यमुनानगर फायरिंग केस, आईलेट्स करके विदेश जाना चाहता था आरोपी:चार दिन के पुलिस रिमांड में पूछताछ जारी, अस्पताल-सिटी मॉल पर चलाई थी गोलियां

यमुनानगर में सिटी मॉल और निजी अस्पताल में सात फरवरी की रात हुई ताबडतोड फायरिंग मामले में गिरफ्तार तीनों आरोपियों से पुलिस की पूछताछ जारी है। अदालत से मिले चार दिन के पुलिस रिमांड के दौरान कई अहम खुलासे हुए हैं, जिनसे साफ हुआ है कि पूरी वारदात विदेश में बैठे गैंगस्टर नोनी राणा के इशारे पर रंगदारी के मकसद से अंजाम दी गई थी। जांच में सामने आया है कि मुख्य आरोपी पंजाब के जिला पटियाला से समाना कस्बे के गुरु तेग बहादुर निवासी गुरलाल ने 12वीं के बाद आईलेट्स की परीक्षा पास कर करीब साढ़े छह बैंड हासिल किए थे और विदेश जाने की तैयारी कर रहा था। किन्हीं कारणों से उसका विदेश जाने का सपना पूरा नहीं हो पाया। इसी दौरान वह सोशल मीडिया के माध्यम से विदेश में बैठे गैंगस्टर नोनी राणा के संपर्क में आया। गैंगस्टर ने उसे विदेश बुलाने का झांसा देकर अपराध की दुनिया में धकेल दिया और यमुनानगर में फायरिंग की वारदात को अंजाम देने के लिए तैयार किया। सोशल मीडिया से जोड़े गए साथी, 50 हजार का लालच पूछताछ में खुलासा हुआ है कि गुरलाल को ऐसे युवकों को साथ जोड़ने के लिए कहा गया था जो कम पढ़े-लिखे हों और फायरिंग करने को तैयार हो जाएं। इसके बाद उसने सोशल मीडिया के जरिए करनाल के तरावड़ी निवासी नितिन और सागर को अपने साथ मिला लिया। तीनों आरोपियों को हथियार उपलब्ध कराए गए और वारदात के बदले 50 हजार रुपये देने का वादा किया गया। इसके बाद तीनों बाइक पर यमुनानगर पहुंचे और निजी अस्पताल तथा सिटी मॉल पर फायरिंग की घटना को अंजाम दिया। मुठभेड़ के बाद गिरफ्तारी, नेटवर्क की जांच तेज घटना के अगले ही दिन आठ फरवरी की सुबह पुलिस ने गांव सुड़ैल के पास मुठभेड़ के दौरान तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया था। जिसने दो पिस्टल व चार मोबाइल फोन बरामद हुए थे। अब पुलिस मोबाइल डेटा, सोशल मीडिया संपर्क और आर्थिक लेन-देन की जांच कर पूरे गैंग नेटवर्क तक पहुंचने की कोशिश कर रही है। जेल में बंद बदमाश को प्रोडक्शन वारंट पर लिया मामले में पुलिस ने कुरुक्षेत्र जेल में बंद बदमाश नैना उर्फ हिम्मत सिंह को भी प्रोडक्शन वारंट पर लिया है। पूछताछ में सामने आया है कि वारदात में उसकी भी संलिप्तता रही और हथियार उपलब्ध कराने में उसकी भूमिका हो सकती है। बताया जा रहा है कि हिम्मत सिंह करीब तीन साल तक अमेरिका में रह चुका है और उसके गैंगस्टर नेटवर्क से जुड़े तार खंगाले जा रहे हैं। सीआईए-2 इंचार्ज राकेश कुमार के अनुसार रिमांड के दौरान यह पता लगाया जा रहा है कि विदेश में बैठे गैंगस्टर से संपर्क कैसे हुआ, हथियार किस चैनल से पहुंचे और इस साजिश में और कौन-कौन शामिल है। जांच एजेंसियां साइबर और क्राइम यूनिट की मदद से पूरे नेटवर्क को खंगाल रही हैं। उम्मीद है कि पूछताछ में रंगदारी गिरोह के बड़े नेटवर्क का खुलासा हो सकता है।

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