चंडीगढ़ के चर्चित सुरजीत बाउंसर हत्याकांड में जिला अदालत ने मुख्य आरोपी नीरज गुप्ता उर्फ चस्का की जमानत अर्जी खारिज कर दी है। आरोपी करीब तीन वर्ष से जेल में बंद है। अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद जमानत देने से इनकार कर दिया। मालूम हो 16 मार्च 2020 को सेक्टर-38 वेस्ट चौक के पास अज्ञात हमलावरों ने सुरजीत बाउंसर की कार पर ताबड़तोड़ गोलियां चला दी थीं। हमले में सुरजीत की मौके पर ही मौत हो गई थी। इस सनसनीखेज वारदात से शहर में दहशत फैल गई थी। करीब 6 साल पुराने इस हत्याकांड में अब भी ट्रायल की प्रक्रिया जारी है। शहर के चर्चित मामलों में शामिल इस केस पर लोगों की नजरें टिकी हुई हैं। अदालत के ताजा आदेश के बाद आरोपी को फिलहाल जेल में ही रहना होगा। ढाई साल लगे आरोपियों तक पहुंचने में पुलिस को हमलावरों तक पहुंचने में करीब ढाई साल लग गए। आखिरकार 18 नवंबर 2022 को पुलिस ने नीरज गुप्ता उर्फ चस्का को गिरफ्तार किया। उस समय आरोपी किसी अन्य मामले में नाभा जेल में बंद था। चंडीगढ़ पुलिस उसे प्रोडक्शन वारंट पर लेकर आई और पूछताछ के दौरान हत्याकांड से जुड़े अहम खुलासे हुए। इस केस में चस्का के अलावा एक अन्य आरोपी को वर्ष 2023 में गिरफ्तार किया गया था। आरोप तय नहीं होने का दिया हवाला हाल ही में आरोपी नीरज गुप्ता उर्फ चस्का के वकील ने जिला अदालत में जमानत अर्जी दायर की। बचाव पक्ष ने दलील दी कि आरोपी लगभग तीन साल से जेल में है और अब तक उसके खिलाफ आरोप तय नहीं हुए हैं। ऐसे में ट्रायल पूरा होने में लंबा समय लग सकता है, इसलिए जमानत दी जानी चाहिए। वहीं, सरकारी वकील ने जमानत अर्जी का कड़ा विरोध किया और मामले की गंभीरता का हवाला दिया। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने जमानत अर्जी खारिज कर दी।