आम आदमी पार्टी (आप) की नेता और गांव कालझरानी की सरपंच सतवीर कौर को कोर्ट से झटका लगा है। बठिंडा की कोर्ट ने 16 फरवरी को उनकी अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी। सतवीर कौर रिश्वतखोरी के आरोपों में घिरी हैं। पंजाब विजिलेंस ब्यूरो ने सतवीर कौर के खिलाफ भ्रष्टाचार के आरोप में केस दर्ज किया था। आरोप है कि उन्होंने एक युवक को वन विभाग के चेयरमैन राकेश पुरी का ड्राइवर लगवाने के बदले उसकी सैलरी से हर महीने अवैध वसूली की। यह FIR जतिंदर सिंह निवासी गांव भगवानगढ़ (भुखियावाली), तहसील तलवंडी साबो की शिकायत पर दर्ज की गई। शिकायत में चेयरमैन राकेश पुरी का नाम भी सामने आया है। विजिलेंस अधिकारियों का कहना है कि जांच में भूमिका सामने आने पर उन्हें भी नामजद किया जाएगा। शिकायतकर्ता जतिंदर सिंह ने बताया कि नौकरी के लिए उसने सतवीर कौर से संपर्क किया था। 24 जुलाई 2023 को उसे पंजाब एक्स-सर्विसमैन कॉर्पोरेशन के जरिए पंजाब स्टेट फॉरेस्ट डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन में आउटसोर्सिंग स्कीम के तहत ड्राइवर के रूप में लगाया गया था। शिकायतकर्ता बोला- हर महीने 10 हजार रुपये की मांग थी उसकी ड्यूटी चेयरमैन राकेश पुरी के साथ लगाई गई थी। आरोप है कि सतवीर कौर ने हर महीने 10 हजार रुपये की मांग की, जो बाद में 8500 रुपये पर तय हुई। जब शिकायतकर्ता ने पैसे देने से इनकार किया तो अक्टूबर 2023 में उसे नौकरी से हटा दिया गया। इस दौरान जतिंदर सिंह ने पैसों की मांग से जुड़ी ऑडियो-वीडियो रिकॉर्डिंग सबूत के तौर पर तैयार कर ली थी। उसने 11 ऑडियो-वीडियो रिकॉर्डिंग विजिलेंस को सौंपी हैं। विजिलेंस ब्यूरो ने आरोपी सतवीर कौर को जांच में शामिल होने के लिए नोटिस जारी किया था, जिसकी मियाद 17 फरवरी तक थी। जांच के दौरान शिकायतकर्ता ने 11 ऑडियो और वीडियो रिकॉर्डिंग विजिलेंस ब्यूरो को सौंपीं। इनकी ट्रांसक्रिप्ट उसकी मौजूदगी में तैयार की गई। रिकॉर्डिंग में रुपये लेने का जिक्र रिकॉर्डिंग में सतवीर कौर द्वारा 8500 रुपये मासिक लेने की बात स्वीकार करने और पहले 10 हजार रुपये लेने का जिक्र सामने आया है। कुछ रिकॉर्डिंग में राकेश पुरी से हुई बातचीत भी शामिल है, जिसमें नौकरी और पैसों पर चर्चा सुनी गई है। विजिलेंस जांच में प्रथम दृष्टया सामने आया कि सतवीर कौर ने अपने राजनीतिक प्रभाव और संबंधों का इस्तेमाल कर नौकरी दिलाने के बदले अवैध पैसे मांगे। इसी आधार पर उसके खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 की धारा 7-ए के तहत मामला दर्ज किया गया है। राकेश पुरी की भूमिका की भी होगी जांच मामले की जांच कर रही इंस्पेक्टर राजनदीप कौर ने बताया था कि आरोपी को पकड़ने के लिए लगातार दबिश दी जा रही है और उसे जल्द गिरफ्तार किया जाएगा। साथ ही राकेश पुरी की भूमिका की भी गहन जांच की जाएगी। जांच में किसी अन्य अधिकारी या कर्मचारी की संलिप्तता सामने आने पर उसे भी केस में नामजद किया जाएगा।