पंचकूला के भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (ITBP) के प्रशिक्षण केंद्र में मंगलवार को पासिंग आउट परेड का आयोजन किया गया। इस अवसर पर 500 प्रशिक्षु सैनिकों ने 44 सप्ताह की कठोर और अनुशासित प्रशिक्षण अवधि को सफलतापूर्वक पूरा किया। खास बात यह रही कि यह बैच पूरी तरह से महिला कैडेट का रहा, जो ITBP में महिलाओं की बढ़ती भागीदारी को दर्शाता है। इन जवानों का प्रशिक्षण 7 फरवरी 2025 को शुरू हुआ था। परेड की सलामी ITBP के महानिदेशक शत्रुजीत कपूर ने ली। कार्यक्रम के दौरान उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रशिक्षार्थियों को विशेष पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया। 71 प्रतिशत ग्रेजूएट-पोस्ट ग्रेजुएट
पास आउट होने वाले जवानों में 318 ग्रेजुएट, 42 पोस्ट ग्रेजुएट और बी-टेक डिग्रीधारी प्रशिक्षार्थी शामिल हैं। राज्यवार भर्ती के लिहाज से उत्तराखंड से सबसे अधिक जवान इस बैच में शामिल रहे, जो प्रशिक्षण केंद्र की राष्ट्रीय विविधता को दर्शाता है। दीक्षा भगोली सर्वश्रेष्ण कैडेट परेड की कमान कॉन्स्टेबल अटलकम मीनाक्षी, प्रथम वाहिनी ने संभाली। कॉन्स्टेबल दीक्षा भगोली, 21वीं वाहिनी को सर्वश्रेष्ठ प्रशिक्षणार्थी घोषित किया गया। मुख्य अतिथि शत्रुजीत कपूर ने कहा कि आज आप सभी प्रशिक्षणार्थी अपनी बेसिक ट्रेनिंग पूर्ण करने के उपरांत इस बल के हिमवीर परिवार में एक प्रशिक्षित सदस्य के रूप में शामिल हो गए हैं। अशोक नेगी, महानिरीक्षक द्वारा सभी प्रशिक्षणार्थियों का समय-समय पर मनोबल बढ़ाया गया है और उनके नेतृत्व में प्राथमिक प्रशिक्षण केन्द्र के प्रशिक्षकों द्वारा अति कठिन परिश्रम तथा लगन से शारीरिक और मानसिक रूप से सक्षम बनाने के उदद्देश्य से इन प्रशिक्षणार्थियों को ड्रिल, वैपन और मैप रीडिंग इत्यादि विषयों पर 44 सप्ताह का कठोर प्रशिक्षण दिया गया।