महेंद्रगढ़ जिले के नारनौल के सीआरपीएफ के जवान ने सोमवार को मध्यप्रदेश के शिवपुरी में आत्महत्या कर ली। जवान के आत्महत्या के कारणों का पता नहीं चला है। उसकी आत्महत्या की सूचना मिलने के बाद गांव में शोक की लहर दौड़ गई। जवान का आज पैतृक गांव में अंतिम संस्कार किया गया। जिसमें काफी संख्या में लोग शामिल हुए। गांव बड़कौदा के 48 वर्षीय जोगेंद्र सिंह 2004 में सीआरपीएफ में लगे थे। जिसके बाद उनकी देश के अनेक राज्यों में ड्यूटी रही, वे फिलहाल मध्यप्रदेश के शिवपुरी में तैनात थे तथा कांस्टेबल के पद पर कार्यरत थे। शिवपुरी में की आत्महत्या सोमवार को जोगेंद्र सिंह ने अज्ञात कारणों के चलते अपने ड्यूटी के स्थान शिवपुरी में अज्ञात कारणों के चलते आत्महत्या कर ली। जोगेंद्र सिंह के आत्महत्या करने की सूचना परिजनों को शाम को दी गई। वहीं शव को पैतृक गांव बडकौदा पहुंचाया गया। कारणों का नहीं खुलासा गांव के सरपंच सहेंद्र सिंह ने बताया कि जोगेंद्र सिंह ने करीब 22 वर्षों तक देश की सेवा की है। उन्होंने बताया कि उनका स्वभाव बहुत ही अच्छा था। जोगेंद्र सिंह ने सुसाइड क्यों किया, इसका परिजनों को अभी पता नहीं चला है। बेटा बिजली निगम में लाइनमैन सरपंच ने बताया कि जोगेंद्र सिंह के दो लड़के व एक लड़की है। दोनों लड़कों में एक लड़का दक्षिणी हरियाणा बिजली वितरण निगम में लाइनमैन लगा हुआ है, जबकि दूसरा लड़का अभी पढ़ाई कर रहा है। वहीं लड़की की शादी हो चुकी है। पिता भी सीआरपीएफ से रिटायर्ड जोगेंद्र सिंह के पिता लालचंद भी सीआरपीएफ से रिटायर हुए थे। मां व पिता दोनों ही जिंदा हैं तथा जमीदारा करते हैं। मृतक की पत्नी घरेलू महिला है। उन्होंने बताया कि जोगेंद्र कुमार का आज सुबह अंतिम संस्कार कर दिया गया। जिसमें स्थानीय पुलिस व सीआरपीएफ की टुकड़ी शामिल रही। सीआरपीएफ के करीब आठ जवान डेडबॉडी के साथ आए थे। उन्होंने यहां पर आकर कागजी कार्रवाई को पूरा किया है।