दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (DSGMC) ने पूर्व अध्यक्ष हरविंदर सिंह सरना के विवादित बयानों के खिलाफ श्री अकाल तख्त साहिब के कार्यालय में औपचारिक शिकायत दर्ज करवाई है। यह शिकायत DSGMC के वरिष्ठ उपाध्यक्ष सरदार आत्मा सिंह लुबाना की अगुवाई में एक प्रतिनिधिमंडल द्वारा सौंपी गई। प्रतिनिधिमंडल ने श्री अकाल तख्त साहिब के कार्यालय में शिकायत पत्र देकर सरना के बयानों पर कड़ी आपत्ति जताई। पत्रकारों से बातचीत करते हुए आत्मा सिंह लुबाना और अन्य नेताओं ने कहा कि हाल ही में हरविंदर सिंह सरना ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी से मुलाकात के बाद जो बयान दिए, उनसे सिख समुदाय की भावनाओं को गहरी ठेस पहुंची है। उनका आरोप है कि सरना ने श्री अकाल तख्त साहिब को केवल एक बिल्डिंग कहकर संबोधित किया, जो सिख पंथ की सर्वोच्च धार्मिक संस्था का अपमान है। इसके अलावा, उन्होंने 1984 के सिख नरसंहार जैसे गंभीर मुद्दे को माफ करने योग्य बताया, जिसे DSGMC ने पूरी तरह अस्वीकार्य करार दिया है। प्रतिनिधिमंडल ने अकाल तख्त की सर्वोच्चता बताई प्रतिनिधिमंडल में सुखबीर सिंह खालरा, सुखविंदर सिंह बब्बर, हरमिंदर सिंह स्वीटा, बलजिंदर सिंह, मनजीत सिंह कोमल सहित कई अन्य नेता शामिल थे। नेताओं ने कहा कि श्री अकाल तख्त साहिब की स्थापना गुरु हरगोबिंद साहिब जी ने की थी और यह सिख कौम की सुप्रीम कोर्ट के समान सर्वोच्च संस्था है। इसे केवल एक इमारत बताना सिख इतिहास, मर्यादा और आस्था का अपमान है। DSGMC ने मांग की है कि हरविंदर सिंह सरना को तत्काल श्री अकाल तख्त साहिब में तलब कर उनसे स्पष्टीकरण लिया जाए और पंथ विरोधी गतिविधियों के लिए सख्त से सख्त कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में कोई भी धार्मिक संस्थाओं की गरिमा के साथ खिलवाड़ न कर सके।