पंचकूला में ट्रेड यूनियनों के आह्वान पर हुई राष्ट्रव्यापी हड़ताल का असर नहीं दिखाई दिया। पंचकूला में कर्मचारी केवल धरना-प्रदर्शन तक ही सीमित दिखाई दिए। रोडवेज विभाग में भी बसें सुचारू रूप से चलती नजर आई। पंचकूला के सेक्टर-5 स्थित धरना स्थल पर सुबह 11 बजे कर्मचारी एकत्रित होना शुरू हुए। जहां से करीब 2 बजे कर्मचारी सेक्टर-2, 4 और 5 के मुख्यालय के आगे से नारेबाजी करते हुए सेक्टर-14 की ओर चले गए। प्रदर्शनकारी कर्मचारियों के साथ प्रशासन की वार्ता में पहले ही तय हो गया था कि वे किसी प्रकार के ट्रैफिक को डिस्टर्ब नहीं करेंगे। जिसके चलते सभी प्रदर्शनकारी नारेबाजी करते हुए सर्विस लेन से चले गए। आंदोलन तेज करने की चेतावनी धरना सभा को संबोधित करते हुए सर्व कर्मचारी संघ नेता रणधीर राघव ने कहा कि नई नीतियों के कारण कर्मचारियों के अधिकारों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है और अस्थायी कर्मचारियों का भविष्य अनिश्चित हो गया है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने समय रहते सकारात्मक निर्णय नहीं लिया, तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा। मांगों को लेकर किया प्रदर्शन इसके अतिरिक्त, कर्मचारियों ने भारतीय संविधान की धारा 310 और 311 में बदलाव संबंधी प्रावधानों को रद्द करने, राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 की समीक्षा करने, रोड सेफ्टी बिल पर पुनर्विचार करने, ग्रामीण रोजगार एवं आजीविका गारंटी मिशन को मजबूत करने, तथा बिजली संशोधन बिल और स्मार्ट मीटर योजना को वापस लेने जैसी विभिन्न मांगों को लेकर विरोध प्रदर्शन किया। 10 हजार नई बसें शामिल करने की मांग रोडवेज विभाग की ओर से आए नेताओं ने कहा कि विशेष रूप से हरियाणा रोडवेज के बेड़े में 10 हजार नई बसें शामिल करने की मांग उठाई। उन्होंने कहा कि यदि 10 हजार नई बसें लागू की जाती हैं तो लगभग 60 हजार युवाओं को प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार के अवसर प्राप्त होंगे। इससे जहां बेरोजगारी में कमी आएगी, वहीं आम जनता को भी बेहतर परिवहन सुविधा मिलेगी। छात्रों के लिए पास की सुविधा की मांग उन्होंने यह भी मांग की कि प्राइवेट बसों में बुजुर्गों तथा स्कूल के छात्र-छात्राओं के लिए पास सुविधा को मान्यता दी जाए, ताकि आमजन को राहत मिल सके। उनका कहना था कि परिवहन सेवाओं को मजबूत करने से राज्य की आर्थिक स्थिति भी सुदृढ़ होगी और यात्रियों को सुरक्षित एवं सुलभ यात्रा का लाभ मिलेगा।