‘7 दिसंबर 1984 को मेरी अरेंज मैरिज हुई थी। 1983 में हमारी शादी तय हुई। इसके बाद हम फोन पर बात करने लगे। तब गांव-घर में फोन नहीं था। मैं मामा के घर जाकर चुपके से उनसे बात करती थी। घंटों बातें हुआ करती थीं, वो मुंबई की कहानी सुनाया करते थे। मेरे दिल में आज भी उनके लिए प्यार है, लेकिन उन्होंने सच्चा प्यार किया या छल, हमें आज तक पता ही नहीं चला, बस इंतजार पता चला।’ सिंगर उदित नारायण झा की पहली पत्नी रंजना नारायण झा अपने बीते दिनों को याद करते हुए ये बातें कहती हैं। अपने प्यार भरे पलों को याद कर उनकी आंखें सहसा चमक उठती फिर कुछ पल में ही नम भी हो जाती हैं। कहती हैं, ‘मुझे तो सच्चा प्यार हुआ था। जब तक सामने नहीं आती वह गाना नहीं सुनाते थे।’ बाद के दिनों की कड़वी बातें याद आते ही उनकी आंखें भर उठती हैं। उन्होंने आंसू पोछते हुए अपनी शादी से लेकर कोर्ट जाने की नौबत तक की पूरी कहानी हमसे शेयर की। इस वैलेंटाइन डे पर दैनिक भास्कर की खास रिपोर्ट में पढ़ें रंजना नारायण झा की कहानी। फोन पर प्यार भरी बातें, पटना में पहली मुलाकात रंजना झा ने अपनी शादी और उसके बाद पति के साथ बिताए दिनों के बारे में हमसे बातचीत की। आगे पढ़ें जैसा उन्होंने बताया… ‘7 दिसंबर 1984 को मेरी शादी हुई। अरेंज मैरिज है। 1983 में शादी तय हुई थी। इसके बाद हमलोगों की बात होने लगी। करीब एक साल तक हम दोनों में बातचीत का सिलसिला चलता रहा। उस समय गांव-घर में फोन की सुविधा नहीं थी। मेरे मामा डॉक्टर थे। उनके घर में फोन था। मैं उनसे बात करने के लिए मामा के घर चली जाती थी। घंटो उनसे फोन पर बातचीत हुआ करती थी। वो मुंबई की कहानियां सुनाया करते थे, कभी किसी हिरोइन की बात तो कभी गाने वाली साथी कलाकारों की बातचीत।’ ‘उदित से मैं पहली बार पटना में मिली थी। यह शादी से पहले की बात है। तस्वीर में जैसा देखा, बातों में जैसा महसूस किया, सामने आए तो उन्हें उससे बढ़कर पाया। हमारी पहली मुलाकत बड़ी अच्छी थी। वह मुझसे बहुत प्यार से पेश आए।’ शादी के बाद दो महीने मेरे घर रहे, मेरे सामने आए बिना नहीं गाते थे गाना शादी और इसके तुरंत बाद की बातें याद करते हुए रंजना ने बताया, ‘मेरे लिए शादी किसी सपने के साकार होने जैसा था। एक साल बात करने और पटना में मिलने के बाद मैं उन्हें दिलोजान से चाहने लगी थी। बड़े धूमधाम से हमारी शादी हुई।’ ‘शादी हुई तो वह मेरे घर 2 महीने मेरे साथ रहे। हर जगह घूमना-फिरना। कभी गाना सुनने का मन होता तो बोलती और वे तुरंत सुनाने लगते थे। मेरी कुछ दोस्त भी उनसे गाना सुनने के लिए आ जाती थीं। बहुत आदमी बैठे रहते थे। कई बार लोग उनसे गाना सुनाने की फरमाइश करते तो जब तक मैं सामने नहीं जाती वो गाना नहीं गाते थे।’ मुंबई में साथ रखा और कार से लॉग ड्राइव पर ले जाते पति के साथ मुंबई में बीते पलों को याद करते हुए रंजना ने कहा, ‘क्या बताएं, मुझे लगता था कि बहुत प्यार कर रहे हैं। मुंबई ले गए, तीन महीने अपने साथ रखा। जब भी मौका लगता तो कहते चलो कहीं दूर घूमकर आते हैं। उस समय लॉग ड्राइव पर जाना बहुत अच्छा लगता था। खुद ड्राइव कर हर जगह घुमाने ले जाया करते थे। अभी भी मेरे पास तस्वीरें हैं। हमारा जीवन बहुत ठीक चल रहा था। इसके बाद उन्होंने मुझे घर भेजने का फैसला किया, कहने लगे अभी अपने पास मुंबई में अपना घर नहीं है, जब घर बन जाएगा तो साथ में रहेंगे। इसलिए यहां छोड़ गए। मैं भी उस आश्वासन पर यहां चली आई।’ अब जानिए कहां से शुरू हुआ विवाद…कैसे अलग हुए रंजना बताती हैं, ‘ जब उदित का गांव में आना जाना लगा रहता था, इस दौरान में गर्भवती हुई तो कहने लगे, अभी हमारी कमाई इतनी नहीं है कि परिवार को पाला जा सके। इसलिए हमें अभी बच्चा नहीं चाहिए। वो मुझे इतना प्यार से रख रहे थे इसलिए मुझे भी लगा कि सही कह रहे हैं। उनके बहकावे में आकर मैं अबॉर्शन के लिए तैयार हो गई। इतना प्यार किया कि मैं सोच भी नहीं सकती थी कि वो कोई साजिश कर रहे हैं। मुझे लगता था कि उन्हें सच में प्यार है। आज हम क्या बताएं। उस दौरान उन्होंने दो तीन बार ऐसा किया।’ उदित ने मुंबई में की दूसरी शादी, बिगड़ने लगे रिश्ते रंजना झा ने बताया, ‘उदित कॅरियर बनाने के लिए 1985 में मुंबई में ही रहने चले गए। कुछ साल बाद जानकारी मिली कि उन्होंने दीपा नाम की लड़की से दूसरी शादी कर ली। मैंने पूछा तो गुमराह करते रहे।’ ‘इसके बाद उन्होंने फोन करना कम कर दिया। वह 3-4 महीना में गांव मेरे पास आते, लेकिन मुझे मुंबई नहीं ले गए। अपने साथ नहीं रखा। मैंने दूसरी शादी के बारे में पूछा तो साफ-साफ नहीं बताया। इसके बाद समय के साथ हमारे रिश्ते बिगड़ते चले गए।’ ‘अभी 2018 में आए थे तो अभी भी उतना ही प्यार दिखाए मेरे साथ। मेरे गांव गए। बहुत आदमी आए। सबको आश्चर्य लग रहा था। जो बोलते थे, वही करते थे। मुंबई लौटे तो फिर से वही बात शुरू हो गई। फोन नहीं करते थे। मैं फोन करती तो 10 तरह की बातें कहते। कभी कहते कि व्यस्त था, नाइट शो था, इसलिए बात नहीं कर पाया। मैं भी खुश थी कि आज नहीं तो कल बदलेंगे।’ ‘जब हम देखें कि कुछ नहीं कर रहे हैं तो इस प्यार को क्या बताएं। छलिया का प्यार था कि सच्चा प्यार था। हम तो अभी भी सच्चा ही मानते हैं।’ मैं तो अब भी उनकी दीवानी हूं पिछली मुलाकात कब हुई थी, इस सवाल पर रंजना ने कहा, ‘क्या बताएं, बताने में भी शर्म आती है। दुनिया सुनेगी तो क्या सोचेगी। मैं तो अभी भी उनकी दीवानी हूं। उस समय भी थी। वह 2018 में आए तो मेरे साथ रहे। मुझे घुमाया। होली में साथ रहे, मेरे साथ रंग भी खेला। मेरे साथ गांव गए। मैं तो सच्चा प्यार मानने लगी थी। सोचा कि हो सकता है इनको अक्ल आई हो। वह गए तो फिर वही हुआ।’ उदित नारायण ने रंजना को स्वीकार किया पत्नी रंजना ने पहले सुपौल के परिवार न्यायालय में उदित के खिलाफ याचिका लगाई थी। इस मामले में सुनवाई जारी है। रंजना ने बताया कि उन्होंने महिला आयोग में भी उदित के खिलाफ वाद दायर किया था। इसमें उदित ने समझौता पत्र दाखिल किया और स्वीकार किया कि वह उनकी पत्नी हैं। उदित उन्हें साथ रखने के लिए भी तैयार हुए। लेकिन, अब तक उन्हें वह सम्मान नहीं मिला है। पति से सहायता नहीं मिलने के कारण वह गुमनामी की जिंदगी गुजार रही हैं। कैसे पता चला निकाल दिया गर्भाशय? रंजना कुछ समय से बीमार चल रहीं हैं। इलाज में काफी पैसे खर्च हुए, जिससे आर्थिक स्थिति भी ठीक नहीं है। इलाज के दौरान ही उन्हें पता चला कि गर्भाशय निकाला गया है। इसके बाद रंजना ने महिला थाने में शिकायत दर्ज कराई है। उन्होंने कहा, ‘1996 में इलाज के नाम पर उदित नारायण, उनके भाई संजय कुमार झा और ललित नारायण झा उन्हें धोखे से दिल्ली के एक बड़े अस्पताल ले गए और बिना बताए उनका गर्भाशय निकलवा दिया। इस दौरान उदित नारायण की दूसरी पत्नी दीपा नारायण भी वहां मौजूद थीं।’ रंजना का आरोप लगाया, ‘आपराधिक षड्यंत्र के तहत चारों ने मिलकर उनका गर्भाशय निकलवाया। 2006 में जब वह मुंबई गई तो उदित और दीपा ने उन्हें घर में घुसने नहीं दिया। इसके बाद वह अपनी ससुराल नेपाल के सप्तरी जिला के भारदह पहुंची। वहां से भैंसुर, देवर और गोतनी ने भगा दिया। इसके बाद से अपने मायके में रह रही हूं।’ कौन हैं उदित नारायण की दूसरी पत्नी दीपा? उदित नारायण की दूसरी पत्नी दीपा गहतराज नेपाल से हैं। वह फिल्म इंडस्ट्री में करियर बनाने मुंबई गई थीं। उदित भी सिंगर बनने गए थे। दोनों मुंबई में मिले और प्यार करने लगे। पहले से शादीशुदा होने पर भी उदित ने दीपा से विवाह कर लिया। शादी के एक साल बाद दीपा मां बनीं। उनके बेटे का नाम आदित्य नारायण है। कौन हैं उदित नारायण? उदित नारायण का जन्म बिहार के सुपौल जिले के बायस गोठ गांव में हुआ था। उनके किसान पिता हरिकृष्ण झा चाहते थे कि वे डॉक्टर या इंजीनियर बनें। उनकी मां भुवनेश्वरी देवी एक लोक गायिका रही हैं। उदित ने बचपन में रेडियो पर लता मंगेशकर, मोहम्मद रफी और किशोर कुमार जैसे सिंगर्स को सुन-सुनकर गाना सीखा। गांव के मेलों में गाकर 4-5 रुपए कमाते थे। 10वीं तक पढ़ाई बिहार में की। बाद में काठमांडू में नेपाल रेडियो से गाने की शुरुआत की, जहां वे दिन में रेडियो पर गाते और रात में पढ़ाई करते थे। मुंबई में 1978 में आने के बाद उदित नारायण ने भारतीय विद्या भवन से क्लासिकल संगीत की शिक्षा ली। उनके लिए बड़ा मौका तब आया, जब उन्हें मोहम्मद रफी साहब के साथ फिल्म ‘उन्नीस-बीस’ में गाने का मौका मिला। हालांकि 1978 से 1988 तक उन्हें संघर्ष करना पड़ा और छोटे-छोटे गीतों के अलावा कुछ खास मौका नहीं मिला। उनकी किस्मत फिल्म ‘कयामत से कयामत तक’ से चमकी, जिसके बाद एक गायक के रूप में उनकी सफलता का सफर शुरू हुआ।