हिमाचल प्रदेश विधानसभा का बजट सेशन आज दोपहर बाद 2 बजे से शुरू हो रहा है। इसकी शुरुआत राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल के अभिभाषण से होगी। अभिभाषण के बाद शोकोद्गार होगा। सदन की कार्यवाही के पहले ही दिन संसदीय कार्य मंत्री हर्षवर्धन चौहान सदन में राजस्व घाटा अनुदान (RDG) बंद किए जाने पर चर्चा के लिए प्रस्ताव लाएंगे। हालांकि, विपक्ष परंपरा के अनुसार- राज्यपाल के अभिभाषण पर चर्चा के लिए अड़ सकता है। इससे सदन में हंगामे के आसार है, क्योंकि 3 दिन पहले भी ऑल पार्टी मीटिंग में बीजेपी पहले ही कह चुकी है कि RDG परमानेंट नहीं थी। यह 17 राज्यों की बंद हुई है। फिलहाल, हिमाचल विधानसभा बजट सेशन में अभी 3 मीटिंग तय (16 से 18 फरवरी) है। प्रदेश के इतिहास में पहली बार बजट सत्र दो चरणों में हो रहा है। दूसरे चरण की तारीख अभी तय होनी है।
नगर निगम संशोधन विधेयक और भू-संपदा विनयमन प्रस्तुत होंगे सदन में हिमाचल प्रदेश नगर निगम (द्वितीय संशोधन) विधेयक 2025 को पुनर्विचार के लिए रखा जाएगा। इस विधेयक के तहत नगर निगम के महापौर और उप महापौर के कार्यकाल को बढ़ाकर पांच साल करने का प्रावधान किया गया है। तकनीकी शिक्षा मंत्री राजेश धर्माणी भू-संपदा (विनयमन और विकास हिमाचल) हिमाचल प्रदेश संशोधन विधेयक 2025 को पुनर्विचार के लिए रखेंगे। इसमें रेरा अध्यक्ष के चयन पैनल से मुख्य न्यायाधीश को हटाकर नियुक्ति प्रक्रिया को कार्यपालिका के अधीन करने का प्रावधान है। इसमें फिर संशोधन किया जा सकता है। विस सचिवालय को मिले 125 सवाल स्पीकर कुलदीप सिंह पठानिया ने बताया कि विधानसभा सचिवालय को अब तक 125 प्रश्न मिले हैं। इनमें 111 प्रश्न तारांकित और 14 प्रश्न अतारांकित हैं। इनमें ज्यादातर सवाल स्कूलों का विलय, सड़कों, पुलों का निर्माण, स्वीकृत सड़कों की डीपीआर, इंदिरा गांधी प्यारी बहना सुख सम्मान निधि, विभिन्न विभागों में रिक्त पद, टूरिज्म, पेयजल की आपूर्ति, नशे की रोकथाम, बढ़ते आपराधिक मामलों पर आधारित प्रश्न हैं। कांग्रेस-भाजपा विधायक दल मीटिंग इससे पहले, सीएम सुखविंदर सिंह सुक्खू कांग्रेस विधायक दल की मीटिंग लेंगे, जबकि नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर बीजेपी विधायक दल की मीटिंग की में सरकार को घेरने की रणनीति बनाएंगे। वगहीं सत्तारूढ़ कांग्रेस बजट सेशन के दौरान विपक्ष के हमलों का जवाब देने की रणनीति बनाएगा। स्पीकर ऑल पार्टी मीटिंग लेंगे दोपहर एक बजे स्पीकर कुलदीप सिंह पठानिया ऑल पार्टी मीटिंग लेंगे। इसमें दोनों दलों से सत्र चलाने की अपील की जाएगी।