। 11 फरवरी को निकाला था विरोध मार्च इस हड़ताल को सफल बनाने के लिए 11 फरवरी को विरोध मार्च निकाला गया था। रामवतार शास्त्री गोलंबर, राजेंद्र नगर से लोहिया पार्क, कंकड़बाग तक जुलूस निकाला। वहीं, आउटसोर्स एजेंसियों द्वारा कर्मियों के शोषण, बायोमीट्रिक हाजिरी में गड़बड़ी कर वेतन कटौती और वाहनों की मरम्मत लागत चालकों से वसूले जाने को लेकर भी विरोध जताया गया। ऑल इंडिया रेलवे मेंस फेडरेशन ने दिया समर्थन वहीं, ऑल इंडिया रेलवे मेंस फेडरेशन (AIRF) ने भारत बंद का नैतिक समर्थन दिया है। AIRF के महामंत्री शिव नारायण प्रसाद श्रीवास्तव ने बताया कि चार श्रम कानून का भारतीय रेल मज़दूर संगठन इसका पुरजोर विरोध करता है। भारतीय रेलवे का सबसे बड़ा मजदूर संगठन (AIRF) इसका विरोध करती है। भारत बंद का नैतिक समर्थन करती है।

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