जालंधर के होटल मैरिटन में हिस्सेदारी को लेकर दो साझेदारों के बीच विवाद बढ़ गया है। एक साझेदार डॉ. परमजीत सिंह मरवाहा ने दूसरे साझेदार द्वारा जबरन अपना हुक्म चलाने की कोशिश के कारण यह झगड़ा हुआ। उन्होंने पुलिस और श्री अकाल तख्त साहिब में शिकायत दर्ज कराई है। शुक्रवार को मीडिया से बातचीत के दौरान डॉ. मरवाहा ने बताया कि, होटल में कुल छह साझेदार हैं, जिनमें वे स्वयं, इंद्रपाल सिंह, गौतम कुकरेजा, तरणजीत कौर, इंद्रजीत सिंह और दक्ष दुआ शामिल हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि 5 प्रतिशत हिस्सेदारी वाले व्यक्ति द्वारा हाथापाई की गई, जबकि 15 प्रतिशत हिस्सेदारी वाला एक अन्य साझेदार भी इस विवाद में शामिल है। डॉ. मरवाहा ने दावा किया कि उनकी अपनी हिस्सेदारी 80 प्रतिशत है। परमजीत सिंह ने घटना की जानकारी दी डॉ. परमजीत सिंह ने बताया कि यह घटना तब हुई जब वे बीते दिन होटल में एक कार्यक्रम के दौरान कर्मचारियों की जांच करने पहुंचे थे। उन्होंने बताया कि जब उन्होंने अपने साझेदार दक्ष दुआ को होटल में देखा तो वे तुरंत मुड़ गए और दो कदम दूर कैप्टन से बात करते हुए बाहर निकल रहे थे। गुलशन दुआ ने मारवाह पर शराब फेंकी डॉ. मरवाहा ने आरोप लगाया कि इसी दौरान दुआ के भाई गुलशन दुआ ने उन पर शराब फेंकी। इसके बाद वे जबरन लिफ्ट में घुस गए और उन्हें अपशब्द कहते हुए धमकियां दीं। उन्होंने बताया कि 8 से 10 व्यक्तियों ने उन्हें और उनके बेटे को घेर लिया, उनकी पगड़ियां उतार दीं और हाथापाई की। इस घटना में उनके बेटे को चोटें आईं और कान से खून बहने लगा, जिसके बाद उसे उपचार के लिए अस्पताल ले जाया गया। डॉ. परमजीत सिंह ने बताया कि यह विवाद एक घंटे से अधिक समय तक चला, जिसमें उन्हें बार-बार गिराया गया और वे बार-बार उठते रहे। उन्होंने इस मामले में प्रशासन से न्याय की गुहार लगाई है। सिख जत्थेबंदियों से भी इस संबंध में बातचीत हुई है।