चंडीगढ़ हाउसिंग बोर्ड (सीएचबी) के मकानों में रहने वाले हजारों परिवारों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है। 2023 में बनाई गई ‘नीड-बेस्ड चेंजेस’ नीति को लागू करने की दिशा में अहम प्रगति हुई है। अब अंतिम मंजूरी प्रशासक गुलाब चंद कटारिया से मिलनी बाकी है। सीएचबी के करीब 62 हजार मकानों में से लगभग 40 हजार मकानों पर नियम तोड़ने का खतरा बना हुआ है। इन घरों में लोगों ने अपनी जरूरत के हिसाब से छोटे-मोटे बदलाव किए थे, लेकिन नियमों के अनुसार वे बदलाव उल्लंघन माने जा रहे थे। अब कमेटी की सिफारिशों के बाद उम्मीद है कि नीति लागू होते ही इन मकानों को नियमित कर दिया जाएगा और लोगों को राहत मिलेगी। कमेटी ने सौंपी रिपोर्ट प्रशासक के निर्देश पर अधिकारियों की एक कमेटी बनाई गई थी, जिसने 2023 की नीति की समीक्षा की। कमेटी ने अपनी रिपोर्ट प्रशासन को सौंप दी है। रिपोर्ट के अनुसार, नीति को लागू करने में आ रही अड़चनों को दूर कर लिया गया है। हालांकि, इंडिपेंडेंट मकानों से जुड़ी सिफारिशों को फिलहाल स्थगित रखा गया है। कमेटी ने यह भी माना है कि सीएचबी के सभी मकानों की छतों पर सोलर पावर प्लांट लगाना संभव नहीं है। इसलिए इस विषय पर भी व्यावहारिक दृष्टिकोण अपनाने की सिफारिश की गई है। सरकारी जमीन पर निर्माण नहीं होंगे नियमित नीति के तहत केवल जरूरत के अनुसार किए गए बदलावों को नियमित किया जाएगा। लेकिन सरकारी जमीन पर किए गए अवैध निर्माण को किसी भी स्थिति में नियमित नहीं किया जाएगा। अब अंतिम फैसला प्रशासक की मंजूरी के बाद होगा। मंजूरी मिलते ही हजारों परिवारों को राहत मिल सकती है और लंबे समय से चला आ रहा वॉयलेशन का विवाद खत्म हो सकता है।