भास्कर न्यूज | जालंधर सिटी के सरकारी स्वास्थ्य केंद्र सिविल अस्पताल के परिसर में बने सरकारी क्वार्टरों की बदहाली से मुलाजिम परेशान हैं। अस्पताल परिसर में 50 से अधिक सरकारी आवास हैं, लेकिन लंबे समय से रखरखाव न होने के कारण वे जर्जर हो गए हैं। हालात इतने खराब हैं कि बंद क्वार्टरों में गंदगी भी फैली हुई है। इन क्वार्टरों की स्थिति इतनी दयनीय हो गई है कि हल्की बारिश में छतों से पानी टपकना आम बात बन गई है। दीवारों में गहरी सीलन और दरारें ढांचे को कमजोर कर रही हैं। मुलाजिमों का कहना है कि वे कई बार अस्पताल प्रशासन से मेंटेनेंस की मांग कर चुके हैं, लेकिन सिर्फ आश्वासन ही मिला। उन्होंने मांग की है कि खाली पड़े क्वार्टरों की सफाई करवाई जाए और सभी सरकारी क्वार्टरों की मरम्मत की जाए। कई क्वार्टर इतने जर्जर हैं कि कोई भी मुलाजिम रहने के लिए तैयार नहीं है। पिछले दस साल से क्वार्टरों की देखभाल नहीं हुई है और मजबूरी में कर्मचारी अपने खर्च से मरम्मत कराते हैं। अतिक्रमण भी हुआ सरकारी क्वार्टरों के परिसर में कई मकान खाली पड़े हैं और गंदगी फैल गई है। खाली कमरों में भारी गंदगी जमा है। कुछ लोग अपने क्वार्टरों के बाहर अस्थायी शेड बना चुके हैं और अतिक्रमण कर लिया है। अपनी ड्यूटी के जरिए दूसरों को स्वस्थ रखने वाले कर्मचारी खुद अस्वस्थ और असुरक्षित माहौल में रह रहे हैं। जर्जर छतों के गिरने का डर और चारों तरफ फैली गंदगी ने कर्मचारियों और उनके परिवारों का जीवन मुश्किल बना दिया है।