करनाल जिले में अवैध वाहनों के खिलाफ कार्रवाई के दौरान एक वाहन मालिक द्वारा सरकारी अधिकारी पर दबाव बनाने, धमकी देने, असामाजिक भाषा का प्रयोग करने और ब्लैकमेल करने का गंभीर मामला सामने आया है। मोटर वाहन अधिकारी (प्रवर्तन) की शिकायत पर एसपी कार्यालय करनाल के आदेश से थाना बुटाना में केस दर्ज किया गया है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। अवैध वाहनों की चेकिंग कर रही थी टीम घटना बीती 2 फरवरी की है, जब जिला परिवहन अधिकारी करनाल के आदेश पर अवैध वाहनों की चेकिंग की जा रही थी। इस कार्रवाई का नेतृत्व मोटर वाहन अधिकारी (प्रवर्तन) गुरजीत कौर कर रही थीं। उनके साथ टीम में ड्राइवर रामनारायण, सतबीर सिंह, खेमचंद सेवादार और प्रमोद कुमार सेवादार शामिल थे। इंद्री के नजदीक भादसों रोड पर शाम करीब 4:30 बजे तीन वाहनों को चेक किया गया। अनियमितताएं मिलने पर किए चालान चेकिंग के दौरान तीनों वाहनों में अनियमितताएं पाई गई। मोटर वाहन अधिनियम और सरकार की अधिसूचना के अनुसार चालानिंग टैब में अंकित नियमों के तहत इन वाहनों के चालान किए गए। इस दौरान वाहन ड्राइवरों ने अपने वाहन मालिक प्रवीन कुमार निवासी गांव मथाना, जिला कुरुक्षेत्र को फोन कर चालान की जानकारी दी। कॉल डिटेल रिकॉर्ड के जरिए बातचीत की पुष्टि किए जाने की बात भी शिकायत में कही गई है। सरकारी गाड़ी के सामने रोककर दबाव बनाने का आरोप शिकायत के अनुसार, चालान की सूचना मिलने के बाद वाहन मालिक प्रवीन कुमार ने नीलोखेड़ी के आसपास अपनी गाड़ी को सरकारी वाहन के सामने रोक दिया। आरोप है कि उसने चालान न करने का दबाव बनाया और धमकी दी कि यदि चालान किए गए तो वह रिश्वत के झूठे आरोप लगाकर अधिकारी को झूठे केस में फंसा देगा। इस दौरान अन्य लोग भी उसके साथ मौजूद थे। गुरूकृपा राइस मिल नीलोखेड़ी, जहां वाहन इंपाउंड किए गए थे, वहां के सीसीटीवी फुटेज में घटनाक्रम के साक्ष्य होने की बात भी कही गई है। फोन रिकॉर्डिंग और कार्यालय में दबाव बनाने का आरोप गुरजीत कौर ने आरोप लगाया कि 03 फरवरी से प्रवीन कुमार उनके कार्यालय में आकर मोबाइल फोन पर रिकॉर्डिंग चालू कर असामाजिक भाषा का प्रयोग करता रहा। वह लगातार दबाव बनाता रहा कि चालानों में भरी गई राशि वापस की जाए, अन्यथा झूठी शिकायत दर्ज कराएगा और मीडिया में बदनाम करेगा। शिकायत में कहा गया कि आरोपी ने उनके करियर को बर्बाद करने की धमकी भी दी, जिससे वह मानसिक रूप से परेशान और मनोबलहीन हो गईं। चालान की राशि जमा और रिलीज ऑर्डर जारी मामले में तीनों वाहनों की चालान राशि नियमानुसार जमा कराई गई। दो वाहनों की राशि 3 फरवरी को और तीसरे वाहन की राशि 4 फरवरी को जमा की गई और उसी दिन रिलीज ऑर्डर दिया गया। झूठी शिकायतों और बदनामी का आरोप मोटर वाहन अधिकारी ने आरोप लगाया कि प्रवीन कुमार अलग-अलग जगह झूठी दरखास्तें देकर और मीडिया के माध्यम से गलत आरोप लगाकर उन्हें बदनाम करने की कोशिश कर रहा है। इससे वह मानसिक तनाव में हैं और सरकारी कार्य निष्पक्षता से करने में बाधा उत्पन्न हो रही है। उन्होंने इसे सरकारी कार्य में जानबूझकर बाधा डालने और आपराधिक मंशा से बदनाम करने का प्रयास बताया है। केस दर्ज कर जांच में जुटी पुलिस पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, 12 फरवरी को पुलिस अधीक्षक कार्यालय करनाल से शिकायत थाना बुटाना पहुंची। जिसके बाद बुटाना थाना में मामला दर्ज किया गया। पुलिस मामले की जांच कर रही है। वहीं बुटाना थाना के एसएचओ राजपाल सिंह ने बताया कि मोटर वाहन अधिकारी की शिकायत के आधार पर आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। मामले की हर पहलू से जांच की जा रही है। जांच के दौरान जो भी तथ्य सामने आएंगे, उसके आधार पर आगामी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।