हरियाणा में हिसार जिले के गांव मिंगनीखेड़ा के रहने वाला और फिट इंडिया के एंबेसडर पर्वतारोही नरेंद्र कुमार परीक्षा में नकल करवाते पकड़ा गया है। उसने छत्तीसगढ़ के रायपुर शहर में राष्ट्रीय स्तर की गेट (इंजीनियरिंग स्नातक योग्यता परीक्षा) में एक परीक्षार्थी को नकल करवा रहा था। पुलिस ने परीक्षा केंद्र के बाहर से उसे उसके साथियों के साथ दबोचा है। बताया जा रहा है कि नरेंद्र ने पेपर साल्व करवाने के लिए दो लाख रुपए लिए थे। परीक्षा केंद्र के बाहर खड़े होकर पर्वतारोही सहित हरियाणा के पांच अन्य युवकों के साथ ब्लू-टूथ डिवाइस के जरिए प्रश्नों के उत्तर लिखवा रहे थे। सीएम सैनी कर चुके सम्मानित छत्तीसगढ़ की रायपुर की डीडी नगर थाना की टीम ने छह आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया। पर्वतारोही के पेपर साल्वर की भूमिका में गिरफ्तार किए जाने का पता जब गांव वालों को लगा, तो वे भी हैरान थे। चारों तरफ यही चर्चा चल रही है कि पर्वतारोही संपन्न परिवार से संबंध रखते हैं और उनकी कामयाबी पर अप्रैल 2025 में प्रदेश के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी उन्हें सम्मानित भी कर चुके हैं। फिट इंडिया का एंबेसडर भी बनाया गया था।
पिता एक्साइज एंड टैक्सेशन विभाग से ईटीओ पद से सेवानिवृत्त जानकारी के अनुसार नरेंद्र के पिता मिंगनीखेड़ा के सुभाष चंद्र एक्साइज एंड टैक्सेशन विभाग से ईटीओ पद से सेवानिवृत्त हैं। वे अपने परिवार के साथ गांव में ही रहते हैं। उनका बड़ा बेटा एचएसवीपी में जेई के पद पर कार्यरत है। उनकी बड़ी बहू पत्नी चौधरी हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय में विज्ञानी है। सुभाष चंद्र का दूसरा बेटा भी सरकारी विभाग में जेई के पद पर है। पत्नी सरकारी बीएमएस डाक्टर है। छोटा बेटा नरेंद्र कुमार पर्वतारोही है, जो विश्व की कई ऊंची चोटी को फतह कर वहां पर तिरंगा लहरा चुका है। जेईई की परीक्षा पास कर चुका नरेंद्र बता दें कि नरेंद्र ने जेईई की परीक्षा भी पास की है। भरापूरा परिवार होने के बाद भी पर्वतारोही ने पेपर साल्व करने की ठानी। अब रायपुर की पुलिस आरोपित नरेंद्र को गिरफ्तार कर पूछताछ कर रही है। पर्वतारोही नरेंद्र कुमार कई खतरनाक चोटियों पर चढ़ाई करने और भारत का तिरंगा फरा चुका है, जिनमें माउंट एल्ब्रस (यूरोप) भी शामिल है। उन्होंने 2019 में अपनी यात्रा शुरू की और अन्नपूर्णा, मनास्लू और किलिमंजारो जैसी प्रमुख चोटियों पर तिरंगा झंडा फहराया। उन्होंने 2025 में यूरोप की सबसे ऊंची चोटी माउंट एल्ब्रस पर चढ़ाई की। 2025 में ही विश्व की आठवीं सबसे ऊंची चोटी माउंट मनास्लू तिरंगा फहराया। इसके अलावा माउंट अन्नापूर्णा के खतरनाक शिखर पर भी तिरंगा फहराया था।